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Sirmour News: योजना फाइलों में अटकी, यमुना में मिल रहा पांच नालों का गंदा पानी

Thu, 23 Jul 2026 11:32 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Thu, 23 Jul 2026 11:32 PM IST
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yamuna River
जीवनदायनी एवं पवित्र यमुना नदी में जाने वाला पांच नालों में से एक पांवटा साहिब का शहरी गंदा ना
केंद्र और विभागों के भेजा प्रस्ताव, मंजूरी का हो रहा इंतजार
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सुरेश तोमर
पांवटा साहिब (सिरमौर)। यमुना नदी में शहर का ठोस कचरा फेंकने पर भले ही रोक लग गई हो, लेकिन नदी को प्रदूषण से पूरी तरह बचाना बड़ी चुनौती बनी हुई है। पांवटा साहिब के पांच प्रमुख गंदे नाले आज भी सीधे यमुना में गिर रहे हैं। इन नालों के दूषित पानी को सीवरेज ट्रीटमेंट सिस्टम से जोड़ने के लिए तैयार की योजना करीब चार वर्षों से बजट के अभाव में फाइलों में अटकी है।
नगर परिषद क्षेत्र के जंबूखाला, देवीनगर, गोविंदघाट बैरियर के समीप, वाल्मीकि बस्ती के पास और सब्जी मंडी के समीप स्थित पांच बड़े नालों से प्रतिदिन बड़ी मात्रा में दूषित पानी यमुना नदी में पहुंच रहा है। इससे नदी की जल गुणवत्ता लगातार प्रभावित हो रही है और पर्यावरणीय चिंता भी बढ़ती जा रही है।
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इन नालों को सीवरेज ट्रीटमेंट नेटवर्क से जोड़ने के लिए अमृत योजना-2.0 के तहत विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार कर केंद्र सरकार और विभागों को मंजूरी के लिए भेजी जा चुकी है। योजना को बजट स्वीकृति मिलते ही नालों के अपशिष्ट का उपचार करने के बाद ही उसे यमुना में छोड़ा जाएगा। इससे नदी में बढ़ते प्रदूषण पर प्रभावी अंकुश लग सकेगा।
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उल्लेखनीय है कि वर्षों तक पांवटा साहिब का ठोस कचरा सीधे यमुना किनारे डंप किया जाता था। कई बार कूड़े में आग लगने से पर्यावरण प्रदूषण की गंभीर स्थिति भी बनी। पर्यावरणविदों, सामाजिक संगठनों और लोगों के लगातार विरोध के बाद मामला राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) तक पहुंचा। एनजीटी के सख्त निर्देशों के बाद नगर परिषद ने केदारपुर के समीप आधुनिक कूड़ा प्रबंधन संयंत्र स्थापित किया। इसके बाद शहर का ठोस कचरा नदी में जाने के बजाय संयंत्र तक पहुंचने लगा।
ठोस कचरे की समस्या काफी हद तक सुलझने के बावजूद यमुना में गिरने वाले गंदे नालों की समस्या जस की तस है। जल शक्ति विभाग ने परियोजना का प्राक्कलन तैयार कर अमृत योजना-2.0 के तहत भेज दिया है, लेकिन करीब चार वर्ष बीत जाने के बाद भी बजट स्वीकृत नहीं हो सका। ऐसे में शहर की सबसे महत्वपूर्ण पर्यावरणीय परियोजनाओं में शामिल यह योजना अब भी सरकारी मंजूरी की प्रतीक्षा कर रही है।
योजना मंजूरी के लिए भेजी
विभाग ने अमृत योजना-2.0 के तहत प्राक्कलन तैयार कर अधिकारियों को भेज दिया है। योजना लागू होने पर पांवटा साहिब के पांच प्रमुख गंदे नालों से निकलने वाले अपशिष्ट का ट्रीटमेंट कर ही उसे यमुना में छोड़ा जाएगा। योजना से संबंधित विस्तृत जानकारी नगर परिषद के पास उपलब्ध है।

-जितेंद्र ठाकुर, अधिशासी अभियंता, जल शक्ति विभाग
बजट स्वीकृति के लिए उठाएंगे मामला
योजना शहर और यमुना नदी दोनों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। बजट स्वीकृति के लिए विभागों और केंद्र सरकार से दोबारा मामला उठाया जाएगा। शहर के गंदे नालों का दूषित पानी यमुना नदी में जाने से रोके जाने के लिए योजना जरूरी है।
-निर्मल कौर, अध्यक्ष, नगर परिषद पांवटा साहिब
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