{"_id":"628bd9c0f63d150702411660","slug":"in-nahan-and-ponta-sahib-college-teachers-deamnded-for-seventh-salary-benefit-of-ugc-nahan-news-sml409821295","type":"story","status":"publish","title_hn":"कॉलेज प्राध्यापकों को प्रोफेसर पद के रुप में नाम दिया जाए","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कॉलेज प्राध्यापकों को प्रोफेसर पद के रुप में नाम दिया जाए
विज्ञापन
पांवटा साहिब कालेज में भूख हड़ताल पर बैठे प्राध्यापक संघ के सदस्य। संवाद
- फोटो : NAHAN
नाहन/ पांवटा साहिब (सिरमौर)। हिमाचल प्रदेश राजकीय महाविद्यालय प्राध्यापक संघ की नाहन और पांवटा इकाई ने एक दिवसीय भूख हड़ताल रखी। सभी प्राध्यापकों के हड़ताल पर रहने से दोनों जगहों पर कॉलेज का शैक्षणिक कार्य प्रभावित रहा। इस दौरान संघ ने सातवें यूजीसी वेतनमान आयोग को शीघ्र लागू करने की मांग दोहराई।
राजकीय महाविद्यालय प्राध्यापक संघ नाहन के प्रधान प्रो. प्रेम भारद्वाज, महासचिव सुदेश शर्मा, डॉ. राजेश त्रेहन, डॉ. उतमा पांडे, विकास गुलेरिया, सरिता बंसल, राजकीय महाविद्यालय प्राध्यापक संघ पांवटा इकाई के प्रधान डॉ. मोहन सिंह चौहान, महासचिव रीना चौहान, डॉ. श्रीकांत रितु पंत व डॉ. जयचंद शर्मा ने कहा कि जायज मांगों को लेकर संघर्ष जारी है।
उन्होंने कहाकि लंबे अरसे से सातवें यूजीसी वेतनमान को लागू नहीं किया जा रहा है। पीएचडी व एमफिल को वर्ष 2014 के बाद से इंक्रीमेंट नहीं दिया गया। सभी कॉलेज के प्राध्यापकों को प्रोफेसर पोस्ट के रुप में नाम दिया जाए। अपने संघर्ष के पहले चरण में हम इस मुद्दे पर अपनी नाराजगी दिखाने के लिए शांतिपूर्ण और सभ्य प्रक्रिया का पालन कर रहे हैं।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि नाहन और पांवटा कॉलेज में सभी प्राध्यापक सोमवार को एक दिवसीय भूख हड़ताल पर रहे। इस दौरान सभी ने 24 मई से 12:30 से 1:30 बजे के दौरान एक घंटे का धरना प्रदर्शन करने का भी निर्णय लिया। भूख हड़ताल के दौरान नाहन और पांवटा में सभी प्राध्यापक मौजूद रहे।
विज्ञापन
राजकीय महाविद्यालय प्राध्यापक संघ नाहन के प्रधान प्रो. प्रेम भारद्वाज, महासचिव सुदेश शर्मा, डॉ. राजेश त्रेहन, डॉ. उतमा पांडे, विकास गुलेरिया, सरिता बंसल, राजकीय महाविद्यालय प्राध्यापक संघ पांवटा इकाई के प्रधान डॉ. मोहन सिंह चौहान, महासचिव रीना चौहान, डॉ. श्रीकांत रितु पंत व डॉ. जयचंद शर्मा ने कहा कि जायज मांगों को लेकर संघर्ष जारी है।
विज्ञापन
उन्होंने कहाकि लंबे अरसे से सातवें यूजीसी वेतनमान को लागू नहीं किया जा रहा है। पीएचडी व एमफिल को वर्ष 2014 के बाद से इंक्रीमेंट नहीं दिया गया। सभी कॉलेज के प्राध्यापकों को प्रोफेसर पोस्ट के रुप में नाम दिया जाए। अपने संघर्ष के पहले चरण में हम इस मुद्दे पर अपनी नाराजगी दिखाने के लिए शांतिपूर्ण और सभ्य प्रक्रिया का पालन कर रहे हैं।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि नाहन और पांवटा कॉलेज में सभी प्राध्यापक सोमवार को एक दिवसीय भूख हड़ताल पर रहे। इस दौरान सभी ने 24 मई से 12:30 से 1:30 बजे के दौरान एक घंटे का धरना प्रदर्शन करने का भी निर्णय लिया। भूख हड़ताल के दौरान नाहन और पांवटा में सभी प्राध्यापक मौजूद रहे।

राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय नाहन में भूख हड़ताल पर बैठे प्राध्यापक। संवाद- फोटो : NAHAN