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Sirmour News: स्वास्थ्य विभाग के नाम नहीं हो पा रही प्रदेश वूल फेडरेशन से भूमि
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दिक्कत...
स्वास्थ्य विभाग के नाम नहीं हो पा रही प्रदेश वूल फेडरेशन से भूमि
23 करोड़ रुपये से बननी है क्रिटिकल केयर यूनिट योजना, 2.13 बीघा भूमि पर होगा निर्माण
वन विभाग की 2 बीघा भूमि मिली, 13 बिस्वा भूमि फेडरेशन की अभी नहीं मिली
सुरेश तोमर
पांवटा साहिब (सिरमौर)। करीब 23 करोड़ बजट से 50 बिस्तरों का क्रिटिकल केयर सेंटर यूनिट (ट्रामा सेंटर की तरह) योजना प्रस्तावित है। सिविल अस्पताल के साथ लगते करीब 2.13 बीघा भूमि योजना के लिए चिह्नित की है। इसमें से वन विभाग से दो बीघा भूमि स्वास्थ्य विभाग के नाम हो चुकी है।
हिमाचल प्रदेश वूल फेडरेशन से कई बार पत्र व्यवहार करने पर भी भूमि विभाग के नाम हस्तांतरित नहीं हो सकी है।
बता दें कि पांवटा सिविल अस्पताल जिला मुख्यालय नाहन स्थित मेडिकल कॉलेज के बाद सबसे अधिक ओपीडी वाला अस्पताल है। इस क्षेत्र में शिलाई, पांवटा साहिब, रेणुकाजी और नाहन विधानसभा क्षेत्र के कई गांवों के साथ ही हरियाणा व उत्तराखंड के आसपास लगते गांवों के लोग भी उपचार के लिए पहुंचते हैं। पांवटा साहिब जिले का ऐसा अस्पताल है जिसमें तीन एनएच और अन्य मार्गों, क्रशर, खनन माइनों व सैकड़ों औद्योगिक इकाइयों से हादसों के सबसे ज्यादा मामले पहुंचते हैं। लंबे समय से पांवटा में ट्रॉमा सेंटर की मांग उठती रही है।
विगत वर्ष केंद्र सरकार की योजना आयुष्मान भारत हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन के तहत पांवटा साहिब में 23 करोड़ लागत से क्रिटिकल केयर ब्लॉक स्थापित करने की मंजूरी मिली। इस महत्वपूर्ण योजना के लिए अस्पताल प्रबंधन अब ट्रॉमा सेंटर और नए भवन के लिए चिह्नित 2.13 बीघा भूमि पर स्थापित होना है। वन विभाग से दो बीघा भूमि स्वास्थ्य विभाग के नाम हो चुकी है लेकिन साथ लगती 13 बिस्वा भूमि हिमाचल प्रदेश वूल फेडरेशन से विभाग के नाम नहीं हो पा रही है। वर्ष 2023 से अब तक तीन पत्र सीएमओ सिरमौर के माध्यम से निदेशक स्वास्थ्य विभाग से हिमाचल प्रदेश वूल फेडरेशन को भेजे जा चुके हैं।
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बाक्स...
प्रदेश वूल फेडरेशन से पत्र व्यवहार जारी : डॉ. सुधी गुप्ता
- सिविल अस्पताल पांवटा साहिब के प्रभारी डॉ. सुधी गुप्ता ने कहा कि क्रिटिकल
केयर यूनिट योजना में नया भवन बनेगा व उपचार के आधुनिक उपकरण व अलग स्टाफ की व्यवस्था होगी। हिमाचल प्रदेश वूल फेडरेशन की भूमि स्वास्थ्य विभाग के नाम नहीं हो सकी है। इसके लिए पत्र व्यवहार जारी है। रोगी कल्याण समिति ने एक टीम का गठन कर दिया है।
बाक्स...
ट्रॉमा सेंटर की तर्ज पर ही बनेगी योजना
- केंद्र सरकार से योजना में 16 करोड़ से भवन निर्माण (सिविल वर्क) व 7 करोड़ रुपये की लागत से आईसीयू समेत आधुुनिक उपचार मशीनें-उपकरण स्थापित किए जाएंगे। इसमें ट्रॉमा सेंटर की ही तरह ही अलग विशेषज्ञ चिकित्सक और स्टाफ की व्यवस्था भी होगी। इससे हादसों में जान गंवाने वाले लोगों की संख्या के ग्राफ में कमी आ सकेगी।
संवाद
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स्वास्थ्य विभाग के नाम नहीं हो पा रही प्रदेश वूल फेडरेशन से भूमि
23 करोड़ रुपये से बननी है क्रिटिकल केयर यूनिट योजना, 2.13 बीघा भूमि पर होगा निर्माण
वन विभाग की 2 बीघा भूमि मिली, 13 बिस्वा भूमि फेडरेशन की अभी नहीं मिली
सुरेश तोमर
पांवटा साहिब (सिरमौर)। करीब 23 करोड़ बजट से 50 बिस्तरों का क्रिटिकल केयर सेंटर यूनिट (ट्रामा सेंटर की तरह) योजना प्रस्तावित है। सिविल अस्पताल के साथ लगते करीब 2.13 बीघा भूमि योजना के लिए चिह्नित की है। इसमें से वन विभाग से दो बीघा भूमि स्वास्थ्य विभाग के नाम हो चुकी है।
हिमाचल प्रदेश वूल फेडरेशन से कई बार पत्र व्यवहार करने पर भी भूमि विभाग के नाम हस्तांतरित नहीं हो सकी है।
बता दें कि पांवटा सिविल अस्पताल जिला मुख्यालय नाहन स्थित मेडिकल कॉलेज के बाद सबसे अधिक ओपीडी वाला अस्पताल है। इस क्षेत्र में शिलाई, पांवटा साहिब, रेणुकाजी और नाहन विधानसभा क्षेत्र के कई गांवों के साथ ही हरियाणा व उत्तराखंड के आसपास लगते गांवों के लोग भी उपचार के लिए पहुंचते हैं। पांवटा साहिब जिले का ऐसा अस्पताल है जिसमें तीन एनएच और अन्य मार्गों, क्रशर, खनन माइनों व सैकड़ों औद्योगिक इकाइयों से हादसों के सबसे ज्यादा मामले पहुंचते हैं। लंबे समय से पांवटा में ट्रॉमा सेंटर की मांग उठती रही है।
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विगत वर्ष केंद्र सरकार की योजना आयुष्मान भारत हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन के तहत पांवटा साहिब में 23 करोड़ लागत से क्रिटिकल केयर ब्लॉक स्थापित करने की मंजूरी मिली। इस महत्वपूर्ण योजना के लिए अस्पताल प्रबंधन अब ट्रॉमा सेंटर और नए भवन के लिए चिह्नित 2.13 बीघा भूमि पर स्थापित होना है। वन विभाग से दो बीघा भूमि स्वास्थ्य विभाग के नाम हो चुकी है लेकिन साथ लगती 13 बिस्वा भूमि हिमाचल प्रदेश वूल फेडरेशन से विभाग के नाम नहीं हो पा रही है। वर्ष 2023 से अब तक तीन पत्र सीएमओ सिरमौर के माध्यम से निदेशक स्वास्थ्य विभाग से हिमाचल प्रदेश वूल फेडरेशन को भेजे जा चुके हैं।
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प्रदेश वूल फेडरेशन से पत्र व्यवहार जारी : डॉ. सुधी गुप्ता
- सिविल अस्पताल पांवटा साहिब के प्रभारी डॉ. सुधी गुप्ता ने कहा कि क्रिटिकल
केयर यूनिट योजना में नया भवन बनेगा व उपचार के आधुनिक उपकरण व अलग स्टाफ की व्यवस्था होगी। हिमाचल प्रदेश वूल फेडरेशन की भूमि स्वास्थ्य विभाग के नाम नहीं हो सकी है। इसके लिए पत्र व्यवहार जारी है। रोगी कल्याण समिति ने एक टीम का गठन कर दिया है।
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ट्रॉमा सेंटर की तर्ज पर ही बनेगी योजना
- केंद्र सरकार से योजना में 16 करोड़ से भवन निर्माण (सिविल वर्क) व 7 करोड़ रुपये की लागत से आईसीयू समेत आधुुनिक उपचार मशीनें-उपकरण स्थापित किए जाएंगे। इसमें ट्रॉमा सेंटर की ही तरह ही अलग विशेषज्ञ चिकित्सक और स्टाफ की व्यवस्था भी होगी। इससे हादसों में जान गंवाने वाले लोगों की संख्या के ग्राफ में कमी आ सकेगी।
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