{"_id":"675ed56489a85085670608f4","slug":"due-to-less-snowfall-and-rain-water-birds-reached-asan-barrage-less-than-expected-nahan-news-c-177-1-nhn1001-138934-2024-12-15","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sirmour News: कम बर्फबारी और बारिश से आसन बैराज में उम्मीद से कम पहुंचे जल पक्षी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sirmour News: कम बर्फबारी और बारिश से आसन बैराज में उम्मीद से कम पहुंचे जल पक्षी
विज्ञापन
साइबेरिया से सुर्खाब और दूसरी प्रजातियों के पहुंचे पक्षी, 3500 परिंदों ने बैराज में डाला डेरा
दिसंबर के दूसरे सप्ताह तक 4500 से 5000 तक पहुंच जाते थे विदेशी पक्षी
सुरेश तोमर
पांवटा साहिब (सिरमौर)। हिमाचल-उत्तराखंड की सीमा पर आसन बैराज में साईबेरियन समेत दूसरे विदेश के 3500 से अधिक रंग-बिरंगे मेहमान पहुंचे हैं। आसन वेटलैंड में नवंबर से देश-विदेश से जल पक्षियों का आगमन शुरू हो जाता है। हजारों जल पक्षी मार्च तक यहीं डेरा जमा कर रखते हैं।
दिसंबर के दूसरे सप्ताह तक 4500 से 5000 तक पक्षियों की संख्या पहुंच जाती थी। अब तक कम जल पक्षी आने का मुख्य कारण कम बर्फबारी और बारिश नहीं होना माना जा रहा है।
बता दे की सर्दियों में आसन बैराज देश-विदेश के परिंदों का पसंदीदा स्थल है। अभी साईबेरिया से सुर्खाव समेत दो दर्जन से अधिक प्रजातियों के करीब 3500 तक जल पक्षी पहुंचे हैं। हर वर्ष जनवरी माह तक इनकी संख्या यहां 6,000 तक पहुंच जाती है। दिसंबरके दूसरे सप्ताह तक 4500 से 5000 तक पक्षियों की संख्या आसन बैराज में हो जाती थी। हजारों मेहमान परिंदों के आगमन पर हिमाचल-उत्तराखंड की सीमा पर स्थित आसन बैराज पर्यटन केंद्र में मोटर बोट बंद कर दी गई हैं। सामान्य नौकायन के लिए झील स्थल पर अलग से सीमित स्थान चिह्नित किया है ताकि इन परिंदों को मनमाफिक झील में भ्रमण को स्थल मिले। इन दिनों जल पक्षियों का कलरव, आकाश में उड़कर झील में लौटना पर्यटकों को आकर्षित करता है। साथ-साथ ही झील की सुंदरता में चार चांद लग जाते हैं।
विज्ञापन
और पक्षी आने की उम्मीद : भट्ट
आरओ आसन बैराज उत्तराखंड अनिल कुमार भट्ट ने कहा कि जनवरी 2025 मे जल पक्षिओं की गणना का काम होगा। अब तक करीब साढ़े तीन हजार तक पक्षी पहुंचे हैं। इनकी सुरक्षा को दिन-रात के समय दर्जनों वन विभाग के प्रशिक्षु पहरा देते हैं। उम्मीद है जनवरी माह तक जल पक्षियों की संख्या में इजाफा होगा।
दर्जनों प्रजातियाें के आते हैं पक्षी : सक्सेना
वन दरोगा और जल पक्षी विशेषज्ञ प्रदीप सक्सेना का कहना है कि आसन बैराज में साईबेरिया, चीन, कजाकिस्तान समेत कई देशों से जल पक्षी की 52 प्रजातियां पहुंचती हैं। इस बार अब तक ज्यादा बारिश नहीं हुई है। बर्फबारी का भी इंतजार है। इसके चलते यहां कम संख्या में पक्षी पहुंचे हैं।
विज्ञापन
दिसंबर के दूसरे सप्ताह तक 4500 से 5000 तक पहुंच जाते थे विदेशी पक्षी
सुरेश तोमर
पांवटा साहिब (सिरमौर)। हिमाचल-उत्तराखंड की सीमा पर आसन बैराज में साईबेरियन समेत दूसरे विदेश के 3500 से अधिक रंग-बिरंगे मेहमान पहुंचे हैं। आसन वेटलैंड में नवंबर से देश-विदेश से जल पक्षियों का आगमन शुरू हो जाता है। हजारों जल पक्षी मार्च तक यहीं डेरा जमा कर रखते हैं।
दिसंबर के दूसरे सप्ताह तक 4500 से 5000 तक पक्षियों की संख्या पहुंच जाती थी। अब तक कम जल पक्षी आने का मुख्य कारण कम बर्फबारी और बारिश नहीं होना माना जा रहा है।
विज्ञापन
बता दे की सर्दियों में आसन बैराज देश-विदेश के परिंदों का पसंदीदा स्थल है। अभी साईबेरिया से सुर्खाव समेत दो दर्जन से अधिक प्रजातियों के करीब 3500 तक जल पक्षी पहुंचे हैं। हर वर्ष जनवरी माह तक इनकी संख्या यहां 6,000 तक पहुंच जाती है। दिसंबरके दूसरे सप्ताह तक 4500 से 5000 तक पक्षियों की संख्या आसन बैराज में हो जाती थी। हजारों मेहमान परिंदों के आगमन पर हिमाचल-उत्तराखंड की सीमा पर स्थित आसन बैराज पर्यटन केंद्र में मोटर बोट बंद कर दी गई हैं। सामान्य नौकायन के लिए झील स्थल पर अलग से सीमित स्थान चिह्नित किया है ताकि इन परिंदों को मनमाफिक झील में भ्रमण को स्थल मिले। इन दिनों जल पक्षियों का कलरव, आकाश में उड़कर झील में लौटना पर्यटकों को आकर्षित करता है। साथ-साथ ही झील की सुंदरता में चार चांद लग जाते हैं।
विज्ञापन
और पक्षी आने की उम्मीद : भट्ट
आरओ आसन बैराज उत्तराखंड अनिल कुमार भट्ट ने कहा कि जनवरी 2025 मे जल पक्षिओं की गणना का काम होगा। अब तक करीब साढ़े तीन हजार तक पक्षी पहुंचे हैं। इनकी सुरक्षा को दिन-रात के समय दर्जनों वन विभाग के प्रशिक्षु पहरा देते हैं। उम्मीद है जनवरी माह तक जल पक्षियों की संख्या में इजाफा होगा।
दर्जनों प्रजातियाें के आते हैं पक्षी : सक्सेना
वन दरोगा और जल पक्षी विशेषज्ञ प्रदीप सक्सेना का कहना है कि आसन बैराज में साईबेरिया, चीन, कजाकिस्तान समेत कई देशों से जल पक्षी की 52 प्रजातियां पहुंचती हैं। इस बार अब तक ज्यादा बारिश नहीं हुई है। बर्फबारी का भी इंतजार है। इसके चलते यहां कम संख्या में पक्षी पहुंचे हैं।