{"_id":"6919c29507f3e525090dc24e","slug":"no-doctors-in-phc-gatadhaar-nahan-news-c-177-1-ssml1028-164750-2025-11-16","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sirmour News: पीएचसी गत्ताधार में दो साल से चिकित्सक नहीं, लोग परेशान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sirmour News: पीएचसी गत्ताधार में दो साल से चिकित्सक नहीं, लोग परेशान
विज्ञापन
भाजपा के जिला प्रवक्ता प्रताप सिंह रावत ने व्यवस्थाओं पर उठाए सवाल
संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन (सिरमौर)। सिरमौर जिला के अंतर्गत प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र गत्ताधार में दो साल से कोई भी चिकित्सक नहीं है। यहां चिकित्सक न होने से लोगों को घर-द्वार बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मुहैया करवाने के दावे धरातल पर खोखले साबित हो रहे हैं।
सिरमौर भाजपा के जिला प्रवक्ता प्रताप सिंह रावत ने सरकारी व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। प्रेस को जारी बयान में प्रताप सिंह रावत ने कहा कि जिला सिरमौर के अति दुर्गम क्षेत्र के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र गत्ताधार में दो साल से कोई भी चिकित्सक नहीं है, जिसकी वजह से क्षेत्र की जनता बहुत परेशान है।
रावत ने बताया कि कोई व्यक्ति अचानक बीमार हो जाए या कोई व्यक्ति अचानक ढांक से गिर जाए तो फिर उस व्यक्ति को उपचार के लिए 50 किलोमीटर दूर संगड़ाह या फिर इतना ही दूर शिलाई ले जाना पड़ता है ।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि गत्ताधार क्षेत्र में साल 1996 में आंत्रशोथ जैसी भयानक बीमारी फैली थी, जिसके कारण उस समय 16 लोगों की मौत हो गई थी।
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र गत्ताधार में क्षेत्र की 6 पंचायतों के लोग अपना उपचार करने के लिए आते हैं और यह सभी पंचायत हिमाचल सरकार की ओर से पिछड़ी पंचायत घोषित है, लेकिन इसके उपरांत भी प्रदेश की सुखविंद्र सिंह सुक्खू सरकार प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र गत्ताधार में चिकित्सक की नियुक्ति नहीं कर रही है।
उन्होंने कहा कि हैरानी की बात यह है कि विधानसभा उपाध्यक्ष विनय कुमार विकास के बड़े-बड़े दावे करते हैं। उन्होंने अपने गत्ताधार प्रवास के दौरान कहा था कि गत्ताधार में शीघ्र ही चिकित्सक की नियुक्ति की जाएगी, जबकि कांग्रेस की सरकार को 3 साल होने वाले हैं लेकिन इसके बाद भी अभी तक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र गत्ताधार में चिकित्सक की नियुक्ति नहीं हुई है, जिसकी वजह से गत्ताधार क्षेत्र की जनता अपने आप को ठगा हुआ महसूस कर रही है।
-- -संवाद
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन (सिरमौर)। सिरमौर जिला के अंतर्गत प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र गत्ताधार में दो साल से कोई भी चिकित्सक नहीं है। यहां चिकित्सक न होने से लोगों को घर-द्वार बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मुहैया करवाने के दावे धरातल पर खोखले साबित हो रहे हैं।
सिरमौर भाजपा के जिला प्रवक्ता प्रताप सिंह रावत ने सरकारी व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। प्रेस को जारी बयान में प्रताप सिंह रावत ने कहा कि जिला सिरमौर के अति दुर्गम क्षेत्र के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र गत्ताधार में दो साल से कोई भी चिकित्सक नहीं है, जिसकी वजह से क्षेत्र की जनता बहुत परेशान है।
विज्ञापन
रावत ने बताया कि कोई व्यक्ति अचानक बीमार हो जाए या कोई व्यक्ति अचानक ढांक से गिर जाए तो फिर उस व्यक्ति को उपचार के लिए 50 किलोमीटर दूर संगड़ाह या फिर इतना ही दूर शिलाई ले जाना पड़ता है ।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि गत्ताधार क्षेत्र में साल 1996 में आंत्रशोथ जैसी भयानक बीमारी फैली थी, जिसके कारण उस समय 16 लोगों की मौत हो गई थी।
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र गत्ताधार में क्षेत्र की 6 पंचायतों के लोग अपना उपचार करने के लिए आते हैं और यह सभी पंचायत हिमाचल सरकार की ओर से पिछड़ी पंचायत घोषित है, लेकिन इसके उपरांत भी प्रदेश की सुखविंद्र सिंह सुक्खू सरकार प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र गत्ताधार में चिकित्सक की नियुक्ति नहीं कर रही है।
उन्होंने कहा कि हैरानी की बात यह है कि विधानसभा उपाध्यक्ष विनय कुमार विकास के बड़े-बड़े दावे करते हैं। उन्होंने अपने गत्ताधार प्रवास के दौरान कहा था कि गत्ताधार में शीघ्र ही चिकित्सक की नियुक्ति की जाएगी, जबकि कांग्रेस की सरकार को 3 साल होने वाले हैं लेकिन इसके बाद भी अभी तक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र गत्ताधार में चिकित्सक की नियुक्ति नहीं हुई है, जिसकी वजह से गत्ताधार क्षेत्र की जनता अपने आप को ठगा हुआ महसूस कर रही है।