फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Sirmour News ›   Agricultural university advises: Sow wheat, chickpea, mustard, and vegetables.

कृषि विश्वविद्यालय ने की सलाह : गेहूं, चना, सरसों और सब्जियों की करें बिजाई

Sat, 17 Oct 2026 12:50 AM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिरमौर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरमौर Updated Sat, 17 Oct 2026 12:50 AM IST
विज्ञापन
Agricultural university advises: Sow wheat, chickpea, mustard, and vegetables.
अक्तूबर के दूसरे पखवाड़े में फसलों की बिजाई, बीज उपचार और पशुधन की देखभाल पर भी दें ध्यान
विज्ञापन

संवाद न्यूज एजेंसी
धौलाकुआं (सिरमौर)। रबी फसलों की बेहतर पैदावार और पशुधन के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए चौधरी सरवण कुमार हिमाचल प्रदेश कृषि विश्वविद्यालय, पालमपुर ने अक्तूबर के दूसरे पखवाड़े के लिए कृषि एवं पशुपालन संबंधी सलाह जारी की है। कृषि विज्ञान केंद्र सिरमौर, धौलाकुआं के प्रभारी डॉ. पंकज मित्तल ने बताया कि वैज्ञानिक किसानों को मौसम और क्षेत्र के अनुसार खेती, बीज उपचार और पशुओं की देखभाल के बारे में जानकारी दे रहे हैं।
विश्वविद्यालय के अनुसार, निचले और मध्य पर्वतीय क्षेत्रों में गेहूं की बिजाई अक्तूबर के अंतिम सप्ताह से नवंबर के मध्य तक की जा सकती है। इसके लिए एचएस-542 और वीएल-829 किस्मों की सिफारिश की गई है। किसानों को प्रति हेक्टेयर 100 किलोग्राम बीज इस्तेमाल करने और बिजाई से पहले अनुशंसित फफूंदनाशक से उपचारित करने की सलाह दी गई है।
विज्ञापन

इस अवधि में चने की बिजाई भी की जा सकती है। इसके लिए हिमाचल चना-1, हिमाचल चना-2 और जीपीएफ-2 सहित अनुमोदित किस्में अपनाने तथा खेत में उचित जल निकास सुनिश्चित करने को कहा गया है। मसर की विपाशा और मारकण्डे किस्में भी प्रदेश के लिए अनुमोदित हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


सरसों, लहसुन और मौसमी सब्जियों की बिजाई करें
कृषि विश्वविद्यालय ने राया, गोभी सरसों, भूरी सरसों और अलसी की अनुशंसित किस्मों की बिजाई करने की सलाह दी है। निचले पर्वतीय क्षेत्रों में मटर की अगेती किस्मों के साथ लहसुन की बिजाई भी की जा सकती है। इस दौरान पालक, मेथी, धनिया, मूली, गाजर और शलजम की सीधी बिजाई की जा सकती है। वहीं, फूलगोभी, बंदगोभी, ब्रोकली और गांठगोभी की तैयार पौध रोपने का भी उचित समय है। प्याज की नर्सरी तैयार करते समय बीज उपचार का ध्यान रखने की सलाह दी गई है।


पशुओं के स्वास्थ्य और चारे का रखें ध्यान
विश्वविद्यालय ने पशुपालकों को गोशाला की सफाई, परजीवियों से बचाव, संतुलित आहार और खनिज लवण देने पर जोर दिया है। पशुओं में बुखार, भूख कम होने या लंगड़ाकर चलने जैसे लक्षण दिखने पर तुरंत पशु चिकित्सक से संपर्क करने की सलाह दी गई है। नवजात बछड़ों को जन्म के एक से दो घंटे के भीतर खीस पिलाना भी जरूरी बताया गया है। इसके अलावा घास को सुखाकर सुरक्षित रखने, मछली तालाबों में पर्याप्त ऑक्सीजन बनाए रखने और मुर्गियों के बिछावन को सूखा रखने की सलाह दी गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed