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सोलन में व्यापारियों के विरोध के बीच टूटे अवैध कब्जे, तीसरे दिन जारी रही कार्रवाई
Updated Sun, 30 Jul 2017 11:11 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
सोलन। व्यापारियों के छिटपुट विरोध के बीच मालरोड से कब्जे हटाने का अभियान प्रशासन ने तीसरे दिन भी जारी रखा। लोक निर्माण विभाग की अगुवाई में कब्जे तोड़ने में जुटी टीम ने सुबह मालरोड का मुआयना किया और यहां चिह्नित किए गए कब्जों का दोबारा आकलन किया। जिन कब्जों को दुकानदारों ने खुद हटाया था, उनकी पैमाइश की गई। ज्यादा जगह घेरे होने पर इन कब्जों को विभाग ने खुद तोड़ना शुरू कर दिया। दुकानदारों और लोक निर्माण विभाग कर्मचारियों के बीच बहस भी हो गई। बहस से आहत कर्मचारियों ने कुछ देर के लिए काम बंद कर दिया लेकिन बाद में विभाग के अधिकारियों के मनाने पर कर्मचारी काम पर वापस लौट आए। सोलन शहर में विभाग ने नालियों के ऊपर चिह्नित कब्जों को हटा दिया है। होईकोर्ट के आदेश पर शुरू हुई कब्जे हटाने की मुहिम को प्रशासन ने समरून चौक तक जारी रखने की बात कही है। सोमवार तक हर हाल में माल रोड को कब्जा मुक्त करने की बात कही है। मालरोड पर लोक निर्माण विभाग की निशानदेही से शुरूआत में 29 कब्जे अवैध घोषित किए गए थे। नालियों पर बनाई गई सीढ़ियों को अस्थायी कब्जे में लिया था। लोक निर्माण विभाग के कनिष्ठ अभियंता डीएस ठाकुर ने बताया कि कुछ व्यापारी सहयोग कर रहे हैं जबकि कुछ उनकी टीम के साथ उलझ रहे हैं। वे फ्रंट लाइन पर हैं और उन्हें व्यापारियों के विरोध का सीधा सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में उनके कर्मचारियों की सुरक्षा कड़ी न हुई तो कब्जे हटाने का काम रोकना भी पड़ सकता है।
व्यापारियों को करना होगा सहयोग : उपायुक्त
उपायुक्त राकेश कंवर का कहना है कि हाईकोर्ट के आदेश पर प्रशासन की निगरानी में कब्जे हटाने की मुहिम छेड़ी गई है। व्यापारी सहयोग से काम करेंगे तो प्रशासन या लोक निर्माण विभाग को सख्ती नहीं करनी पड़ेगी और इससे नुकसान भी कम होगा। यदि कोई विरोध करता है या कब्जे नहीं छोड़ने की कोशिश करता है तो उसे खदेड़ने के अलावा कोई चारा नहीं है।
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सोलन। व्यापारियों के छिटपुट विरोध के बीच मालरोड से कब्जे हटाने का अभियान प्रशासन ने तीसरे दिन भी जारी रखा। लोक निर्माण विभाग की अगुवाई में कब्जे तोड़ने में जुटी टीम ने सुबह मालरोड का मुआयना किया और यहां चिह्नित किए गए कब्जों का दोबारा आकलन किया। जिन कब्जों को दुकानदारों ने खुद हटाया था, उनकी पैमाइश की गई। ज्यादा जगह घेरे होने पर इन कब्जों को विभाग ने खुद तोड़ना शुरू कर दिया। दुकानदारों और लोक निर्माण विभाग कर्मचारियों के बीच बहस भी हो गई। बहस से आहत कर्मचारियों ने कुछ देर के लिए काम बंद कर दिया लेकिन बाद में विभाग के अधिकारियों के मनाने पर कर्मचारी काम पर वापस लौट आए। सोलन शहर में विभाग ने नालियों के ऊपर चिह्नित कब्जों को हटा दिया है। होईकोर्ट के आदेश पर शुरू हुई कब्जे हटाने की मुहिम को प्रशासन ने समरून चौक तक जारी रखने की बात कही है। सोमवार तक हर हाल में माल रोड को कब्जा मुक्त करने की बात कही है। मालरोड पर लोक निर्माण विभाग की निशानदेही से शुरूआत में 29 कब्जे अवैध घोषित किए गए थे। नालियों पर बनाई गई सीढ़ियों को अस्थायी कब्जे में लिया था। लोक निर्माण विभाग के कनिष्ठ अभियंता डीएस ठाकुर ने बताया कि कुछ व्यापारी सहयोग कर रहे हैं जबकि कुछ उनकी टीम के साथ उलझ रहे हैं। वे फ्रंट लाइन पर हैं और उन्हें व्यापारियों के विरोध का सीधा सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में उनके कर्मचारियों की सुरक्षा कड़ी न हुई तो कब्जे हटाने का काम रोकना भी पड़ सकता है।
व्यापारियों को करना होगा सहयोग : उपायुक्त
उपायुक्त राकेश कंवर का कहना है कि हाईकोर्ट के आदेश पर प्रशासन की निगरानी में कब्जे हटाने की मुहिम छेड़ी गई है। व्यापारी सहयोग से काम करेंगे तो प्रशासन या लोक निर्माण विभाग को सख्ती नहीं करनी पड़ेगी और इससे नुकसान भी कम होगा। यदि कोई विरोध करता है या कब्जे नहीं छोड़ने की कोशिश करता है तो उसे खदेड़ने के अलावा कोई चारा नहीं है।
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