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निजी स्कूल अब नहीं ले सकेंगे री-एडमिशन फीस
Updated Mon, 09 Apr 2018 10:57 PM IST
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नालागढ़ (सोलन)। निजी स्कूल प्रबंधन अब बच्चों से रि-एडमिशन फीस नहीं लेंगे। एक बार दाखिले के समय ही बिल्डिंग फंड ले सकेंगे। यह निर्णय उपमंडल प्रशासन द्वारा निजी स्कूलों प्रबंधकों की मिनी सचिवालय सभागार में आयोजित बैठक में लिया गया। एसडीएम नालागढ़ प्रशांत देष्टा की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में उपनिदेशक प्रारंभिक शिक्षा डॉ. चंद्रेश्वर शर्मा और आरटीओ ओमप्रकाश पुरी भी विशेष रूप से मौजूद रहे। बैठक में निजी स्कूलों द्वारा प्रतिवर्ष ली जा रही रि-एडमिशन फीस सहित अन्य मुद्दों को लेकर विचार-विमर्श किया गया। बीते दिनों क्षेत्र के अभिभावकों ने निजी स्कूल प्रबंधनों द्वारा की जा रही मनमानी के खिलाफ मोर्चा खोला था।
रोष रैली निकालकर एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर इसके खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की थी जिस पर एसडीएम ने यह बैठक तलब की। बैठक में बीबीएन क्षेत्र में कार्यरत निजी स्कूलों के 63 प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इसमें स्कूल के प्रबंधक और प्रिंसिपल भी शामिल रहे। उपनिदेशक प्रारंभिक डॉ. चंद्रेश्वर शर्मा ने कहा कि निजी स्कूल प्रबंधन रेगुलेटरी कमीशन के तहत ही काम करें। इस कमीशन के तहत दोबारा एडमिशन लेने पर रि-एडमिशन फीस का प्रावधान नहीं है।
उन्होंने कहा कि यदि कोई बच्चा या उसके अभिभावक संबंधित स्कूल से टीसी लेते है और पुन: उसी स्कूल में दाखिला लेते है तो रि-एडमिशन फीस हो सकती है। उन्होंने स्कूल प्रबंधकों को चेताया कि वह नियमों का अनुसरण करें अन्यथा एनओसी नहीं दी जाएगी। कहा कि निजी स्कूल दाखिले के समय ही बिल्डिंग फंड ले सकते हैं और उसके बाद किसी भी प्रकार का बिल्डिंग फंड नहीं ले सकते हैं। उन्होंने कहा कि निजी स्कूल वर्दियों और किताबों के लिए किसी को फोर्स नहीं कर सकते है। अभिभावक अपनी मर्जी से किताबें और वर्दियां कहीं से भी ले सकते हैं। उन्होंने कहा कि बार-बार निजी स्कूलों की वर्दियां भी नहीं बदली जाएंगी जिसका अतिरिक्त बोझ अभिभावकों पर पड़ता है।
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रोष रैली निकालकर एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर इसके खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की थी जिस पर एसडीएम ने यह बैठक तलब की। बैठक में बीबीएन क्षेत्र में कार्यरत निजी स्कूलों के 63 प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इसमें स्कूल के प्रबंधक और प्रिंसिपल भी शामिल रहे। उपनिदेशक प्रारंभिक डॉ. चंद्रेश्वर शर्मा ने कहा कि निजी स्कूल प्रबंधन रेगुलेटरी कमीशन के तहत ही काम करें। इस कमीशन के तहत दोबारा एडमिशन लेने पर रि-एडमिशन फीस का प्रावधान नहीं है।
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उन्होंने कहा कि यदि कोई बच्चा या उसके अभिभावक संबंधित स्कूल से टीसी लेते है और पुन: उसी स्कूल में दाखिला लेते है तो रि-एडमिशन फीस हो सकती है। उन्होंने स्कूल प्रबंधकों को चेताया कि वह नियमों का अनुसरण करें अन्यथा एनओसी नहीं दी जाएगी। कहा कि निजी स्कूल दाखिले के समय ही बिल्डिंग फंड ले सकते हैं और उसके बाद किसी भी प्रकार का बिल्डिंग फंड नहीं ले सकते हैं। उन्होंने कहा कि निजी स्कूल वर्दियों और किताबों के लिए किसी को फोर्स नहीं कर सकते है। अभिभावक अपनी मर्जी से किताबें और वर्दियां कहीं से भी ले सकते हैं। उन्होंने कहा कि बार-बार निजी स्कूलों की वर्दियां भी नहीं बदली जाएंगी जिसका अतिरिक्त बोझ अभिभावकों पर पड़ता है।
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