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Sirmour News: खाद नहीं मिली तो 9 अक्तूबर को कृषि विभाग कार्यालय घेरेंगे किसान
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किसान संगठनों का ऐलान, आईडी के लिए लोकमित्र केंद्रों के चक्कर काट रहे सैकड़ों किसान
गेहूं की बिजाई सिर पर, संगठनों ने कहा-आईडी की दिक्कत दूर होने तक आधार कार्ड पर खाद देने की व्यवस्था बहाल हो
संवाद न्यूज एजेंसी
पांवटा साहिब (सिरमौर)। खाद की उपलब्धता और किसान आईडी बनाने में आ रही दिक्कतों को लेकर पांवटा साहिब के किसानों में रोष बढ़ता जा रहा है। हिमाचल किसान सभा और भारतीय किसान यूनियन (चढ़ूनी) ने संयुक्त रूप से 9 अक्तूबर को कृषि विभाग कार्यालय पांवटा साहिब के घेराव का ऐलान किया है। किसान संगठनों का आरोप है कि खाद लेने के लिए किसान आईडी अनिवार्य किए जाने के बावजूद आईडी बनाने की व्यवस्था पूरी तरह तैयार नहीं है। इसके चलते सैकड़ों किसान खाद के लिए भटक रहे हैं।
संयुक्त किसान संगठन के संयोजक एवं भारतीय किसान यूनियन (चढ़ूनी) हिमाचल प्रदेश के अध्यक्ष तरसेम सिंह सग्गी तथा हिमाचल किसान सभा के जिला उपाध्यक्ष गुरविंद्र सिंह गोपी ने कहा कि किसान पहले खाद लेने के लिए दुकानों और समितियों के चक्कर काट रहे हैं और अब आईडी बनवाने के लिए लोकमित्र केंद्रों के चक्कर लगाने को मजबूर हैं। उनका आरोप है कि राजस्व विभाग की ओर से आईडी बनाने की प्रक्रिया को लेकर पर्याप्त तैयारी नहीं की गई है।
किसान नेताओं के अनुसार कई किसानों की आईडी किसी तरह बन भी रही है तो उसमें उनकी जमीन का पूरा रकबा दर्ज नहीं हो पा रहा है। ऐसे में आईडी बनने के बावजूद किसान को उसकी जरूरत के मुताबिक खाद नहीं मिल पा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार की व्यवस्था के अनुसार एक एकड़ जमीन पर पूरे वर्ष में केवल दो बैग खाद मिलने की सीमा किसानों के लिए परेशानी बढ़ा रही है। किसानों का कहना है कि क्षेत्र में एक वर्ष में तीन फसलें ली जाती हैं और फसलों में एक से अधिक बार खाद की जरूरत पड़ती है।
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किसान संगठनों ने मांग की है कि जब तक किसान आईडी बनाने की प्रक्रिया में आ रही तकनीकी और प्रशासनिक दिक्कतें दूर नहीं होतीं, तब तक पहले की तरह आधार कार्ड के आधार पर खाद उपलब्ध करवाने की व्यवस्था जारी रखी जाए।
सग्गी और गोपी ने कहा कि गेहूं की बिजाई में अब महज दो-तीन सप्ताह का समय बचा है। ऐसे में यदि समय रहते खाद उपलब्ध नहीं हुई तो किसानों के सामने नई परेशानी खड़ी हो सकती है। उन्होंने कहा कि 9 अक्तूबर का कार्यक्रम फिलहाल सांकेतिक घेराव होगा। इसके बावजूद मांगें नहीं मानी गईं तो किसान संगठन आगामी आंदोलन की रणनीति घोषित करेंगे।
किसान संगठनों ने पांवटा साहिब के किसानों से 9 अक्तूबर को सुबह 10 बजे लोक निर्माण विभाग परिसर में अधिक से अधिक संख्या में पहुंचने का आह्वान किया है।-- -- -- -- -
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गेहूं की बिजाई सिर पर, संगठनों ने कहा-आईडी की दिक्कत दूर होने तक आधार कार्ड पर खाद देने की व्यवस्था बहाल हो
संवाद न्यूज एजेंसी
पांवटा साहिब (सिरमौर)। खाद की उपलब्धता और किसान आईडी बनाने में आ रही दिक्कतों को लेकर पांवटा साहिब के किसानों में रोष बढ़ता जा रहा है। हिमाचल किसान सभा और भारतीय किसान यूनियन (चढ़ूनी) ने संयुक्त रूप से 9 अक्तूबर को कृषि विभाग कार्यालय पांवटा साहिब के घेराव का ऐलान किया है। किसान संगठनों का आरोप है कि खाद लेने के लिए किसान आईडी अनिवार्य किए जाने के बावजूद आईडी बनाने की व्यवस्था पूरी तरह तैयार नहीं है। इसके चलते सैकड़ों किसान खाद के लिए भटक रहे हैं।
संयुक्त किसान संगठन के संयोजक एवं भारतीय किसान यूनियन (चढ़ूनी) हिमाचल प्रदेश के अध्यक्ष तरसेम सिंह सग्गी तथा हिमाचल किसान सभा के जिला उपाध्यक्ष गुरविंद्र सिंह गोपी ने कहा कि किसान पहले खाद लेने के लिए दुकानों और समितियों के चक्कर काट रहे हैं और अब आईडी बनवाने के लिए लोकमित्र केंद्रों के चक्कर लगाने को मजबूर हैं। उनका आरोप है कि राजस्व विभाग की ओर से आईडी बनाने की प्रक्रिया को लेकर पर्याप्त तैयारी नहीं की गई है।
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किसान नेताओं के अनुसार कई किसानों की आईडी किसी तरह बन भी रही है तो उसमें उनकी जमीन का पूरा रकबा दर्ज नहीं हो पा रहा है। ऐसे में आईडी बनने के बावजूद किसान को उसकी जरूरत के मुताबिक खाद नहीं मिल पा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार की व्यवस्था के अनुसार एक एकड़ जमीन पर पूरे वर्ष में केवल दो बैग खाद मिलने की सीमा किसानों के लिए परेशानी बढ़ा रही है। किसानों का कहना है कि क्षेत्र में एक वर्ष में तीन फसलें ली जाती हैं और फसलों में एक से अधिक बार खाद की जरूरत पड़ती है।
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किसान संगठनों ने मांग की है कि जब तक किसान आईडी बनाने की प्रक्रिया में आ रही तकनीकी और प्रशासनिक दिक्कतें दूर नहीं होतीं, तब तक पहले की तरह आधार कार्ड के आधार पर खाद उपलब्ध करवाने की व्यवस्था जारी रखी जाए।
सग्गी और गोपी ने कहा कि गेहूं की बिजाई में अब महज दो-तीन सप्ताह का समय बचा है। ऐसे में यदि समय रहते खाद उपलब्ध नहीं हुई तो किसानों के सामने नई परेशानी खड़ी हो सकती है। उन्होंने कहा कि 9 अक्तूबर का कार्यक्रम फिलहाल सांकेतिक घेराव होगा। इसके बावजूद मांगें नहीं मानी गईं तो किसान संगठन आगामी आंदोलन की रणनीति घोषित करेंगे।
किसान संगठनों ने पांवटा साहिब के किसानों से 9 अक्तूबर को सुबह 10 बजे लोक निर्माण विभाग परिसर में अधिक से अधिक संख्या में पहुंचने का आह्वान किया है।