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सोलन में 40 युवाओं ने किया रक्तदान
Updated Tue, 02 Jan 2018 10:00 PM IST
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सोलन। क्षेत्रीय अस्पताल सोलन के रक्त बैंक में चल रही खून की किल्लत दूर करने के लिए व्यापार मंडल सोलन ने मंगलवार को रक्तदान शिविर का आयोजन किया। इस मौके पर 40 युवाओं ने रक्तदान किया। रक्त बैंक में बहुत कम मिलने वाले खून के लिए 10 युवाओं को जरूरत पड़ने पर उन्हें फोन कर बुलाया जाएगा। इन्हें
वैकल्पिक सहायता के लिए रखा है। इस मौके पर 26 बार रक्तदान करने वाले यशपाल कपूर ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। 37 बार रक्तदान कर चुके रोहित बट्टू, पवन गुप्ता और इंजीनियर नमित गुप्ता विशेष अतिथि के रूप में मौजूद रहे। रक्तदान करने वाले युवाओं को प्रमाणपत्र और गुलाब का फूल देकर सम्मानित किया गया। व्यापार मंडल के प्रधान मुकेश गुप्ता ने कहा कि भविष्य में भी अस्पताल प्रशासन जरूरत पड़ने पर सहयोग करता रहेगा।
जोनल अस्पताल का ब्लड बैंक खाली हो गया था। इसके चलते रोगियों को ब्लड देने से पहले डोनर की जरूरत पड़ रही थी। आमतौर पर रक्त बैंक में 40 से 50 यूनिट खून उपलब्ध रहने से रोगियों को रक्त देने की स्थिति में डोनर की आवश्यकता नहीं रहती। दो महीनों से रक्तदान शिविर नहीं लगने से अस्पताल में हर प्रकार के ब्लड ग्रुप की किल्लत चल रही है। व्यापारमंडल सोलन ने अस्पताल में चल रही रक्त की कमी को पूरा करने के लिए व्यापार मंडल सोलन ने शहर में रक्तदान शिविर के आयोजन का निर्णय लिया। इसमें युवाओं का भारी उत्साह देखने को मिला।
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सर्दियों के मौसम में बहुत कम सामाजिक संस्थाएं रक्तदान शिविर का आयोजन करती हैं। इससे अस्पताल में रक्त की मांग बढ़ जाती है। अस्पताल के रक्त बैंक से नालागढ़, अर्की और परवाणू स्थित स्टोर यूनिट की मांग भी पूरी होती है। अस्पताल में गर्भवती महिलाओं की सीजेरियन डिलिवरी करने, एनीमिया ग्रस्त रोगियों को चढ़ाने और दुर्घटना में घायलों को तत्काल खून की जरूरत रहती है। इसी तरह कई बार नवजात बच्चों को भी ब्लड की जरूरत होती है। इस मौके पर इस मौके पर मनोज गुप्ता, रमेश बंसल, जोनल अस्पताल सोलन के सीनियर एमएस डॉ. महेश गुप्ता और डॉ. मुक्ता रस्तोगी समेत अन्य मौजूद रहे।
वैकल्पिक सहायता के लिए रखा है। इस मौके पर 26 बार रक्तदान करने वाले यशपाल कपूर ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। 37 बार रक्तदान कर चुके रोहित बट्टू, पवन गुप्ता और इंजीनियर नमित गुप्ता विशेष अतिथि के रूप में मौजूद रहे। रक्तदान करने वाले युवाओं को प्रमाणपत्र और गुलाब का फूल देकर सम्मानित किया गया। व्यापार मंडल के प्रधान मुकेश गुप्ता ने कहा कि भविष्य में भी अस्पताल प्रशासन जरूरत पड़ने पर सहयोग करता रहेगा।
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जोनल अस्पताल का ब्लड बैंक खाली हो गया था। इसके चलते रोगियों को ब्लड देने से पहले डोनर की जरूरत पड़ रही थी। आमतौर पर रक्त बैंक में 40 से 50 यूनिट खून उपलब्ध रहने से रोगियों को रक्त देने की स्थिति में डोनर की आवश्यकता नहीं रहती। दो महीनों से रक्तदान शिविर नहीं लगने से अस्पताल में हर प्रकार के ब्लड ग्रुप की किल्लत चल रही है। व्यापारमंडल सोलन ने अस्पताल में चल रही रक्त की कमी को पूरा करने के लिए व्यापार मंडल सोलन ने शहर में रक्तदान शिविर के आयोजन का निर्णय लिया। इसमें युवाओं का भारी उत्साह देखने को मिला।
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सर्दियों के मौसम में बहुत कम सामाजिक संस्थाएं रक्तदान शिविर का आयोजन करती हैं। इससे अस्पताल में रक्त की मांग बढ़ जाती है। अस्पताल के रक्त बैंक से नालागढ़, अर्की और परवाणू स्थित स्टोर यूनिट की मांग भी पूरी होती है। अस्पताल में गर्भवती महिलाओं की सीजेरियन डिलिवरी करने, एनीमिया ग्रस्त रोगियों को चढ़ाने और दुर्घटना में घायलों को तत्काल खून की जरूरत रहती है। इसी तरह कई बार नवजात बच्चों को भी ब्लड की जरूरत होती है। इस मौके पर इस मौके पर मनोज गुप्ता, रमेश बंसल, जोनल अस्पताल सोलन के सीनियर एमएस डॉ. महेश गुप्ता और डॉ. मुक्ता रस्तोगी समेत अन्य मौजूद रहे।