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सोलन में अवैध कब्जाधारकों पर नकेल, माल रोड की हुई पैमाइश, 200 भवनों की निशानदेही
Updated Tue, 25 Jul 2017 10:35 PM IST
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सोलन। प्रदेश उच्च न्यायालय के आदेशों पर जिला प्रशासन ने शहर में अवैध कब्जा धारकों पर नकेल कसने के लिए निशानदेही का काम शुरू कर दिया है। प्रथम चरण के तहत सोलन चंबाघाट मार्ग स्थित अंबुशा होटल से लेकर उपायुक्त चौक सोलन तक निशानदेही की गई। इसमें जिला प्रशासन द्वारा गठित निशानदेही टीम ने करीब 200 भवनों सहित दुकानों की निशानदेही की है। इसमें से आठ कब्जे अवैध पाए गए हैं। निशानदेही का काम पूरा होते ही अवैध कब्जों को ढहाने के काम शुरू कर दिया जाएगा।
टीम ने मंगलवार को जैसे ही चंबाघाट-सोलन मार्ग स्थित अंबुशा होटल से अपना कार्य शुरू किया तो शहर के अवैध कब्जाधारियों में अफरातफरी मच गई। इस टीम में लोक निर्माण विभाग, राजस्व विभाग और नगर परिषद के अधिकारी शामिल थे। निशानदेही का कार्य 27 जुलाई तक चलता रहेगा। इससे शहर में बढ़ रहे अतिक्रमण पर जहां रोक लगेगी वहीं यातायात भी बाधित नहीं होगा। आलम यह है कि अतिक्रमण को हटाने के लिए सिविल रिट पिटीशन सीडब्ल्यूपी संख्या 944/2016 पर सुनवाई करते हुए उच्च न्यायालय ने प्रथम चरण में सोलन शहर के सेंट ल्यूक्स स्कूल से दोहरी दिवार सपरून तक स्थित सभी अतिक्रमण एवं अवैध संरचनाएं हटाने के लिए आदेश जारी किए हैं। मंगलवार को इन्हीं आदेशों पर कार्रवाई शुरू की गई है। अवैध निर्माणों को हटाने के साथ इनमें लगे विद्युत कनेक्शन काटने की कार्रवाई भी अमल में लाई जाएगी। अवैध निर्माणों को लेकर दो दिन में संबंधित अधिकारियों को सूचनाएं एकत्रित कर सौंपने के निर्देश हैं। उच्च न्यायालय ने इस संबंध में उपायुक्त सोलन की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया है। इस समिति में अधीक्षण अभियंता लोक निर्माण विभाग, वन मंडल अधिकारी सोलन, नगर नियोजन विभाग के योजनाकार तथा नप सोलन के कार्यकारी अधिकारी शामिल हैं।
चर्चाओं में रहा शहर का माल रोड
निशानदेही के लिए संयुक्त टीम के पहुंचते ही अवैध निर्माण को अंजाम देने वाले कब्जा धारकों में उथल पुथल मच गई। अवैध कब्जा धारक एक दूसरे के पास भागते हुए नजर आए। निशानदेही का कार्य जब तक चलता रहा तब तक पूरा दिन मालरोड पर चर्चाओं का बाजार गर्म रहा। अवैध कब्जाधारी किसी न किसी तरह अपने कब्जों को बचाने की कोशिश में भी लगे रहे लेकिन उच्च न्यायालय के आदेशों के आगे किसी की न चली।
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अवैध कब्जों को हटाने में विफल रहा था प्रशासन
प्रदेश उच्च न्यायालय के आदेशों से पूर्व जिला प्रशासन ने कई बार अतिक्रमणकारियों सहित रेहड़ी फड़ी वालों पर नकेल कसकर अवैध कब्जे हटाने की कोशिश की थी लेकिन दोबारा अतिक्रमण हो जाता था। अब न्यायालय के आदेशों के बाद शहर सुंदर और सुसज्जित बनने की उम्मीद बंधी है। इससे अति व्यस्त मालरोड पर जाम की समस्या से कुछ राहत मिलेगी।
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टीम ने मंगलवार को जैसे ही चंबाघाट-सोलन मार्ग स्थित अंबुशा होटल से अपना कार्य शुरू किया तो शहर के अवैध कब्जाधारियों में अफरातफरी मच गई। इस टीम में लोक निर्माण विभाग, राजस्व विभाग और नगर परिषद के अधिकारी शामिल थे। निशानदेही का कार्य 27 जुलाई तक चलता रहेगा। इससे शहर में बढ़ रहे अतिक्रमण पर जहां रोक लगेगी वहीं यातायात भी बाधित नहीं होगा। आलम यह है कि अतिक्रमण को हटाने के लिए सिविल रिट पिटीशन सीडब्ल्यूपी संख्या 944/2016 पर सुनवाई करते हुए उच्च न्यायालय ने प्रथम चरण में सोलन शहर के सेंट ल्यूक्स स्कूल से दोहरी दिवार सपरून तक स्थित सभी अतिक्रमण एवं अवैध संरचनाएं हटाने के लिए आदेश जारी किए हैं। मंगलवार को इन्हीं आदेशों पर कार्रवाई शुरू की गई है। अवैध निर्माणों को हटाने के साथ इनमें लगे विद्युत कनेक्शन काटने की कार्रवाई भी अमल में लाई जाएगी। अवैध निर्माणों को लेकर दो दिन में संबंधित अधिकारियों को सूचनाएं एकत्रित कर सौंपने के निर्देश हैं। उच्च न्यायालय ने इस संबंध में उपायुक्त सोलन की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया है। इस समिति में अधीक्षण अभियंता लोक निर्माण विभाग, वन मंडल अधिकारी सोलन, नगर नियोजन विभाग के योजनाकार तथा नप सोलन के कार्यकारी अधिकारी शामिल हैं।
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चर्चाओं में रहा शहर का माल रोड
निशानदेही के लिए संयुक्त टीम के पहुंचते ही अवैध निर्माण को अंजाम देने वाले कब्जा धारकों में उथल पुथल मच गई। अवैध कब्जा धारक एक दूसरे के पास भागते हुए नजर आए। निशानदेही का कार्य जब तक चलता रहा तब तक पूरा दिन मालरोड पर चर्चाओं का बाजार गर्म रहा। अवैध कब्जाधारी किसी न किसी तरह अपने कब्जों को बचाने की कोशिश में भी लगे रहे लेकिन उच्च न्यायालय के आदेशों के आगे किसी की न चली।
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अवैध कब्जों को हटाने में विफल रहा था प्रशासन
प्रदेश उच्च न्यायालय के आदेशों से पूर्व जिला प्रशासन ने कई बार अतिक्रमणकारियों सहित रेहड़ी फड़ी वालों पर नकेल कसकर अवैध कब्जे हटाने की कोशिश की थी लेकिन दोबारा अतिक्रमण हो जाता था। अब न्यायालय के आदेशों के बाद शहर सुंदर और सुसज्जित बनने की उम्मीद बंधी है। इससे अति व्यस्त मालरोड पर जाम की समस्या से कुछ राहत मिलेगी।