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चारों एनएच तैयार होने से संवरेगा पर्यटन कारोबार
ब्यूरो/अमर उजाला, सोलन
Updated Tue, 07 Jun 2016 11:53 PM IST
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केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी की सोलन में चार नए एनएच की घोषणा पर अमलीजामा पहनाया गया तो पर्यटन कारोबार से लेकर किसानों और बागवानों की आर्थिकी मजबूत होगी।
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केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी की सोलन में चार नए एनएच की घोषणा पर अमलीजामा पहनाया गया तो पर्यटन कारोबार से लेकर किसानों और बागवानों की आर्थिकी मजबूत होगी। पर्यटन व्यवसाय में पंख लेंगे। साथ ही सूबे के मुख्य स्टेशनों के अलावा पर्यटन स्थलों से अन्य प्रांतों तक कनेक्टिविटी बेहतर एवं स्पॉट होगी। ऐसे में न केवल स्टेशनों की दूरियां होंगी बल्कि रोजगार के नए साधन भी डेवलप होंगे। जिसे लेकर लोगों में खासा उत्साह है।
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नालागढ़-दभोटा- बरुणा- बघेरी- खेतरी वाल- मौरा के निर्माण से यहां न केवल रास्ते स्पॉट होंगे। बल्कि पंजाब और हरियाणा से जुडे बार्डर तक सड़क बेहतर होंगी। औद्योगिक क्षेत्र होने के चलते यहां काफी बड़े पैमाने पर सामान का आदान प्रदान होता है। ऐसे में इस सड़क के विस्तार से औद्योगिकीकरण केा बढ़ावा मिलेगा, साथ ही बरसों से जर्जर सड़क की हालत झेल रहे लोगों को भी बेहतर सड़क मिलेगी।
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कंडाघाट- साधुपुल- चायल- कुफरी सबसे अहम एनएच साबित होगा। न केवल पर्यटन कारोबार बल्कि सामरिक महत्व की दृष्टि से भी यह सड़क काफी फायदेमंद होगी।इससे न केवल पर्यटन कारोबार को पंख लगेंगे। बल्कि विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थल चायल और कुफरी की दूरी भी कम होगी। वहीं दूसरी तरफ सेब सीजन में एनएच 22 शिमला कालका के अलावा सेब मंडियों तक पहुंचाने का विकल्प होगा। वहीं सामरिक महत्व वाले एनएच 22 के अलावा बड़े सैन्य वाहनों को बिना शिमला एंट्री के इस वैकल्पिक रोड के माध्यम से हिंदोस्तान तिब्बत रोड तक पहुंचा जा सकेगा।
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सोलन- दयोठी- सुबाथू- कुनिहार वाया डुमैहर-पिपलुघाट धुंधन- भराड़ीघाट एनएच बनने से सोलन की दूरी कम होगी। बल्कि भराड़ीघाट से सोलन दो घंटे में ही पहुंचा जा सकेगा। यहां सड़कों की हालत जर्जर है। लोग जर्जर सड़कों पर सफर करने को मजबूर हैं। ऐसे में एनएच बनने से जहां किसानों को लाभ पहुंचेगा। वहीं चंडीगढ़ आदि के लिए सीधी बस सेवा का भी प्रावधान होगा और रोजगार के साधन विकसित होंगे।
सनौरा- यशवंतनगर- गौड़ा- डुबलू- जनेड़घाट- चालंदा- जुनगा-मैहली सिरमौर और सोलन को राजधानी शिमला से जोडने वाला बेहतर विकल्प होगा। सेब सीजन के दौरान मैहली से वाहन सीधे इस मार्ग से लाकर एनएच 22 के साथ कुमारहट्ी जुड़ सकेंगे। वहीं पर्यटन दृष्टि से भी यह मार्ग अहम साबित हो सका है। कृषि बाहुल वाले इन क्षेत्रों से सीधे पैदावार शिमला मंडी तक भी पहुंचाई जाएगी। जबकि भारी बर्फबारी या मार्ग बाधित होने पर यह सड़क इस्तेमाल में लाई जा सकती है। यहां पर्यटन को कृषि कारोबार की अपार संभावनाएं हैं।