{"_id":"6972313ee4001a27580afefd","slug":"women-expelled-from-factory-in-paonta-stage-protest-at-dc-office-nahan-news-c-177-1-nhn1001-170311-2026-01-22","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sirmour News: पांवटा में फैक्टरी से निकालीं महिलाओं का डीसी कार्यालय पर धरना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sirmour News: पांवटा में फैक्टरी से निकालीं महिलाओं का डीसी कार्यालय पर धरना
विज्ञापन
पांवटा में फैक्टरी से निकाली गई महिलाओं ने डीसी कार्यालय के बाहर दिया धरना
कहा-तीन महीने से लड़ रहीं हकों की लड़ाई, नहीं हो रही सुनवाई
संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन (सिरमौर)। औद्योगिक क्षेत्र पांवटा साहिब के गोंदपुर की एक फैक्टरी से निकाली गईं महिलाएं वीरवार को मजदूर नेता प्रदीप कुमार की अगुवाई में नाहन पहुंचीं। उन्होंने उपायुक्त कार्यालय के बाहर धरना दिया। अपने हकों के लिए यह महिलाएं करीब तीन महीने से संघर्ष कर रही हैं।
मौके पर मौजूद रखी रानी, सलमा, मानो, फरीदा, संजू देवी, शहनाज, कुसुम, बिंदू, अनिता, अनुराधा, सुनीता और रुकसाना ने कहा कि 15 वर्षों बाद कंपनी ने बिना नोटिस उन्हें नौकरी से बाहर का रास्ता दिखा दिया। इससे उन्हें गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने मांग की कि यदि कंपनी उन्हें रखना नहीं चाहती तो उनके कई वर्षों का हिसाब उन्हें अदा किया जाए।
मजदूर नेता प्रदीप कुमार ने बताया कि फैक्टरी ने महिला कामगारों को बिना नोटिस बाहर किया है। कई बार इस मामले में लेबर इंस्पेक्टर और एसडीएम से शिकायत की गई, लेकिन कोई समाधान नहीं निकला। आज परेशान महिला कामगारों ने डीसी कार्यालय के बाहर धरना प्रदर्शन किया और प्रशासन से आग्रह किया कि मामले में हस्तक्षेप कर निकाले गए कामगारों को दोबारा काम पर रखा जाए।
विज्ञापन
विज्ञापन
कहा-तीन महीने से लड़ रहीं हकों की लड़ाई, नहीं हो रही सुनवाई
संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन (सिरमौर)। औद्योगिक क्षेत्र पांवटा साहिब के गोंदपुर की एक फैक्टरी से निकाली गईं महिलाएं वीरवार को मजदूर नेता प्रदीप कुमार की अगुवाई में नाहन पहुंचीं। उन्होंने उपायुक्त कार्यालय के बाहर धरना दिया। अपने हकों के लिए यह महिलाएं करीब तीन महीने से संघर्ष कर रही हैं।
मौके पर मौजूद रखी रानी, सलमा, मानो, फरीदा, संजू देवी, शहनाज, कुसुम, बिंदू, अनिता, अनुराधा, सुनीता और रुकसाना ने कहा कि 15 वर्षों बाद कंपनी ने बिना नोटिस उन्हें नौकरी से बाहर का रास्ता दिखा दिया। इससे उन्हें गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने मांग की कि यदि कंपनी उन्हें रखना नहीं चाहती तो उनके कई वर्षों का हिसाब उन्हें अदा किया जाए।
विज्ञापन
मजदूर नेता प्रदीप कुमार ने बताया कि फैक्टरी ने महिला कामगारों को बिना नोटिस बाहर किया है। कई बार इस मामले में लेबर इंस्पेक्टर और एसडीएम से शिकायत की गई, लेकिन कोई समाधान नहीं निकला। आज परेशान महिला कामगारों ने डीसी कार्यालय के बाहर धरना प्रदर्शन किया और प्रशासन से आग्रह किया कि मामले में हस्तक्षेप कर निकाले गए कामगारों को दोबारा काम पर रखा जाए।
विज्ञापन