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Sirmour News: शादी समारोह में मारपीट के दोनों आरोपी बरी
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संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन (सिरमौर)। शिलाई क्षेत्र में चार वर्ष पहले शादी समारोह में कथित मारपीट, रास्ता रोकने, गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी के मामले में न्यायालय ने दोनों आरोपियों को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया। न्यायिक दंडाधिकारी विकास कपूर की अदालत ने कहा कि अभियोजन पक्ष आरोपों को संदेह से परे साबित करने में विफल रहा।
24 अप्रैल 2022 को शिलाई क्षेत्र में आयोजित शादी समारोह में योगेश शर्मा और नितिन शर्मा के साथ आरोपी चमेल सिंह और रिंकू ने पहले अभद्र व्यवहार किया और बाद में रास्ता रोककर उनके साथ मारपीट की। आरोप था कि इस घटना में नितिन शर्मा को गंभीर चोटें आईं और दोनों पीड़ितों को धमकियां भी दी गईं। मामले में शिलाई थाना में भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 341, 323, 325, 504, 506 और 34 के तहत मामला दर्ज किया गया था। अदालत ने कहा कि चिकित्सकीय साक्ष्यों के अनुसार पीड़ितों को लगी चोटें गिरने से भी संभव थीं। ऐसे में अभियोजन पक्ष यह संदेह से परे साबित नहीं कर सका कि चोटें आरोपियों द्वारा की गई मारपीट का ही परिणाम थीं।
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नाहन (सिरमौर)। शिलाई क्षेत्र में चार वर्ष पहले शादी समारोह में कथित मारपीट, रास्ता रोकने, गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी के मामले में न्यायालय ने दोनों आरोपियों को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया। न्यायिक दंडाधिकारी विकास कपूर की अदालत ने कहा कि अभियोजन पक्ष आरोपों को संदेह से परे साबित करने में विफल रहा।
24 अप्रैल 2022 को शिलाई क्षेत्र में आयोजित शादी समारोह में योगेश शर्मा और नितिन शर्मा के साथ आरोपी चमेल सिंह और रिंकू ने पहले अभद्र व्यवहार किया और बाद में रास्ता रोककर उनके साथ मारपीट की। आरोप था कि इस घटना में नितिन शर्मा को गंभीर चोटें आईं और दोनों पीड़ितों को धमकियां भी दी गईं। मामले में शिलाई थाना में भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 341, 323, 325, 504, 506 और 34 के तहत मामला दर्ज किया गया था। अदालत ने कहा कि चिकित्सकीय साक्ष्यों के अनुसार पीड़ितों को लगी चोटें गिरने से भी संभव थीं। ऐसे में अभियोजन पक्ष यह संदेह से परे साबित नहीं कर सका कि चोटें आरोपियों द्वारा की गई मारपीट का ही परिणाम थीं।
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