{"_id":"67adf892d057506b3e0b0774","slug":"listened-to-the-problems-of-nomadic-cattle-herders-nahan-news-c-177-1-ssml1030-143419-2025-02-13","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sirmour News: घुमंतू पशुपालकों की समस्याएं सुनीं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sirmour News: घुमंतू पशुपालकों की समस्याएं सुनीं
विज्ञापन
उपमंडल पशु चिकित्सालय पांवटा साहिब में लगाया शिविर
संवाद न्यूज एजेंसी
पांवटा साहिब (सिरमौर)। उपमंडल पशु चिकित्सालय पांवटा साहिब में जागरुकता शिविर आयोजित किया गया। इस दौरान बकरी और भेड़ पालन से जुड़े घुमंतू पशुपालकों को जागरूक किया गया। शिविर में अधिकारियों ने घुमंतू पशुपालकों की समस्याओं को सुना और कई का मौके पर समाधान किया।
शिविर में संयुक्त निदेशक मुख्यालय शिमला डॉ. संजीव धीमान, उप निदेशक पशु स्वास्थ्य एवं प्रजनन नाहन डॉ. राजीव खुराना, सहायक निदेशक प्रसार नाहन डॉ. संदीप शर्मा, वरिष्ठ पशु चिकित्सा अधिकारी उपमंडल पशु चिकित्सालय पांवटा साहिब डॉ. अमित महाजन, डॉ. सतीश तोमर पशु चिकित्सा अधिकारी, और डॉ. अंजलि पशु चिकित्सा अधिकारी विशेष रूप से मौजूद रहे।
शिविर में विशेषज्ञों ने भेड़-बकरियों में होने वाली बीमारियों और उनके बचाव के लिए टीकाकरण के बारे में जानकारी दी। इसके अलावा पशुपालन से संबंधित सरकारी योजनाओं एवं अनुदानों की जानकारी भी दी। इसके बाद शिविर में भेड़-बकरियों के स्वास्थ्य के लिए विभाग ने दवाइयां बांटीं। शिविर में 21 घुमंतू पशुपालकों ने भाग लिया।
विज्ञापन
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
पांवटा साहिब (सिरमौर)। उपमंडल पशु चिकित्सालय पांवटा साहिब में जागरुकता शिविर आयोजित किया गया। इस दौरान बकरी और भेड़ पालन से जुड़े घुमंतू पशुपालकों को जागरूक किया गया। शिविर में अधिकारियों ने घुमंतू पशुपालकों की समस्याओं को सुना और कई का मौके पर समाधान किया।
शिविर में संयुक्त निदेशक मुख्यालय शिमला डॉ. संजीव धीमान, उप निदेशक पशु स्वास्थ्य एवं प्रजनन नाहन डॉ. राजीव खुराना, सहायक निदेशक प्रसार नाहन डॉ. संदीप शर्मा, वरिष्ठ पशु चिकित्सा अधिकारी उपमंडल पशु चिकित्सालय पांवटा साहिब डॉ. अमित महाजन, डॉ. सतीश तोमर पशु चिकित्सा अधिकारी, और डॉ. अंजलि पशु चिकित्सा अधिकारी विशेष रूप से मौजूद रहे।
विज्ञापन
शिविर में विशेषज्ञों ने भेड़-बकरियों में होने वाली बीमारियों और उनके बचाव के लिए टीकाकरण के बारे में जानकारी दी। इसके अलावा पशुपालन से संबंधित सरकारी योजनाओं एवं अनुदानों की जानकारी भी दी। इसके बाद शिविर में भेड़-बकरियों के स्वास्थ्य के लिए विभाग ने दवाइयां बांटीं। शिविर में 21 घुमंतू पशुपालकों ने भाग लिया।
विज्ञापन