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गिरिपार को मिले जनजातीय क्षेत्र का दर्जा:जीएस चौहान
Updated Sun, 14 Jan 2018 11:47 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
पांवटा साहिब (सिरमौर)।
हाटी कर्मचारी कल्याण समिति सिरमौर के अध्यक्ष ज्ञान सिंह चौहान ने कहा कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा को एक ज्ञापन सौंपा गया है। ज्ञापन में समिति ने हाटी क्षेत्र का मुद्दा उठाया है। बिलासपुर स्थित केंद्रीय मंत्री के आवास पर कर्मचारियों ने मुलाकात कर ज्ञापन सौंपते हुए मांग की है कि जल्द से जल्द गिरिपार को जनजातीय दर्जा दिया जाए।
ज्ञान चौहान ने कहा की अप्रैल 2014 में लोकसभा चुनाव के दौरान तत्कालीन भाजपा अध्यक्ष एवं वर्तमान में गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने एक कार्यक्रम में वायदा किया है कि केंद्र में भाजपा की सरकार बनने व शिमला संसदीय क्षेत्र से भाजपा प्रत्याशी वीरेंद्र कश्यप की जीत होने पर सिरमौर के गिरिपार क्षेत्र को प्राथमिकता से उत्तराखंड के जौंसार बाबर की तर्ज पर जनजातीय क्षेत्र घोषित किया जाएगा।
हाटी कर्मचारी कल्याण समिति ने ज्ञापन में कहा है कि गिरिपार क्षेत्र की 127 ग्राम पंचायतों की करीब सवा तीन लाख की आबादी करीब पांच दशकों से अपने हक की लड़ाई कई दशकों से लड़ रही है।
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हाटी कर्मचारी कल्याण समिति सिरमौर के अध्यक्ष ज्ञान चौहान ने कहा कि रियासतकाल में उत्तराखंड का बाबर जौंसार का एरिया सिरमौर रियासत का ही एक हिस्सा था। जहां जौंसार बाबर को वर्ष 1967 में अनुसूचित जनजाति का दर्जा मिल गया था वहीं गिरिपार की सवा तीन लाख की आबादी का आज भी संघर्ष जारी है। जबकि, जौंसार बाबर व गिरिपार क्षेत्र के रीति-रिवाज, रहन-सहन, खान-पान, वेशभूषा तथा संस्कृति सब के सब एक समान ही है। सामाजिक व आर्थिक पिछड़ापन भी गिरिपार क्षेत्र व उत्तराखंड के बाबर जौंसार में एक जैसा है। गिरिपार का हाटी समुदाय पांच दशकों से शांतिपूर्ण ढंग से संघर्ष कर रहा है।
उन्होेंने बताया कि जुलाई, 2015 में हिमाचल प्रदेश सरकार ने प्रदेश विश्वविद्यालय के ट्राइबल स्टडी विभाग द्वारा ट्रांसगिरि के हाटी जनजीवन पर आधारित एक सर्वे करवाया गया। विस्तृत रिपोर्ट प्रदेश सरकार की सिफारिश सहित भारत सरकार को भेज दी गई है।
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पांवटा साहिब (सिरमौर)।
हाटी कर्मचारी कल्याण समिति सिरमौर के अध्यक्ष ज्ञान सिंह चौहान ने कहा कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा को एक ज्ञापन सौंपा गया है। ज्ञापन में समिति ने हाटी क्षेत्र का मुद्दा उठाया है। बिलासपुर स्थित केंद्रीय मंत्री के आवास पर कर्मचारियों ने मुलाकात कर ज्ञापन सौंपते हुए मांग की है कि जल्द से जल्द गिरिपार को जनजातीय दर्जा दिया जाए।
ज्ञान चौहान ने कहा की अप्रैल 2014 में लोकसभा चुनाव के दौरान तत्कालीन भाजपा अध्यक्ष एवं वर्तमान में गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने एक कार्यक्रम में वायदा किया है कि केंद्र में भाजपा की सरकार बनने व शिमला संसदीय क्षेत्र से भाजपा प्रत्याशी वीरेंद्र कश्यप की जीत होने पर सिरमौर के गिरिपार क्षेत्र को प्राथमिकता से उत्तराखंड के जौंसार बाबर की तर्ज पर जनजातीय क्षेत्र घोषित किया जाएगा।
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हाटी कर्मचारी कल्याण समिति ने ज्ञापन में कहा है कि गिरिपार क्षेत्र की 127 ग्राम पंचायतों की करीब सवा तीन लाख की आबादी करीब पांच दशकों से अपने हक की लड़ाई कई दशकों से लड़ रही है।
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हाटी कर्मचारी कल्याण समिति सिरमौर के अध्यक्ष ज्ञान चौहान ने कहा कि रियासतकाल में उत्तराखंड का बाबर जौंसार का एरिया सिरमौर रियासत का ही एक हिस्सा था। जहां जौंसार बाबर को वर्ष 1967 में अनुसूचित जनजाति का दर्जा मिल गया था वहीं गिरिपार की सवा तीन लाख की आबादी का आज भी संघर्ष जारी है। जबकि, जौंसार बाबर व गिरिपार क्षेत्र के रीति-रिवाज, रहन-सहन, खान-पान, वेशभूषा तथा संस्कृति सब के सब एक समान ही है। सामाजिक व आर्थिक पिछड़ापन भी गिरिपार क्षेत्र व उत्तराखंड के बाबर जौंसार में एक जैसा है। गिरिपार का हाटी समुदाय पांच दशकों से शांतिपूर्ण ढंग से संघर्ष कर रहा है।
उन्होेंने बताया कि जुलाई, 2015 में हिमाचल प्रदेश सरकार ने प्रदेश विश्वविद्यालय के ट्राइबल स्टडी विभाग द्वारा ट्रांसगिरि के हाटी जनजीवन पर आधारित एक सर्वे करवाया गया। विस्तृत रिपोर्ट प्रदेश सरकार की सिफारिश सहित भारत सरकार को भेज दी गई है।