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Sirmour News: अदालत
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चेक बाउंस मामले में 6 महीने की कैद और जुर्माने की सजा बरकरार
ट्रायल कोर्ट ने आरोपी को सुनाई थी सजा और 4.50 लाख का जुर्माना
अब अतिरिक्त सत्र न्यायालय ने फैसले के खिलाफ अपील की खारिज
संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन (सिरमौर)। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश ने चेक बाउंस के मामले में दोषी के कैद की सजा को बरकरार रखते हुए ट्रायल कोर्ट के फैसले को सही ठहराया है। 29 नवंबर 2024 को निचली अदालत (ट्रायल कोर्ट) ने तहसील शिलाई निवासी धनबीर सिंह को छह महीने के कारावास और 4.50 लाख रुपये मुआवजा देने की सजा सुनाई थी।
इस फैसले के खिलाफ दोषी ने अतिरिक्त सत्र अदालत में अपील दायर की थी। अब सभी तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने निचली अदालत के आदेश को बरकरार रखते हुए दोषी की अपील खारिज कर दी। शिकायतकर्ता विजेंद्र सिंह के अनुसार फरवरी 2022 में वित्तीय आवश्यकताओं के लिए आरोपी ने उससे 4 लाख रुपये उधार लिए थे।
उसने आश्वासन दिया था कि उक्त राशि अप्रैल महीने में वापस कर दी जाएगी। निर्धारित समय पर रकम वापस न मिलने पर आरोपी ने एक चेक जारी किया, लेकिन बैंक में प्रस्तुत करने पर चेक बाउंस हो गया। इसके बाद शिकायतकर्ता ने कानूनी नोटिस भेजा। भुगतान न होने पर न्यायालय में मामला दायर किया गया। इस दौरान निचली अदालत ने आरोपी को सजा और जुर्माने की सजा सुनाई थी।
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संवाद
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ट्रायल कोर्ट ने आरोपी को सुनाई थी सजा और 4.50 लाख का जुर्माना
अब अतिरिक्त सत्र न्यायालय ने फैसले के खिलाफ अपील की खारिज
संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन (सिरमौर)। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश ने चेक बाउंस के मामले में दोषी के कैद की सजा को बरकरार रखते हुए ट्रायल कोर्ट के फैसले को सही ठहराया है। 29 नवंबर 2024 को निचली अदालत (ट्रायल कोर्ट) ने तहसील शिलाई निवासी धनबीर सिंह को छह महीने के कारावास और 4.50 लाख रुपये मुआवजा देने की सजा सुनाई थी।
इस फैसले के खिलाफ दोषी ने अतिरिक्त सत्र अदालत में अपील दायर की थी। अब सभी तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने निचली अदालत के आदेश को बरकरार रखते हुए दोषी की अपील खारिज कर दी। शिकायतकर्ता विजेंद्र सिंह के अनुसार फरवरी 2022 में वित्तीय आवश्यकताओं के लिए आरोपी ने उससे 4 लाख रुपये उधार लिए थे।
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उसने आश्वासन दिया था कि उक्त राशि अप्रैल महीने में वापस कर दी जाएगी। निर्धारित समय पर रकम वापस न मिलने पर आरोपी ने एक चेक जारी किया, लेकिन बैंक में प्रस्तुत करने पर चेक बाउंस हो गया। इसके बाद शिकायतकर्ता ने कानूनी नोटिस भेजा। भुगतान न होने पर न्यायालय में मामला दायर किया गया। इस दौरान निचली अदालत ने आरोपी को सजा और जुर्माने की सजा सुनाई थी।
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संवाद