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Sirmour News: बद्रीपुर में राज्य बिजली बोर्ड प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी

Wed, 03 Jan 2024 11:14 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Wed, 03 Jan 2024 11:14 PM IST
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electricity board employees organised strike in badripur
विद्युत बोर्ड मंडल बद्रीपुर कार्यालय में भोजन अवकाश के समय सांकेतिक धरना प्रदर्शन करते कर्मचारी
बद्रीपुर में राज्य बिजली बोर्ड प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी
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करीब 53 वर्ष में पहली बार इस तरह के हालात पैदा हुए : जीएस सैनी
पुरानी पेंशन बहाली मांग और मानदेय जारी न होने पर जताई नाराजगी
संवाद न्यूज एजेंसी
पांवटा साहिब (सिरमौर)। बिजली बोर्ड मंडल बद्रीपुर पांवटा साहिब कार्यालय में भोजन अवकाश के दौरान सांकेतिक धरना-प्रदर्शन किया गया। इस दौरान कर्मचारियों, सेवानिवृत्त कर्मचारी संघ और आउटसोर्स कर्मियों ने मिल कर बिजली बोर्ड के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
बिजली बोर्ड कर्मचारियों ने पुरानी कर्मचारी पेंशन लागू करने और दिसंबर के लंबित मानदेय समेत अपनी मांगों को उठाया।
बिजली बोर्ड कर्मचारी यूनियन राज्य उपाध्यक्ष सुनील कुमार, पांवटा इकाई अध्यक्ष निर्मल सिंह, महामंत्री संजय कुमार ने बताया कि अब तक दिसंबर का मानदेय और पेंशन जारी नहीं की गई है जिससे कर्मचारियों, पेंशनरों और आउटसोर्स कर्मचारियों को दिक्कतें आ रहीं हैं।
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बिजली बोर्ड कर्मचारियों ने मिलकर ओपीएस को संघर्ष किया है। ओपीएस तो दूर तनख्वाह के लिए भी लाले पड़ रहे हैं। बिजली बोर्ड एक सरकारी संस्था है। इस पर सभी नियम कानून लागू होते हैं। राज्य बिजली बोर्ड लिमिटेड में नई प्रदेश सरकार बनने के एक साल बाद ओपीएस का कोई पता नहीं है।
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अब तो दिसंबर माह का मानदेय भी नहीं मिल पाया है। सरकार 125 यूनिट निशुल्क बांट रही है। इसका भुगतान बिजली बोर्ड के कर्मचारियों को करना पड़ रहा है। सरकार तनख्वाह व पेंशन देती है। सेवानिवृत्त पेंशनर संघ अध्यक्ष एसके गुप्ता, जीएस सैनी और पूरण ठाकुर ने बताया कि 53 वर्षों के इतिहास में प्रथम बार हो रहा है कि कर्मचारियों को समय पर मानदेय नहीं मिला।
बिजली बोर्ड प्रदेश में कमाई करने वाली संस्था है। फिर सरकार व बोर्ड सौतेला व्यवहार क्यों कर रही है। दिन रात सेवा देने वाले बिजली बोर्ड में पेंशन लगाने के लिए सरकार बिजली बोर्ड का फायदा या नुकसान का हिसाब लगा रही है। अन्य सभी विभागों की पुरानी पेंशन लगी पर सरकार ने बिजली बोर्ड को छोड़ दिया।

वक्ताओं ने कहा कि बिजली बोर्ड की आय बढ़ाने के लिए बिजली दर कीमत बढ़ाई जा सकती है जो सिर्फ सरकार के हाथ में है।
हिमाचल प्रदेश बिजली बोर्ड में पेंशन लागू की जाए और आउटसोर्स का शोषण बंद किया जाए और उनके लिए एक स्थायी नीति बनाई जाए।इस अवसर पर अंकुश शर्मा, गुरदत्त चौहान, एमएस खंबा, नीलम शर्मा, अनिल भारती, पूर्ण ठाकुर, निर्मल सिंह, संजय कुमार, इम्तियाज हाशमी समेत अधिकारी और अन्य कर्मचारी मौजूद रहे।

संवाद
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