फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Solan News ›   परवाणू स्कूल प्रबंधन ने नौंवी फेल छात्रों को नहीं दिया दाखिला

परवाणू स्कूल प्रबंधन ने नौंवी फेल छात्रों को नहीं दिया दाखिला

Thu, 05 Apr 2018 09:44 PM IST
Updated Thu, 05 Apr 2018 09:44 PM IST
विज्ञापन
परवाणू स्कूल प्रबंधन ने नौंवी फेल छात्रों को नहीं दिया दाखिला
BOOKS
परवाणू (सोलन)। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल परवाणू में नौंवीं कक्षा में फेल हुए छात्रों को दोबारा दाखिल नहीं दिया गया। अभिभावकों का आरोप है कि स्कूल प्रबंधन दाखिला देने से इंकार कर रहा है। इस कारण परिजनों को अपने बच्चों के भविष्य की चिंता सताने लगी है। परिजनों ने नगर परिषद परवाणू के पार्षद संजय यादव से शिकायत कर मदद की गुहार लगाई है। परिजन रंजू ने आरोप लगाया है कि उसकी बेटी प्रीति और उसके पड़ोसी का बेटा अजीत नौंवीं कक्षा में फेल हुए थे। इसके बाद एक दिन पहले स्कूल में दोबारा से दाखिला लेने के लिए गए लेकिन वहां पर मौजूद एक अध्यापिका ने फेल होने वाले बच्चों को दाखिला न देने का हवाला देर उन्हें वापस घर भेज दिया। इसके बाद वह सभी स्कूल से वापस आ गए और इस बारे में पार्षद से शिकायत की। यहां पर रंजू ने आरोप लगाया कि स्कूल की अध्यापिका ने कहा कि आप अपने बच्चे को लेकर चले जाओ और ओपन बोर्ड से 10वीं की परीक्षा करवा दो। दूसरी ओर स्कूल प्रबंधक ने परिजन के आरोपों को पूरी तरह से नकारा है और कहा है कि फेल होने वालों को दाखिला दिया जाएगा। लेकिन जो बच्चे खुद पढ़ना नहीं चाहते हैं उनके दाखिला में ही परेशानी आ रही है। स्कूल प्रबंधन के मुताबिक बच्चे खुद ओपन बोर्ड से परीक्षा की बात कर रहे थे जबकि उनके अभिभावक उन्हें दोबारा से नौंवीं में पढ़ाना चाहते हैं।
विज्ञापन


तीन-चार मिली हैं शिकायतें : पार्षद
वार्ड पार्षद संजय यादव ने कहा कि उनके पास तीन चार शिकायतें आ चुकी हैं। इसमें स्कूल प्रबंधन ने बच्चों को दाखिला देने से इंकार किया है। बताया कि इन शिकायतों को गंभीरता से लिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि शिक्षा का अधिकार सभी बच्चों को है। यदि छात्र किसी कारणवश फेल हुआ है तो स्कूल प्रबंधन को उसे बुलाकर जागरूक करना चाहिए।
विज्ञापन


छात्र खुद ओपन बोर्ड से देना चाहते हैं परीक्षा
स्कूल की प्रधानाचार्य प्रतिमा शर्मा ने बताया कि छात्रों को दाखिला न देने के संबंध में कोई बात नहीं हुई है। कुछ बच्चे खुद ओपन बोर्ड से दसवीं की परीक्षा देना चाहते हैं। लेकिन उनके अभिभावक उन्हें नौंवीं में ही पढ़ाने पर दबाव बना रहे हैं। ऐसे छात्रों का दाखिला नहीं हो पाया है जिसे लेकर चर्चा चल रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed