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Sirmour News: 108 एंबुलेंस में ही मिलेगा जीवनरक्षक एंटी-स्नेक वेनम
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डॉक्टर की सलाह पर ही लगेगा टीका, सिरमौर की सभी 26 एंबुलेंस में दवा उपलब्ध
दूरदराज ग्रामीण क्षेत्रों के मरीजों का अस्पताल पहुंचने से पहले ही शुरू हो सकेगा इलाज
चंद्र ठाकुर
नाहन (सिरमौर)। सर्पदंश की आपात स्थिति में मरीजों को अब अस्पताल पहुंचने से पहले उपचार मिल सकेगा। स्वास्थ्य विभाग ने सिरमौर में संचालित 108 और एएलएस जीवनदायिनी की सभी 26 एंबुलेंस में एंटी स्नेक वेनम उपलब्ध करवा दिया है। खासकर शिलाई, संगड़ाह और हरिपुरधार जैसे दूरदराज क्षेत्रों में अस्पताल पहुंचने में लगने वाले समय को देखते हुए यह सुविधा मरीजों के लिए राहत वाली साबित होगी।
दरअसल, सर्पदंश की सूचना देते समय परिजनों को 108 कॉल सेंटर पर इसकी जानकारी देनी होगी। इसके बाद संबंधित एंबुलेंस को मौके पर भेजा जाएगा। एंबुलेंस कर्मी अपनी ओर से सीधे एंटी स्नेक वेनम नहीं देंगे। मौके पर मरीज की स्थिति और सर्पदंश की जानकारी लेने के बाद चिकित्सक से फोन पर परामर्श लिया जाएगा।
चिकित्सक की सलाह मिलने पर ही स्वास्थ्य कर्मी एंटी स्नेक वेनम देंगे और मरीज को आगे के उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया जाएगा। ग्रामीण और दुर्गम क्षेत्रों में अस्पताल दूर होने के कारण सर्पदंश के मरीजों को उपचार मिलने में कई बार देरी हो जाती है। विभाग के अनुसार वर्ष 2026 में अब तक जिले में करीब 15 सर्पदंश के मामले सामने आए हैं।
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मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राकेश प्रताप ने बताया कि विभाग ने 108 एंबुलेंस का संचालन कर रही मेडस्वान कंपनी को एंटी स्नेक वेनम उपलब्ध करवाया है। चिकित्सक की सलाह के अनुसार एंबुलेंस कर्मी इसका इस्तेमाल करेंगे।
मेडस्वान फाउंडेशन के एंबुलेंस कंट्रोल ऑफिसर (एसीओ) रमेश ठाकुर ने बताया कि विभाग से एंबुलेंस में एंटी स्नेक वेनम रखने के निर्देश मिले हैं। मरीज की स्थिति का आकलन करने के बाद चिकित्सक के परामर्श से ही इसका उपयोग किया जा रहा है।
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एंटी स्नेक वेनम ऐसे करता है काम
चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार यह विशेष एंटीबॉडी से बनी एक दवा है जो सांप के जहर में मौजूद टॉक्सिन को बेअसर कर देती है। जब किसी व्यक्ति को जहरीला सांप काटता है, तो उसका जहर खून या नसों के जरिए पूरे शरीर में फैलता है। एंटी-वेनम शरीर में पहुंचकर उन जहरीले तत्वों से जुड़ जाता है और उन्हें नष्ट कर देता है, जिससे आगे की क्षति रुक जाती है। संवाद
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दूरदराज ग्रामीण क्षेत्रों के मरीजों का अस्पताल पहुंचने से पहले ही शुरू हो सकेगा इलाज
चंद्र ठाकुर
नाहन (सिरमौर)। सर्पदंश की आपात स्थिति में मरीजों को अब अस्पताल पहुंचने से पहले उपचार मिल सकेगा। स्वास्थ्य विभाग ने सिरमौर में संचालित 108 और एएलएस जीवनदायिनी की सभी 26 एंबुलेंस में एंटी स्नेक वेनम उपलब्ध करवा दिया है। खासकर शिलाई, संगड़ाह और हरिपुरधार जैसे दूरदराज क्षेत्रों में अस्पताल पहुंचने में लगने वाले समय को देखते हुए यह सुविधा मरीजों के लिए राहत वाली साबित होगी।
दरअसल, सर्पदंश की सूचना देते समय परिजनों को 108 कॉल सेंटर पर इसकी जानकारी देनी होगी। इसके बाद संबंधित एंबुलेंस को मौके पर भेजा जाएगा। एंबुलेंस कर्मी अपनी ओर से सीधे एंटी स्नेक वेनम नहीं देंगे। मौके पर मरीज की स्थिति और सर्पदंश की जानकारी लेने के बाद चिकित्सक से फोन पर परामर्श लिया जाएगा।
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चिकित्सक की सलाह मिलने पर ही स्वास्थ्य कर्मी एंटी स्नेक वेनम देंगे और मरीज को आगे के उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया जाएगा। ग्रामीण और दुर्गम क्षेत्रों में अस्पताल दूर होने के कारण सर्पदंश के मरीजों को उपचार मिलने में कई बार देरी हो जाती है। विभाग के अनुसार वर्ष 2026 में अब तक जिले में करीब 15 सर्पदंश के मामले सामने आए हैं।
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मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राकेश प्रताप ने बताया कि विभाग ने 108 एंबुलेंस का संचालन कर रही मेडस्वान कंपनी को एंटी स्नेक वेनम उपलब्ध करवाया है। चिकित्सक की सलाह के अनुसार एंबुलेंस कर्मी इसका इस्तेमाल करेंगे।
मेडस्वान फाउंडेशन के एंबुलेंस कंट्रोल ऑफिसर (एसीओ) रमेश ठाकुर ने बताया कि विभाग से एंबुलेंस में एंटी स्नेक वेनम रखने के निर्देश मिले हैं। मरीज की स्थिति का आकलन करने के बाद चिकित्सक के परामर्श से ही इसका उपयोग किया जा रहा है।
एंटी स्नेक वेनम ऐसे करता है काम
चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार यह विशेष एंटीबॉडी से बनी एक दवा है जो सांप के जहर में मौजूद टॉक्सिन को बेअसर कर देती है। जब किसी व्यक्ति को जहरीला सांप काटता है, तो उसका जहर खून या नसों के जरिए पूरे शरीर में फैलता है। एंटी-वेनम शरीर में पहुंचकर उन जहरीले तत्वों से जुड़ जाता है और उन्हें नष्ट कर देता है, जिससे आगे की क्षति रुक जाती है। संवाद