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दाड़लाघाट में दीपिका की दोनों किडनी खराब
Updated Wed, 14 Mar 2018 10:53 PM IST
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किडनी ट्रांसप्लांट में आएगा 19 लाख रुपये का खर्च
- फोटो : अमर उजाला
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अमर उजाला ब्यूरो
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अर्की (सोलन)।
जिस उम्र में बेटी का घर बसाने की चिंता माता-पिता को होती है, उस उम्र में बेटी की उजड़ती जिंदगी देख कलेजा मुंह को आ रहा है। 16 वर्ष की बेटी की दोनों किडनी खराब हो गई हैं। परिवार महंगे इलाज करवाने में समर्थ नहीं है। किडनी तो मां देने को तैयार है लेकिन इलाज के लिए पैसे नहीं हैं। ऊपर से सिर पर बाप का साया भी नहीं है।
बीमार दीपिका की मां ने बताया कि डॉक्टरों ने किडनी ट्रांसप्लांट के लिए एक महीने का समय दिया है। इलाज पर करीब 19 लाख रुपये का खर्च आएगा। उसने बताया कि अगर समय रहते उसका इलाज नहीं किया गया तो कुछ भी हो सकता है। गरीब मां के पास लाखों तो दूर पर हजारों रुपये भी नहीं हैं। अमरा देवी ने सरकार से मांग की है कि इस कठिन समय में वह उसकी सहायता करे।
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दाड़लाघाट के नजदीक कशलोग पंचायत के फगवाना गांव की अमरा देवी की बेटी दीपिका पुत्री स्व. खेम चंद दाड़लाघाट स्कूल में 10वीं में पढ़ाई कर रही है। दीपिका चार साल से बीमार है। उसकी दाड़लाघाट अस्पताल और प्राइवेट क्लीनिक में जांच और उपचार करवाया गया। गरीब मां ने बेटी के इलाज के लिए इधर-उधर खूब हाथ पांव मारे लेकिन मर्ज बढ़ता ही गया। करीब दो लाख रुपये खर्च होने के बाद अब उसकी दोनों किडनियां खराब बताई र्गइं। परिवार की सारी आस टूट गई है। किडनी देने के लिए मां तैयार है लेकिन महंगे उपचार का सामर्थ्य नहीं है।
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परिवार की हालत खराब
अमरा देवी के एक जेठ हैं। परिवार की माली हालत पहले से खराब थी और अब बेटी के बीमार होने और उस पर हो रहे खर्च ने पूरा परिवार पाई-पाई को मोहताज हो गया है।
सरकारी मदद मिलनी चाहिए
पंचायत प्रधान वेद ठाकुर का कहना है कि अमरा देवी की आर्थिक हालत काफी खराब है। क्षेत्र में किडनी की बीमारी लगातार बढ़ रही है। इसके लिए सरकारी मदद का प्रावधान होना चाहिए और चिकित्सक को ही इसकी जानकारी देनी चाहिए। इसके बाद उपचार मुफ्त होने का नियम बने। प्रधान का यह भी कहना है कि इस लड़की को सरकारी सहायता के साथ अन्य संस्थाएं भी इस गरीब की मदद करें तो इस मासूम की जिंदगी बच सकती है।