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Sirmour News: अंतिम बहस से पहले नए दस्तावेज पेश करने की मांग खारिज
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नाहन। प्रधान न्यायाधीश (परिवार न्यायालय) ने एक आदेश में अंतिम बहस के चरण पर अतिरिक्त दस्तावेज रिकॉर्ड पर लेने की मांग करने वाली प्रतिवादी की अर्जी खारिज कर दी।
मामला रमेश कुमार बनाम जैमंती से जुड़ा है। प्रतिवादी ने अदालत से आग्रह किया था कि हिंदू विवाह अधिनियम के तहत विवाह पंजीकरण से संबंधित आवेदन, विवाह ज्ञापन तथा उपायुक्त कार्यालय से जारी कुछ आधिकारिक पत्रों को अतिरिक्त साक्ष्य के रूप में स्वीकार किया जाए। उसका तर्क था कि ये दस्तावेज बाद में उपलब्ध हुए और न्यायपूर्ण निर्णय के लिए आवश्यक हैं। वहीं, वादी की ओर से इसका विरोध करते हुए कहा गया कि संबंधित अभिलेख और सरकारी कर्मचारी पहले ही अदालत में पेश हो चुके थे। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद न्यायालय ने माना कि आवश्यक सावधानी नहीं बरती गई और पहले इसी प्रकार की अर्जी भी संबंधित मामले में खारिज की जा चुकी है। अब मामले में 15 जुलाई 2026 को अंतिम बहस होगी।-- -- -- -- -- --
संवाद
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मामला रमेश कुमार बनाम जैमंती से जुड़ा है। प्रतिवादी ने अदालत से आग्रह किया था कि हिंदू विवाह अधिनियम के तहत विवाह पंजीकरण से संबंधित आवेदन, विवाह ज्ञापन तथा उपायुक्त कार्यालय से जारी कुछ आधिकारिक पत्रों को अतिरिक्त साक्ष्य के रूप में स्वीकार किया जाए। उसका तर्क था कि ये दस्तावेज बाद में उपलब्ध हुए और न्यायपूर्ण निर्णय के लिए आवश्यक हैं। वहीं, वादी की ओर से इसका विरोध करते हुए कहा गया कि संबंधित अभिलेख और सरकारी कर्मचारी पहले ही अदालत में पेश हो चुके थे। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद न्यायालय ने माना कि आवश्यक सावधानी नहीं बरती गई और पहले इसी प्रकार की अर्जी भी संबंधित मामले में खारिज की जा चुकी है। अब मामले में 15 जुलाई 2026 को अंतिम बहस होगी।
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