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Sirmour News: रेणुका जी झील में डूबने से एक व्यक्ति की मौत
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रेणुका जी झील से व्यक्ति का शव निकालने के बाद सेना के जवान। संवाद
रेणुकाजी झील में डूबने से व्यक्ति की मौत
सेना ने आधे घंटे में ढूंढ निकाला रेणुका झील में डूबे व्यक्ति का शव
प्रशासन ने जारी की 25 हजार रुपये की फौरी राहत
शव का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंपा : एसडीएम
संवाद न्यूज एजेंसी
ददाहू (सिरमौर)। रेणुका झील में डूबे व्यक्ति के शव को 24 घंटे के बाद निकाल लिया गया है। सेना की मदद से शव को झील से निकालने में सफलता मिली है।
सेना के जवानों ने मात्र आधा घंटे के अथक प्रयासों से सात मीटर की दूरी से ही शव को बरामद करने में सफलता हासिल की है। रेणुका पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। वीरवार सुबह पोस्टमार्टम करवा कर शव परिजनों को सौंप दिया जाएगा। हालांकि मौत के कारणों का अभी खुलासा नहीं हुआ है। व्यक्ति ने आत्महत्या की है या उसकी मृत्यु डूबने से हुई है। इस बारे में पुलिस जांच करेगी। बताया यह जा रहा है कि व्यक्ति मानसिक रूप से परेशान था।
प्राप्त जानकारी के अनुसार सिरत (बनाहां की सैर) निवासी 52 वर्षीय विश्वदेव मंगलवार को सुबह 11:00 बजे के करीब अपने घर से बिना बताए निकल पड़ा। उसके कपड़े, मोबाइल व सामान मंगलवार शाम को रेणुका झील के किनारे एक पेड़ पर टंगे मिले। पुलिस व स्थानीय गोताखोरों ने अपने स्तर पर भी शव को ढूंढने का प्रयास किया लेकिन बुधवार देर शाम सेना के खेज अभियान से ही सफलता हाथ लगी।
खोज अभियान के दौरान एसडीएम नाहन सलीम आजम तहसीलदार ददाहू सुमेध शर्मा सेना के अधिकारी, एएसआई मोती लाल, सीईओ भरत सिंह ठाकुर व मृतक के परिजन मौके पर मौजूद रहे।
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मृतक के बड़े पुत्र जगदीप ने बताया कि वर्ष 2017 उसकी मां की गुमशुदगी के बाद से ही उसके पिता की मानसिक संतुलन ठीक नहीं था। मंगलवार को वह रोजमर्रा की तरह लहसुन के खेत में काम कर रहे थे। अचानक 11:00 बजे बिना बताए घर से निकले थे लेकिन शाम को उन्हें रेणुका थाने से हादसे की सूचना मिली। चार जवान बच्चों के सर से माता-पिता का साया छिन गया है।
उधर एसडीएम नाहन सलीम आजम ने शव बरामद होने की पुष्टि करते हुए बताया कि शव का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि परिजनों को 25 हजार रुपये की फौरी राहत प्रदान की गई है।
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सेना ने आधे घंटे में ढूंढ निकाला रेणुका झील में डूबे व्यक्ति का शव
प्रशासन ने जारी की 25 हजार रुपये की फौरी राहत
शव का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंपा : एसडीएम
संवाद न्यूज एजेंसी
ददाहू (सिरमौर)। रेणुका झील में डूबे व्यक्ति के शव को 24 घंटे के बाद निकाल लिया गया है। सेना की मदद से शव को झील से निकालने में सफलता मिली है।
सेना के जवानों ने मात्र आधा घंटे के अथक प्रयासों से सात मीटर की दूरी से ही शव को बरामद करने में सफलता हासिल की है। रेणुका पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। वीरवार सुबह पोस्टमार्टम करवा कर शव परिजनों को सौंप दिया जाएगा। हालांकि मौत के कारणों का अभी खुलासा नहीं हुआ है। व्यक्ति ने आत्महत्या की है या उसकी मृत्यु डूबने से हुई है। इस बारे में पुलिस जांच करेगी। बताया यह जा रहा है कि व्यक्ति मानसिक रूप से परेशान था।
प्राप्त जानकारी के अनुसार सिरत (बनाहां की सैर) निवासी 52 वर्षीय विश्वदेव मंगलवार को सुबह 11:00 बजे के करीब अपने घर से बिना बताए निकल पड़ा। उसके कपड़े, मोबाइल व सामान मंगलवार शाम को रेणुका झील के किनारे एक पेड़ पर टंगे मिले। पुलिस व स्थानीय गोताखोरों ने अपने स्तर पर भी शव को ढूंढने का प्रयास किया लेकिन बुधवार देर शाम सेना के खेज अभियान से ही सफलता हाथ लगी।
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खोज अभियान के दौरान एसडीएम नाहन सलीम आजम तहसीलदार ददाहू सुमेध शर्मा सेना के अधिकारी, एएसआई मोती लाल, सीईओ भरत सिंह ठाकुर व मृतक के परिजन मौके पर मौजूद रहे।
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मृतक के बड़े पुत्र जगदीप ने बताया कि वर्ष 2017 उसकी मां की गुमशुदगी के बाद से ही उसके पिता की मानसिक संतुलन ठीक नहीं था। मंगलवार को वह रोजमर्रा की तरह लहसुन के खेत में काम कर रहे थे। अचानक 11:00 बजे बिना बताए घर से निकले थे लेकिन शाम को उन्हें रेणुका थाने से हादसे की सूचना मिली। चार जवान बच्चों के सर से माता-पिता का साया छिन गया है।
उधर एसडीएम नाहन सलीम आजम ने शव बरामद होने की पुष्टि करते हुए बताया कि शव का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि परिजनों को 25 हजार रुपये की फौरी राहत प्रदान की गई है।

रेणुका जी झील से व्यक्ति का शव निकालने के बाद सेना के जवान। संवाद