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Sirmour News: अचानक बारिश और ओलावृष्टि से खेतों में भीगी कटी धान की फसल
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धौलकुआं क्षेत्र में बारिश के बाद भीगी धान की फसल। संवाद
-तीन दिन मौसम खराब रहा तो अंकुरित हो सकता है धान, किसानों को भारी नुकसान की आशंका
संवाद न्यूज एजेंसी
धौलाकुआं (सिरमौर)। पांवटा-धौलाकुआं क्षेत्र में मंगलवार दोपहर करीब 2:50 बजे अचानक हुई भारी बारिश और ओलावृष्टि ने धान की कटाई में जुटे किसानों की चिंता बढ़ा दी। खेतों में काटकर सुखाने के लिए रखी धान की फसल बारिश के पानी में भीग गई, जबकि कई खेतों में पानी भर गया। इससे किसानों की कई दिनों की मेहनत पर पानी फिरता नजर आ रहा है।
इन दिनों क्षेत्र में धान की अगेती किस्मों 471, 3030 और गोल्ड धड़क बासमती की फसल पककर तैयार है। किसान बीते एक सप्ताह से दिन-रात धान की कटाई और फसल समेटने में जुटे हुए हैं। मंगलवार को अचानक मौसम बिगड़ने से खेतों में कटी पड़ी फसल भीग गई। अभी क्षेत्र में करीब 20 प्रतिशत किसान ही धान की कटाई में जुटे हैं।
किसानों ने बताया कि अगेती धान की कटाई के बाद खेतों को अगली फसलों स्ट्रॉबेरी, कश्मीरी लहसुन और धनिया की खेती के लिए तैयार करना था। लेकिन बारिश से एक ओर कटी फसल भीग गई, वहीं दूसरी ओर खेतों में पानी भरने से आगे की तैयारी भी प्रभावित हुई है।
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किसान मुकेश चौधरी, उपप्रधान तारीफ अली, निरंजन चौधरी और राकेश चौधरी ने बताया कि उन्होंने तीन दिन पहले मजदूर लगाकर धान की कटाई करवाई थी और फसल को खेतों में सुखाने के लिए रखा था। किसानों के अनुसार कटाई के बाद धान को करीब तीन दिन तक सुखाना पड़ता है। इस दौरान बारिश होने पर फसल लगातार भीगी रही तो धान अंकुरित होने का खतरा रहता है।
किसानों ने चिंता जताई कि मौसम विभाग की ओर से आगामी तीन दिन भी मौसम खराब रहने का अनुमान बताया गया है। यदि बारिश का दौर जारी रहा और कटी हुई फसल खेतों में ही पड़ी रही तो किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है।-- -- -- -- --
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संवाद न्यूज एजेंसी
धौलाकुआं (सिरमौर)। पांवटा-धौलाकुआं क्षेत्र में मंगलवार दोपहर करीब 2:50 बजे अचानक हुई भारी बारिश और ओलावृष्टि ने धान की कटाई में जुटे किसानों की चिंता बढ़ा दी। खेतों में काटकर सुखाने के लिए रखी धान की फसल बारिश के पानी में भीग गई, जबकि कई खेतों में पानी भर गया। इससे किसानों की कई दिनों की मेहनत पर पानी फिरता नजर आ रहा है।
इन दिनों क्षेत्र में धान की अगेती किस्मों 471, 3030 और गोल्ड धड़क बासमती की फसल पककर तैयार है। किसान बीते एक सप्ताह से दिन-रात धान की कटाई और फसल समेटने में जुटे हुए हैं। मंगलवार को अचानक मौसम बिगड़ने से खेतों में कटी पड़ी फसल भीग गई। अभी क्षेत्र में करीब 20 प्रतिशत किसान ही धान की कटाई में जुटे हैं।
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किसानों ने बताया कि अगेती धान की कटाई के बाद खेतों को अगली फसलों स्ट्रॉबेरी, कश्मीरी लहसुन और धनिया की खेती के लिए तैयार करना था। लेकिन बारिश से एक ओर कटी फसल भीग गई, वहीं दूसरी ओर खेतों में पानी भरने से आगे की तैयारी भी प्रभावित हुई है।
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किसान मुकेश चौधरी, उपप्रधान तारीफ अली, निरंजन चौधरी और राकेश चौधरी ने बताया कि उन्होंने तीन दिन पहले मजदूर लगाकर धान की कटाई करवाई थी और फसल को खेतों में सुखाने के लिए रखा था। किसानों के अनुसार कटाई के बाद धान को करीब तीन दिन तक सुखाना पड़ता है। इस दौरान बारिश होने पर फसल लगातार भीगी रही तो धान अंकुरित होने का खतरा रहता है।
किसानों ने चिंता जताई कि मौसम विभाग की ओर से आगामी तीन दिन भी मौसम खराब रहने का अनुमान बताया गया है। यदि बारिश का दौर जारी रहा और कटी हुई फसल खेतों में ही पड़ी रही तो किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है।