{"_id":"632e00eb3bc17f630719ea98","slug":"sirmaur-news-stamp-paper-shortage-in-ponta-sahib-people-facing-problem-nahan-news-sml422708135","type":"story","status":"publish","title_hn":"पांवटा साहिब में नहीं मिल रहे स्टांप पेपर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पांवटा साहिब में नहीं मिल रहे स्टांप पेपर
विज्ञापन
sirmaur news stamp paper shortage in ponta sahib people facing problem
पांवटा साहिब (सिरमौर)। जिला सिरमौर के पांवटा साहिब में लोगों को दो माह से स्टांप पेपर नहीं मिल रहे हैं। यहां 10, 20 और 50 रुपये वाले स्टांप पेपरों की भारी किल्लत चल रही है। यही नहीं 500 रुपये और एक हजार वाले स्टांप पेपर भी नहीं मिल रहे हैं।
इस समस्या के समाधान की मांग को लेकर स्टांप पेपर विक्रेता यूनियन का प्रतिनिधिमंडल शुक्रवार को ऊर्जा मंत्री सुखराम चौधरी से भी मिला। स्टज्ञंप पेपर विक्रेताओं (स्टांप वैंडरों) में पूजा वर्मा, रीना ठाकुर, पूर्ण चंद खंडूजा, मोहम्मद यासीन, आशा रानी, रंगीलाल शर्मा, रणदीप कपूर, नेत्र तोमर व विरेंद्र कुमार धीमान ने ऊर्जा मंत्री को बताया कि स्टांप पेपर की कमी के चलते आम लोगों को कोर्ट और सरकारी कार्य निपटाने में खासी दिक्कतें हो रही हैं। कई बार तो लोगों को विवश होकर ज्यादा कीमत वाला स्टांप पेपर खरीदना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि पांवटा में दो महीने से लोग यह परेशानी झेल रहे हैं।
यहां 10, 20, 50, 100, 500 और हजार रुपये स्टांप पेपर नहीं मिल रहे हैं। सबसे अधिक मांग 10 रुपये वाले स्टांप पेपर की होती है। स्थानीय स्टांप विक्रेताओं रंगीलाल शर्मा व पूजा ने कहा कि पांवटा में रोजाना 10 और 20 रुपये स्टांप पेपर की मांग प्रतिदिन 1000 रहती है।
विज्ञापन
इसके अलावा 50 और 100 रुपये वाले की रोजाना 300, 500 और 1000 रुपये वाले स्टांप पेपर की रोजाना 100 तक मांग रहती है। यह दो महीने से बहुत ही कम मात्रा में आ रहे हैं। इससे लोग बहुत परेशान हैं। ऊर्जा मंत्री सुखराम चौधरी ने मौके पर ही एसडीएम पांवटा विवेक महाजन को इस समस्या के निराकरण के आदेश दिए।
विज्ञापन
इस समस्या के समाधान की मांग को लेकर स्टांप पेपर विक्रेता यूनियन का प्रतिनिधिमंडल शुक्रवार को ऊर्जा मंत्री सुखराम चौधरी से भी मिला। स्टज्ञंप पेपर विक्रेताओं (स्टांप वैंडरों) में पूजा वर्मा, रीना ठाकुर, पूर्ण चंद खंडूजा, मोहम्मद यासीन, आशा रानी, रंगीलाल शर्मा, रणदीप कपूर, नेत्र तोमर व विरेंद्र कुमार धीमान ने ऊर्जा मंत्री को बताया कि स्टांप पेपर की कमी के चलते आम लोगों को कोर्ट और सरकारी कार्य निपटाने में खासी दिक्कतें हो रही हैं। कई बार तो लोगों को विवश होकर ज्यादा कीमत वाला स्टांप पेपर खरीदना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि पांवटा में दो महीने से लोग यह परेशानी झेल रहे हैं।
विज्ञापन
यहां 10, 20, 50, 100, 500 और हजार रुपये स्टांप पेपर नहीं मिल रहे हैं। सबसे अधिक मांग 10 रुपये वाले स्टांप पेपर की होती है। स्थानीय स्टांप विक्रेताओं रंगीलाल शर्मा व पूजा ने कहा कि पांवटा में रोजाना 10 और 20 रुपये स्टांप पेपर की मांग प्रतिदिन 1000 रहती है।
विज्ञापन
इसके अलावा 50 और 100 रुपये वाले की रोजाना 300, 500 और 1000 रुपये वाले स्टांप पेपर की रोजाना 100 तक मांग रहती है। यह दो महीने से बहुत ही कम मात्रा में आ रहे हैं। इससे लोग बहुत परेशान हैं। ऊर्जा मंत्री सुखराम चौधरी ने मौके पर ही एसडीएम पांवटा विवेक महाजन को इस समस्या के निराकरण के आदेश दिए।