{"_id":"6ac6375daf54ebd4a4023253","slug":"vaccination-of-dogs-nahan-news-c-177-1-nhn1010-190921-2026-10-07","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sirmour News: ददाहू में लावारिस कुत्तों की नसबंदी और एंटी रेबीज टीकाकरण शिविर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sirmour News: ददाहू में लावारिस कुत्तों की नसबंदी और एंटी रेबीज टीकाकरण शिविर
विज्ञापन
ददाहू में लावारिस कुत्तों की नसबंदी कार्यक्रम से पहले पशुपालन विभाग की टीम। स्रोत विभाग
-आठ कुत्तों की नसबंदी, छह नर और दो मादा कुत्ते शामिल
संवाद न्यूज एजेंसी
ददाहू (सिरमौर)। रेबीज की रोकथाम और लावारिस कुत्तों की बढ़ती संख्या को नियंत्रित करने के उद्देश्य से पशु चिकित्सालय ददाहू में एंटी रेबीज टीकाकरण एवं नसबंदी शिविर आयोजित किया गया। शिविर में कुल आठ कुत्तों की नसबंदी की गई, जिनमें छह नर और दो मादा कुत्ते शामिल रहे।
नसबंदी के साथ सभी कुत्तों को एंटी रेबीज टीके भी लगाए गए। पशु चिकित्सा विभाग के अनुसार, इस पहल का उद्देश्य आवारा कुत्तों की संख्या को नियंत्रित करने के साथ-साथ रेबीज संक्रमण से बचाव सुनिश्चित करना है।
शिविर में पशु चिकित्सा विभाग के डॉ. अक्षय, डॉ. अमित, डॉ. सुरेंद्र चौहान, डॉ. रोशन लाल, डॉ. संजय और डॉ. मयंक गौतम ने अपनी सेवाएं दीं।
विभाग की ओर से बताया गया कि आवारा कुत्तों की संख्या को नियंत्रित करने और रेबीज जैसी गंभीर बीमारी से लोगों व पशुओं को सुरक्षित रखने के लिए भविष्य में भी एंटी रेबीज टीकाकरण एवं पशु जन्म नियंत्रण शिविर आयोजित किए जाएंगे।-- -- -- -- -
विज्ञापन
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
ददाहू (सिरमौर)। रेबीज की रोकथाम और लावारिस कुत्तों की बढ़ती संख्या को नियंत्रित करने के उद्देश्य से पशु चिकित्सालय ददाहू में एंटी रेबीज टीकाकरण एवं नसबंदी शिविर आयोजित किया गया। शिविर में कुल आठ कुत्तों की नसबंदी की गई, जिनमें छह नर और दो मादा कुत्ते शामिल रहे।
नसबंदी के साथ सभी कुत्तों को एंटी रेबीज टीके भी लगाए गए। पशु चिकित्सा विभाग के अनुसार, इस पहल का उद्देश्य आवारा कुत्तों की संख्या को नियंत्रित करने के साथ-साथ रेबीज संक्रमण से बचाव सुनिश्चित करना है।
विज्ञापन
शिविर में पशु चिकित्सा विभाग के डॉ. अक्षय, डॉ. अमित, डॉ. सुरेंद्र चौहान, डॉ. रोशन लाल, डॉ. संजय और डॉ. मयंक गौतम ने अपनी सेवाएं दीं।
विभाग की ओर से बताया गया कि आवारा कुत्तों की संख्या को नियंत्रित करने और रेबीज जैसी गंभीर बीमारी से लोगों व पशुओं को सुरक्षित रखने के लिए भविष्य में भी एंटी रेबीज टीकाकरण एवं पशु जन्म नियंत्रण शिविर आयोजित किए जाएंगे।
विज्ञापन