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Sirmour News: रेणुकाजी मिनी जू में टाइगर लाने वाली टीम के छह वनकर्मी सम्मानित
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शिमला में पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने प्रशस्ति पत्र और मेडल देकर किया सम्मानित
नागपुर से 42 घंटे में 1800 किलोमीटर सफर तय कर सुरक्षित पहुंचाया था टाइगर का जोड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी
ददाहू (सिरमौर)। महाराष्ट्र के नागपुर से रॉयल बंगाल टाइगर के जोड़े को सुरक्षित रेणुकाजी मिनी जू पहुंचाने वाले वन्य प्राणी विभाग के छह कर्मचारियों को विशेष पुरस्कार से सम्मानित किया गया। शिमला में आयोजित 75वें वन्य प्राणी सुरक्षा सप्ताह के शुभारंभ समारोह में पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने कर्मचारियों को प्रशस्ति पत्र और मेडल देकर सम्मानित किया।
वन विभाग की टीम ने 20 सितंबर को नागपुर से रेणुकाजी तक करीब 1800 किलोमीटर का सफर 42 घंटे में पूरा किया था। इस दौरान टाइगर के जोड़े को सुरक्षित हिमाचल पहुंचाने में पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. कार्तिक सिंह चौधरी, परिक्षेत्राधिकारी रेणुकाजी राकेश कुमार, वन खंड अधिकारी शिमला विनोद कुमार, वन रक्षक अंकुश तथा केयरटेकर बेस्सू राम और जालमू ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
वन्य प्राणी मंडल शिमला के डीएफओ डॉ. शहनवाज अहमद भट्ट ने बताया कि रॉयल बंगाल टाइगर के जोड़े को हिमाचल लाना विभाग की महत्वपूर्ण उपलब्धि है। टाइगरों को सुरक्षित रेणुकाजी पहुंचाने वाली पूरी टीम को उनके योगदान के लिए सम्मानित किया गया है। फिलहाल दोनों टाइगरों को मिनी जू रेणुकाजी में निगरानी और देखरेख में रखा गया है। विशेषज्ञ टीम उनके स्वास्थ्य और व्यवहार पर लगातार नजर रख रही है।
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डीएफओ ने बताया कि शिफ्टिंग के दौरान टाइगरों का व्यवहार आक्रामक रहा था। इसी कारण उन्हें नए वातावरण में ढलने के लिए फिलहाल अलग रखा गया है। व्यवहार सामान्य होने के बाद उन्हें खुले और आरामदायक बाड़े में छोड़े जाने की तैयारी है।
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नागपुर से 42 घंटे में 1800 किलोमीटर सफर तय कर सुरक्षित पहुंचाया था टाइगर का जोड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी
ददाहू (सिरमौर)। महाराष्ट्र के नागपुर से रॉयल बंगाल टाइगर के जोड़े को सुरक्षित रेणुकाजी मिनी जू पहुंचाने वाले वन्य प्राणी विभाग के छह कर्मचारियों को विशेष पुरस्कार से सम्मानित किया गया। शिमला में आयोजित 75वें वन्य प्राणी सुरक्षा सप्ताह के शुभारंभ समारोह में पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने कर्मचारियों को प्रशस्ति पत्र और मेडल देकर सम्मानित किया।
वन विभाग की टीम ने 20 सितंबर को नागपुर से रेणुकाजी तक करीब 1800 किलोमीटर का सफर 42 घंटे में पूरा किया था। इस दौरान टाइगर के जोड़े को सुरक्षित हिमाचल पहुंचाने में पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. कार्तिक सिंह चौधरी, परिक्षेत्राधिकारी रेणुकाजी राकेश कुमार, वन खंड अधिकारी शिमला विनोद कुमार, वन रक्षक अंकुश तथा केयरटेकर बेस्सू राम और जालमू ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
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वन्य प्राणी मंडल शिमला के डीएफओ डॉ. शहनवाज अहमद भट्ट ने बताया कि रॉयल बंगाल टाइगर के जोड़े को हिमाचल लाना विभाग की महत्वपूर्ण उपलब्धि है। टाइगरों को सुरक्षित रेणुकाजी पहुंचाने वाली पूरी टीम को उनके योगदान के लिए सम्मानित किया गया है। फिलहाल दोनों टाइगरों को मिनी जू रेणुकाजी में निगरानी और देखरेख में रखा गया है। विशेषज्ञ टीम उनके स्वास्थ्य और व्यवहार पर लगातार नजर रख रही है।
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डीएफओ ने बताया कि शिफ्टिंग के दौरान टाइगरों का व्यवहार आक्रामक रहा था। इसी कारण उन्हें नए वातावरण में ढलने के लिए फिलहाल अलग रखा गया है। व्यवहार सामान्य होने के बाद उन्हें खुले और आरामदायक बाड़े में छोड़े जाने की तैयारी है।