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Sirmour News: उपमा धीमान अध्यक्ष और प्रदीप सहोत्रा बने नगर परिषद नाहन के उपाध्यक्ष
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नाहन में नगर परिषद के अध्यक्ष पद पर जीत दर्ज करने के बाद शहर में विजयी जुलूस निकालते कांग्रेसी।
सचित्र--
संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन (सिरमौर)। लोकतंत्र के इतिहास में अक्सर जनता सरकार चुनती है लेकिन हिमाचल प्रदेश की नाहन नगर परिषद में जो हुआ, उसने सबको दांतों तले उंगली दबाने पर मजबूर कर दिया। यहां अध्यक्ष और उपाध्यक्ष की कुर्सी का फैसला न तो भारी बहुमत से हुआ और न ही किसी राजनीतिक जोड़-तोड़ से।
इस महामुकाबले का अंत एक बेहद रोमांचक लॉटरी (पर्ची सिस्टम) से हुआ, जिसे मासूम बच्चों ने अपने हाथों से निकाला। इसमें कांग्रेस समर्थित पार्षद उपमा धीमान को अध्यक्ष और भाजपा समर्थित पार्षद प्रदीप सहोत्रा को उपाध्यक्ष पद नसीब हुआ।
बता दें कि नगर परिषद के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद के चुनाव को लेकर सुबह 10 बजे से ही नगर परिषद के टाउन हॉल के बाहर कांग्रेस और भाजपा के कार्यकर्ताओं की भीड़ जुटनी शुरू हो गई थी। प्रशासन की ओर से चुनाव स्थल पर सुरक्षा के माकूल इंतजाम किए हुए थे।
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सुबह 11 बजे कार्यवाहक एसडीएम और तहसीलदार उपेंद्र कुमार ने चुनावी प्रक्रिया शुरू की। पूरी कहानी किसी थ्रिलर फिल्म जैसी रही। चुनाव मैदान में कांग्रेस के पास सिर्फ 6 पार्षद थे, जबकि विरोधी खेमे का पलड़ा भारी था। ऐन वक्त पर स्थानीय विधायक के वोट ने कांग्रेस के लिए लाइफलाइन का काम किया। विधायक का वोट कांग्रेस के खाते में जाते ही दोनों गुटों का स्कोर 7-7 की बराबरी पर आकर फ्रीज हो गया। जब वोटिंग से फैसला नहीं हो पाया तो कानूनन पर्ची निकालने का निर्णय लिया गया। माहौल में भारी तनाव था और सबकी सांसें थमी हुई थीं। इस सस्पेंस को खत्म करने के लिए छोटे बच्चों को बुलाया गया। बच्चों ने जैसे ही मटके बॉक्स से पर्ची निकाली, हॉल में शोर मच गया।
पर्ची खुलते ही किस्मत ने ऐसा खेल खेला कि सत्ता की मलाई दोनों पार्टियों में बराबर बंट गई। अध्यक्ष की कुर्सी के लिए वार्ड नंबर तीन से कांग्रेस समर्थित उपमा धीमान के नाम की पर्ची निकली, जबकि उपाध्यक्ष की कुर्सी वार्ड नंबर 12 से भाजपा समर्थित प्रदीप सहोत्रा के नाम की पर्ची निकली, जिससे भाजपा की लाज बच गई।
-- -बाक्स
क्रॉस वोटिंग के दावे धड़ाम, नहीं टूटे भाजपा के पार्षद
नगर परिषद के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद के चुनाव को लेकर भाजपा की ओर से सीमा अत्री को अध्यक्ष और प्रदीप सहोत्रा को उम्मीदवार बनाया गया था, जबकि कांग्रेस की ओर से उपमा धीमान को अध्यक्ष और योगेश गुप्ता को उपाध्यक्ष पद का उम्मीदवार बनाया गया था। शहर में इन पदों को लेकर भाजपा के भीतर चल रही खींचतान के चलते क्रॉस वोट पड़ने की पूरी उम्मीद लोगों को थी। उम्मीद की जा रही थी कि भाजपा के कम से कम दो पार्षद क्रॉस वोटिंग कर सकते हैं। वोटिंग के बाद ये दावे खोखले साबित हुए, भाजपा समर्थित एक भी पार्षद नहीं टूटा और दोनों खेमों की ओर से अपने-अपने उम्मीदवारों को ही वोट डाले गए। जो भाजपा के लिए बड़ी बात रही।
-- -- बाक्स
चुनावों के बाद विधायक अजय सोलंकी ने सभी पार्षदों से बिना किसी राजनीतिक द्वेष के मिलकर कार्य करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सभी पार्षद मिलकर शहर को उसका पुराना वैभव लौटाएं।
-- -बाक्स
जीत के बाद शहर में निकाला जुलूस
अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद पर जीत के बाद दोनों राजनीतिक दलों ने अपने-अपने कार्यकर्ताओं के साथ शहर के जुलूस निकाला। कांग्रेस और भाजपा कार्यकर्ताओं ने अपने-अपने विजयी उम्मीदवारों को फूलों से लादकर जमकर नारेबाजी की। विधायक अजय सोलंकी भी इस जुलूस में शामिल हुए।
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संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन (सिरमौर)। लोकतंत्र के इतिहास में अक्सर जनता सरकार चुनती है लेकिन हिमाचल प्रदेश की नाहन नगर परिषद में जो हुआ, उसने सबको दांतों तले उंगली दबाने पर मजबूर कर दिया। यहां अध्यक्ष और उपाध्यक्ष की कुर्सी का फैसला न तो भारी बहुमत से हुआ और न ही किसी राजनीतिक जोड़-तोड़ से।
इस महामुकाबले का अंत एक बेहद रोमांचक लॉटरी (पर्ची सिस्टम) से हुआ, जिसे मासूम बच्चों ने अपने हाथों से निकाला। इसमें कांग्रेस समर्थित पार्षद उपमा धीमान को अध्यक्ष और भाजपा समर्थित पार्षद प्रदीप सहोत्रा को उपाध्यक्ष पद नसीब हुआ।
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बता दें कि नगर परिषद के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद के चुनाव को लेकर सुबह 10 बजे से ही नगर परिषद के टाउन हॉल के बाहर कांग्रेस और भाजपा के कार्यकर्ताओं की भीड़ जुटनी शुरू हो गई थी। प्रशासन की ओर से चुनाव स्थल पर सुरक्षा के माकूल इंतजाम किए हुए थे।
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सुबह 11 बजे कार्यवाहक एसडीएम और तहसीलदार उपेंद्र कुमार ने चुनावी प्रक्रिया शुरू की। पूरी कहानी किसी थ्रिलर फिल्म जैसी रही। चुनाव मैदान में कांग्रेस के पास सिर्फ 6 पार्षद थे, जबकि विरोधी खेमे का पलड़ा भारी था। ऐन वक्त पर स्थानीय विधायक के वोट ने कांग्रेस के लिए लाइफलाइन का काम किया। विधायक का वोट कांग्रेस के खाते में जाते ही दोनों गुटों का स्कोर 7-7 की बराबरी पर आकर फ्रीज हो गया। जब वोटिंग से फैसला नहीं हो पाया तो कानूनन पर्ची निकालने का निर्णय लिया गया। माहौल में भारी तनाव था और सबकी सांसें थमी हुई थीं। इस सस्पेंस को खत्म करने के लिए छोटे बच्चों को बुलाया गया। बच्चों ने जैसे ही मटके बॉक्स से पर्ची निकाली, हॉल में शोर मच गया।
पर्ची खुलते ही किस्मत ने ऐसा खेल खेला कि सत्ता की मलाई दोनों पार्टियों में बराबर बंट गई। अध्यक्ष की कुर्सी के लिए वार्ड नंबर तीन से कांग्रेस समर्थित उपमा धीमान के नाम की पर्ची निकली, जबकि उपाध्यक्ष की कुर्सी वार्ड नंबर 12 से भाजपा समर्थित प्रदीप सहोत्रा के नाम की पर्ची निकली, जिससे भाजपा की लाज बच गई।
क्रॉस वोटिंग के दावे धड़ाम, नहीं टूटे भाजपा के पार्षद
नगर परिषद के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद के चुनाव को लेकर भाजपा की ओर से सीमा अत्री को अध्यक्ष और प्रदीप सहोत्रा को उम्मीदवार बनाया गया था, जबकि कांग्रेस की ओर से उपमा धीमान को अध्यक्ष और योगेश गुप्ता को उपाध्यक्ष पद का उम्मीदवार बनाया गया था। शहर में इन पदों को लेकर भाजपा के भीतर चल रही खींचतान के चलते क्रॉस वोट पड़ने की पूरी उम्मीद लोगों को थी। उम्मीद की जा रही थी कि भाजपा के कम से कम दो पार्षद क्रॉस वोटिंग कर सकते हैं। वोटिंग के बाद ये दावे खोखले साबित हुए, भाजपा समर्थित एक भी पार्षद नहीं टूटा और दोनों खेमों की ओर से अपने-अपने उम्मीदवारों को ही वोट डाले गए। जो भाजपा के लिए बड़ी बात रही।
चुनावों के बाद विधायक अजय सोलंकी ने सभी पार्षदों से बिना किसी राजनीतिक द्वेष के मिलकर कार्य करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सभी पार्षद मिलकर शहर को उसका पुराना वैभव लौटाएं।
जीत के बाद शहर में निकाला जुलूस
अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद पर जीत के बाद दोनों राजनीतिक दलों ने अपने-अपने कार्यकर्ताओं के साथ शहर के जुलूस निकाला। कांग्रेस और भाजपा कार्यकर्ताओं ने अपने-अपने विजयी उम्मीदवारों को फूलों से लादकर जमकर नारेबाजी की। विधायक अजय सोलंकी भी इस जुलूस में शामिल हुए।

नाहन में नगर परिषद के अध्यक्ष पद पर जीत दर्ज करने के बाद शहर में विजयी जुलूस निकालते कांग्रेसी।

नाहन में नगर परिषद के अध्यक्ष पद पर जीत दर्ज करने के बाद शहर में विजयी जुलूस निकालते कांग्रेसी।