{"_id":"5b2fa90f4f1c1bc2378b59be","slug":"41529850127-solan-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"छोटे वाहनों की आवाजाही से लोगों का चलना हुआ मुश्किल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
छोटे वाहनों की आवाजाही से लोगों का चलना हुआ मुश्किल
Updated Sun, 24 Jun 2018 10:43 PM IST
विज्ञापन
- फोटो : amarujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन
सोलन। शूलिनी मेले के आखिरी दिन शहर में लोगों को चलने तक की जगह नहीं मिली। कोटलानाला से लेकर मालरोड तक भीड़ लगी रही। भीड़ अधिक होने और राजगढ़ मार्ग पर ट्रैफिक चलने से लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
गौरतलब है कि प्रशासन ने मेले के अंतिम दिन राजगढ़ मार्ग पर छोटे वाहनों की आवाजाही को चलाए रखा। पुलिस ने तीन दिनों तक बड़े वाहनों को कोटलानाला तक ही आने दिया। इस मार्ग पर ट्रैफिक के साथ चलने में बच्चों और बुर्जुगों को भारी दिक्कतें पेश आईं। साथ ही भीड़ के चलते जाम ने भी वाहन चालकों के पसीने बहाए।
विज्ञापन
राज्य स्तरीय मेले के अंतिम दिन लोगों को सड़कों पर चलना मुश्किल हो गया। कोटलानाला से पुराने उपायुक्त चौक तक लोगों को भारी परेशानी हुई। मेले के दौरान छोटे वाहनों को भी चलाए रखने से राहगीर अपने को बचाते बचाते सड़क पर चलते दिखे। गौर रहे कि प्रशासन की ओर से रविवार को भी कोटलानाला से छोटे वाहनों की आवाजाही को जारी रखा। इसके चलते मेले में आए लाखों लोगों को पैदल चलने में भारी दिक्कतें हुई। गौरतलब है कि मेले के आखिरी दिन दूरदराज से लोग सोलन का मेला देखने के लिए आते हैं ऐसे में भीड़ के साथ ट्रैफिक होने के कारण हर वर्ष लोगों को इस परेशानी का सामना करना पड़ता है।
विज्ञापन
सुबह से लगा रहा जाम
मेले के आखिरी दिन सुबह से ही कोटलानाला से लेकर पुराने उपायुक्त कार्यालय तक वाहनों का जाम लगा रहा। इस दौरान पुलिस कर्मचारियों के भी पसीने छूट गए। दोपहर को तो बड़ी मुश्किल से गाड़ियां रेंगते-रंगते गंतव्य तक पहुंच र्पाइं। मेले में आए लोगों ने कहा कि प्रशासन को आखिरी दिन राजगढ़ मार्ग पर छोटे वाहनों को भी बंद करना चाहिए था।