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निजी स्कूलों की मनमानी के खिलाफ हिंद मजदूर सभा खोलेगी मोर्चा
Updated Mon, 25 Dec 2017 10:40 PM IST
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शहीद बलवंतसिंह राजकीय आदर्श उच्च माध्यमिक विद्यालय
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परवाणू (सोलन)। प्रदेश के कुछ निजी स्कूलों में फीस और दाखिला प्रक्रिया को हो रही मनमानी के खिलाफ हिंद मजदूर सभा मोर्चा खोलेगी। जिला स्तर पर कमेटियों का गठन कर इसका पुरजोर विरोध किया जाएगा। यह बात हिंद मजदूर सभा के प्रदेशाध्यक्ष अमर सिंह नेगी ने कही। उन्होंने कहा कि हिमाचल के कई निजी स्कूल अभिभावकों से मनमानी फीस वसूल रहे हैं। हर साल नई एडमिशन पॉलिसी लोगों पर थोप देते हैं। मनमानी दाखिला फीस वसूली जाती है। इसके अलावा प्रत्येक माह किसी न किसी बहाने हर माह कुछ रुपये ऐंठ लेते हैं।
अधिकतर निजी स्कूलों ने अलग-अलग पालिसियां बना रखी हैं। हिंद मजदूर सभा चाहती हैं कि एक जिला स्तर का संघ बनना चाहिए और उसमें हर स्कूलों के लिए प्रस्ताव पास करें ताकि इनकी मनमानी रुक सकें। उन्होंने कहा कि इसके लिए हिंद मजदूर सभा जिला स्तर पर संघर्ष करेगी। स्कूलों के कर्मचारियों को न्यूनतम वेतन दिलाने और सभी कर्मचारी श्रमिक विभाग के दायरे में लाने के लिए आवाज बुलंद की जाएगी। इसके अलावा सभी कर्मचारियों का वेतन कैश न देकर बैंकों में खाते खुलवाकर दिया जाए।
उन्होंने कहा कि अधिकतर स्कूलों में नियमों को ठेंगा दिखाया जाता है और यहां पर तैनात कर्मचारियों की डिटेल भी नहीं होती। बस में लगे चालकों और परिचालकों के पास लाइसेंस तक नहीं होता है। ऐसे में यदि कभी कोई हादसा होता है तो इसकी जिम्मेदारी स्कूल प्रशासन की होगी। कहा कि स्कूल प्रशासन द्वारा अपने स्कूल बसों में भी क्षमता से अधिक बच्चें को भरा जाता हैं, जिसका भी हिंद मजदूर सभा विरोध करेगी। इसके अलावा उन्होंने कहा कि जिला के अधिकतर स्कूलों में सुविधाओं को भी अभाव है जबकि स्कूल प्रशासन द्वारा उनसे मनमानी फीस वसूली जाती है।
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अधिकतर निजी स्कूलों ने अलग-अलग पालिसियां बना रखी हैं। हिंद मजदूर सभा चाहती हैं कि एक जिला स्तर का संघ बनना चाहिए और उसमें हर स्कूलों के लिए प्रस्ताव पास करें ताकि इनकी मनमानी रुक सकें। उन्होंने कहा कि इसके लिए हिंद मजदूर सभा जिला स्तर पर संघर्ष करेगी। स्कूलों के कर्मचारियों को न्यूनतम वेतन दिलाने और सभी कर्मचारी श्रमिक विभाग के दायरे में लाने के लिए आवाज बुलंद की जाएगी। इसके अलावा सभी कर्मचारियों का वेतन कैश न देकर बैंकों में खाते खुलवाकर दिया जाए।
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उन्होंने कहा कि अधिकतर स्कूलों में नियमों को ठेंगा दिखाया जाता है और यहां पर तैनात कर्मचारियों की डिटेल भी नहीं होती। बस में लगे चालकों और परिचालकों के पास लाइसेंस तक नहीं होता है। ऐसे में यदि कभी कोई हादसा होता है तो इसकी जिम्मेदारी स्कूल प्रशासन की होगी। कहा कि स्कूल प्रशासन द्वारा अपने स्कूल बसों में भी क्षमता से अधिक बच्चें को भरा जाता हैं, जिसका भी हिंद मजदूर सभा विरोध करेगी। इसके अलावा उन्होंने कहा कि जिला के अधिकतर स्कूलों में सुविधाओं को भी अभाव है जबकि स्कूल प्रशासन द्वारा उनसे मनमानी फीस वसूली जाती है।
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