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रेणुका मेले में इस बार नहीं निकलेगी शोभायात्रा, न होंगे सांस्कृतिक कार्यक्रम
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श्री रेणुका जी अंतरराष्ट्रीय रेणुका मेले की तैयारियों को लेकर आयोजित बैठक में उपस्थित अधिकारी।
- फोटो : NAHAN
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ददाहू (सिरमौर)। अंतरराष्ट्रीय रेणुका मेला इस वर्ष 24 से 30 नवंबर के बीच श्रद्धा और सूक्ष्म रूप से मनाया जाएगा। मेले के आयोजन को लेकर मंगलवार को उपायुक्त सिरमौर डॉ. आरके परूथी की अध्यक्षता में बैठक हुई जिसमें निर्णय लिया गया कि यह मेला कोविड नियमों की पालना करते हुए सामाजिक दूरी के तहत ही मनाया जाएगा।
मेले में इस वर्ष पहली मर्तबा शोभायात्रा, सांस्कृतिक संध्या और दंगल आदि का आयोजन नहीं होंगे। न ही मुख्यमंत्री और राज्यपाल मेले का उद्घाटन व समापन करेंगे। केवल परंपरा को निभाने के लिए ही देवता अपनी हाजिरी भरेंगे।
मेले में भाग लेने वाले सभी देवताओं को पहले आवेदन करना अनिवार्य होगा। उसके बाद ही उन्हें मेले में शिरकत करने की स्वीकृति दी जाएगी। आवेदन के लिए उपायुक्त ने सभी देव स्थलों के पुजारियों और देवालुओं को मात्र एक सप्ताह का समय दिया है। एक सप्ताह के दौरान वह अपना आवेदन एसडीएम नाहन के समक्ष कर सकेंगे।
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मेले के दौरान मंदिरों में ही श्रद्धालुओं को दर्शन की इजाजत होगी। ऐतिहासिक रेणुका झील में पवित्र और शाही स्नान के लिए भी नियम बनाए जाएंगे। मेले में भाग लेने वाले सभी श्रद्धालुओं पर प्रशासन और पुलिस की पूरी नजर रहेगी। बिना मास्क के किसी भी श्रद्धालु को मेले में प्रवेश नहीं दिया जाएगा। मेले के दौरान व्यापारिक, सांस्कृतिक और सामाजिक गतिविधियों पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। यहां तक कि व्यापारी भी मेला परिसर में अपनी दुकान नहीं लगा पाएंगे। किसी को भी भंडारे आदि लगाने की स्वीकृति नहीं दी जाएगी।
बैठक में रेणुका के विधायक विनय कुमार, एसडीएम नाहन रजनेश कुमार, डीएसपी संगड़ाह शक्ति सिंह, तहसीलदार ददाहू चेतन चौहान और सीईओ दीपराम शर्मा सहित सभी विभागों के अधिकारी और बोर्ड से जुड़े सदस्य मौजूद रहे।
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मेले में इस वर्ष पहली मर्तबा शोभायात्रा, सांस्कृतिक संध्या और दंगल आदि का आयोजन नहीं होंगे। न ही मुख्यमंत्री और राज्यपाल मेले का उद्घाटन व समापन करेंगे। केवल परंपरा को निभाने के लिए ही देवता अपनी हाजिरी भरेंगे।
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मेले में भाग लेने वाले सभी देवताओं को पहले आवेदन करना अनिवार्य होगा। उसके बाद ही उन्हें मेले में शिरकत करने की स्वीकृति दी जाएगी। आवेदन के लिए उपायुक्त ने सभी देव स्थलों के पुजारियों और देवालुओं को मात्र एक सप्ताह का समय दिया है। एक सप्ताह के दौरान वह अपना आवेदन एसडीएम नाहन के समक्ष कर सकेंगे।
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मेले के दौरान मंदिरों में ही श्रद्धालुओं को दर्शन की इजाजत होगी। ऐतिहासिक रेणुका झील में पवित्र और शाही स्नान के लिए भी नियम बनाए जाएंगे। मेले में भाग लेने वाले सभी श्रद्धालुओं पर प्रशासन और पुलिस की पूरी नजर रहेगी। बिना मास्क के किसी भी श्रद्धालु को मेले में प्रवेश नहीं दिया जाएगा। मेले के दौरान व्यापारिक, सांस्कृतिक और सामाजिक गतिविधियों पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। यहां तक कि व्यापारी भी मेला परिसर में अपनी दुकान नहीं लगा पाएंगे। किसी को भी भंडारे आदि लगाने की स्वीकृति नहीं दी जाएगी।
बैठक में रेणुका के विधायक विनय कुमार, एसडीएम नाहन रजनेश कुमार, डीएसपी संगड़ाह शक्ति सिंह, तहसीलदार ददाहू चेतन चौहान और सीईओ दीपराम शर्मा सहित सभी विभागों के अधिकारी और बोर्ड से जुड़े सदस्य मौजूद रहे।
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