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जिले में 50 रूटों पर हो रही ओवरलोडिंग, सर्वे में खुलासा
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नाहन (सिरमौर)। बंजार हादसे के बाद सरकार ने ओवरलोडिंग पर भले ही शिकंजा कस दिया हो। लेकिन, ओवरलोडिंग रोकने के इंतजाम नहीं किए हैं। सरकार, प्रशासन व पुलिस की सख्ती से आम जनता को ही परेशानी हो रही है। बस सुविधा के अभाव में सिरमौर के पहाड़ी क्षेत्रों में ओवरलोडिंग की समस्या बनी हुई है। परिवहन विभाग ने भी माना कि सिरमौर में 50 के करीब रूटों पर ओवरलोडिंग की समस्या ज्यादा बनी रहती है। ये रूट ऐसे हैं, जहां पर बसों का काफी अभाव है।
परिवहन विभाग ने सर्वे कर ऐसे रूटों को चयनित किया है। जल्द ही विभाग की ओर से इसकी रिपोर्ट जिला प्रशासन और सरकार को भेजी जाएगी। इसके अलावा परिवहन विभाग ने सर्वे में 15 रूट ऐसे चयनित किए हैं, जहां पर बसों को परमिट देने की सिफारिश सरकार से की जा सकती है। परिवहन विभाग ने बसों में ओवरलोडिंग रोकने के लिए सख्त निर्देश जारी किए हैं। वहीं, विभाग लगातार सड़कों पर उतरकर कार्रवाई भी कर रहा है। ओवरलोडिंग का मुख्य कारण यह है कि सिरमौर में कई रूटों पर सुबह-शाम इक्का-दुक्का सरकारी बसें ही चलती हैं। ऐसे में कई लोग मजबूरी में निजी वाहनों में यात्रा करते आ रहे हैं। सिरमौर में एचआरटीसी के 135 के करीब रूट हैं। इन रूटों पर 122 सरकारी बसें सेवाएं दे रही हैं। प्रशासन की सख्ती के बाद सरकारी बसों में सीट क्षमता से अधिक सवारियां न बैठाने से दिक्कत ज्यादा बढ़ने लगी हैं। आम जनता के साथ-साथ स्कूल, कॉलेज व आईटीआई के छात्र भी इस परेशानी से दोचार हो रहे हैं। विद्यार्थी समय पर शिक्षण संस्थानों में नहीं पहुंच पा रहे हैं।
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जल्द सौंपेंगे रिपोर्ट : सोना चौहान
एआरटीओ सोना चौहान ने बताया कि सिरमौर जिला में विभाग ने सर्वे के दौरान करीब 50 ऐसे रूटों का चयन किया है, जहां ओवरलोडिंग की समस्या ज्यादा है। 15 नए रूट ऐसे चयनित किए गए हैं, जहां पर बसें चलाई जा सकती हैं। विभाग इसकी रिपोर्ट जल्द ही जिला प्रशासन और सरकार को भेजेगा।
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25 फीसदी अतिरिक्त सवारियां बैठाने पर छूट
एआरटीओ सोना चौहान ने बताया कि बसों में सीट क्षमता के अलावा 25 फीसदी अतिरिक्त सवारियां बैठाने पर छूट दी गई है। उन्होंने कहा कि 47 सीटर बस में 12 अतिरिक्त सवारियां बैठाई जा सकती हैं। इसके अलावा सवारियां बैठाने पर ओवरलोडिंग का सीधा चालान काटा जाएगा। उन्होंने साफ कहा कि बसों में स्टीरियो चलाना, छत पर सवारियां बैठाना वर्जित है। ऐसे में विभाग सख्त कार्रवाई करेगा।
परिवहन विभाग ने सर्वे कर ऐसे रूटों को चयनित किया है। जल्द ही विभाग की ओर से इसकी रिपोर्ट जिला प्रशासन और सरकार को भेजी जाएगी। इसके अलावा परिवहन विभाग ने सर्वे में 15 रूट ऐसे चयनित किए हैं, जहां पर बसों को परमिट देने की सिफारिश सरकार से की जा सकती है। परिवहन विभाग ने बसों में ओवरलोडिंग रोकने के लिए सख्त निर्देश जारी किए हैं। वहीं, विभाग लगातार सड़कों पर उतरकर कार्रवाई भी कर रहा है। ओवरलोडिंग का मुख्य कारण यह है कि सिरमौर में कई रूटों पर सुबह-शाम इक्का-दुक्का सरकारी बसें ही चलती हैं। ऐसे में कई लोग मजबूरी में निजी वाहनों में यात्रा करते आ रहे हैं। सिरमौर में एचआरटीसी के 135 के करीब रूट हैं। इन रूटों पर 122 सरकारी बसें सेवाएं दे रही हैं। प्रशासन की सख्ती के बाद सरकारी बसों में सीट क्षमता से अधिक सवारियां न बैठाने से दिक्कत ज्यादा बढ़ने लगी हैं। आम जनता के साथ-साथ स्कूल, कॉलेज व आईटीआई के छात्र भी इस परेशानी से दोचार हो रहे हैं। विद्यार्थी समय पर शिक्षण संस्थानों में नहीं पहुंच पा रहे हैं।
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जल्द सौंपेंगे रिपोर्ट : सोना चौहान
एआरटीओ सोना चौहान ने बताया कि सिरमौर जिला में विभाग ने सर्वे के दौरान करीब 50 ऐसे रूटों का चयन किया है, जहां ओवरलोडिंग की समस्या ज्यादा है। 15 नए रूट ऐसे चयनित किए गए हैं, जहां पर बसें चलाई जा सकती हैं। विभाग इसकी रिपोर्ट जल्द ही जिला प्रशासन और सरकार को भेजेगा।
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25 फीसदी अतिरिक्त सवारियां बैठाने पर छूट
एआरटीओ सोना चौहान ने बताया कि बसों में सीट क्षमता के अलावा 25 फीसदी अतिरिक्त सवारियां बैठाने पर छूट दी गई है। उन्होंने कहा कि 47 सीटर बस में 12 अतिरिक्त सवारियां बैठाई जा सकती हैं। इसके अलावा सवारियां बैठाने पर ओवरलोडिंग का सीधा चालान काटा जाएगा। उन्होंने साफ कहा कि बसों में स्टीरियो चलाना, छत पर सवारियां बैठाना वर्जित है। ऐसे में विभाग सख्त कार्रवाई करेगा।