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राज्यपाल ने गीतांजलि छात्रावास का किया लोकार्पण
Updated Sat, 01 Dec 2018 06:15 PM IST
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राज्यपाल ने गीतांजलि छात्रावास का किया लोकार्पण
ढाई करोड़ रुपये की लागत से हुआ निर्माण, 80 छात्राओं के ठहरने की होगी क्षमता
अमर उजाला ब्यूरो
सोलन। नौणी विवि में आयोजित स्थापना दिवस के मौके पर आचार्य देवव्रत ने विश्वविद्यालय में 2.50 करोड़ रुपये की लागत से 80 छात्राओं के लिए निर्मित गीतांजलि छात्रावास का लोकार्पण किया। उन्होंने सुभाष पालेकर कृषि अनुसंधान खंड का भ्रमण भी किया। इस अवसर पर राज्यपाल ने डॉ. यशवंत सिंह परमार की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि रासायनिक खाद के अत्यधिक प्रयोग के दुष्परिणाम अब सभी के सामने आ रहे हैं। कृषि विश्वविद्यालय हिसार तथा कृषि विश्वविद्यालय लुधियाना के वैज्ञानिकों की रिपोर्ट के अनुसार इन दोनों राज्यों में भूजल स्तर प्रति वर्ष चार फीट नीचे जा रहा है और भूमि का ऑरगेनिक कार्बन भी घट रहा है। उन्होंने कहा कि रासायनिक खाद के प्रयोग के मानव स्वास्थ्य पर हानिकारक प्रभाव भी स्पष्ट रूप से दृष्टिगोचर हो रहे हैं। राज्यपाल ने कहा कि भूमि की उर्वरा शक्ति बनाए रखने, मनुष्य तथा पशु-पक्षियों को रासायनिक खाद के दुष्प्रभावों से बचाने और शून्य लागत में कृषकों की आय बढ़ाने के लिए वृहद स्तर पर शून्य लागत प्राकृतिक खेती को बढ़ावा आवश्यक है। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती पर्यावरण संरक्षण एवं भूजल को रिचार्ज करने में भी सहायक है। उन्होंने कृषि वैज्ञानिकों से आग्रह किया कि देश एवं क्षेत्र विशेष के पर परागत बीज को अनुसंधान से जीवित रखें और इसकी उत्पादक क्षमता बढ़ाएं।
पुस्तक का भी किया विमोचन
आचार्य देवव्रत ने डॉ. एसके गुप्ता की लिखी पुस्तक डिजीज प्रॉब्लम्स इन वेजिटेबल प्रोडक्शन और डॉ. एके नाथ की पुस्तक ऑब्जेक्टिव बॉयोकेमिस्ट्री एंड बॉयो टेक्नोलॉजी का विमोचन किया। इस दौरान विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. एचसी शर्मा ने मुख्यातिथि का स्वागत कर गतिविधियों से अवगत करवाया।
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ढाई करोड़ रुपये की लागत से हुआ निर्माण, 80 छात्राओं के ठहरने की होगी क्षमता
अमर उजाला ब्यूरो
सोलन। नौणी विवि में आयोजित स्थापना दिवस के मौके पर आचार्य देवव्रत ने विश्वविद्यालय में 2.50 करोड़ रुपये की लागत से 80 छात्राओं के लिए निर्मित गीतांजलि छात्रावास का लोकार्पण किया। उन्होंने सुभाष पालेकर कृषि अनुसंधान खंड का भ्रमण भी किया। इस अवसर पर राज्यपाल ने डॉ. यशवंत सिंह परमार की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि रासायनिक खाद के अत्यधिक प्रयोग के दुष्परिणाम अब सभी के सामने आ रहे हैं। कृषि विश्वविद्यालय हिसार तथा कृषि विश्वविद्यालय लुधियाना के वैज्ञानिकों की रिपोर्ट के अनुसार इन दोनों राज्यों में भूजल स्तर प्रति वर्ष चार फीट नीचे जा रहा है और भूमि का ऑरगेनिक कार्बन भी घट रहा है। उन्होंने कहा कि रासायनिक खाद के प्रयोग के मानव स्वास्थ्य पर हानिकारक प्रभाव भी स्पष्ट रूप से दृष्टिगोचर हो रहे हैं। राज्यपाल ने कहा कि भूमि की उर्वरा शक्ति बनाए रखने, मनुष्य तथा पशु-पक्षियों को रासायनिक खाद के दुष्प्रभावों से बचाने और शून्य लागत में कृषकों की आय बढ़ाने के लिए वृहद स्तर पर शून्य लागत प्राकृतिक खेती को बढ़ावा आवश्यक है। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती पर्यावरण संरक्षण एवं भूजल को रिचार्ज करने में भी सहायक है। उन्होंने कृषि वैज्ञानिकों से आग्रह किया कि देश एवं क्षेत्र विशेष के पर परागत बीज को अनुसंधान से जीवित रखें और इसकी उत्पादक क्षमता बढ़ाएं।
पुस्तक का भी किया विमोचन
आचार्य देवव्रत ने डॉ. एसके गुप्ता की लिखी पुस्तक डिजीज प्रॉब्लम्स इन वेजिटेबल प्रोडक्शन और डॉ. एके नाथ की पुस्तक ऑब्जेक्टिव बॉयोकेमिस्ट्री एंड बॉयो टेक्नोलॉजी का विमोचन किया। इस दौरान विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. एचसी शर्मा ने मुख्यातिथि का स्वागत कर गतिविधियों से अवगत करवाया।
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