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Sirmour News: जल निकासी नहीं होने वाले 30 स्थलों पर सोकपिट बनाने की तैयारी
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पांवटा शहरी क्षेत्र में जलभराव समस्या बारे प्रकाशित खबरें: संवाद
(खबर का असर)
जल निकासी नहीं होने वाले 30 स्थलों पर सोकपिट बनाने की तैयारी
शहरी क्षेत्र में जलभराव से निपटने की योजना पर 60 लाख खर्च होगा
जलभराव वाले वार्डों में जल निकासी नालियों की सफाई : निर्मल कौर
सुरेश तोमर
पांवटा साहिब(सिरमौर)। पिछले दो दशकों से पांवटा शहरी क्षेत्र में जलभराव जैसी समस्या से निपटने के लिए मास्टर प्लान तैयार करने की मांग उठती रही है क्योंकि हर बरसात में कुछ वार्डों में जलभराव समस्या विकराल रूप धारण कर लेती है। शहरी क्षेत्र में जलभराव समस्या से निपटने के लिए नगर परिषद ने करीब 30 स्थलों पर सोकपिट तैयार करने की योजना बनाई गई है जिससे जल निकासी नहीं होने वाले स्थलों पर पानी भूमिगत हो सके।
बता दें कि शहरी क्षेत्र के वार्ड-एक, दो, तीन, चार, छह, सात, आठ, दस व 13 वार्ड की कुछ गलियों में जलभराव समस्या हर बरसात में आती रही है। प्री-मानसून में ही समस्या हो गई। ‘अमर उजाला’ ने मूसलाधार बारिश होने पर फिर से विकराल हुई जलभराव की समस्या खबर से जलभराव मुद्दा प्राथमिकता से उठाया है। इसके बाद अब नगर परिषद ने जेसीबी मशीन से भगवान परशुराम चौक बाइपास के समीप बंद पड़ी जल निकासी नाली की सफाई शुरू कर दी है।
शहर के वार्ड-दो, छह, सात व 13 में जल निकासी नालियों की ब्लॉकेज दूर करने का कार्य प्रगति पर है। कुछ वार्डों की गलियों ने सुचारू रूप से जल निकासी नालियां नहीं हैं। ऐसे स्थलों पर सोकपिट बनाए जाएंगे।
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पांवटा के शहरी क्षेत्र के जलभराव वाले करीब 30 स्थलों पर सोकपिट तैयार करने की योजना पर शीघ्र कार्य शुरू होगा। इस योजना पर करीब 60 लाख से अधिक बजट खर्च किया जाएगा। सोकपिट के लिए जमीन में एक पांच-छह ए फीट गहरा चौकोर गड्ढ़ा खोदा जाना है। इस गड्ढ़े की तली पर ईंट व पत्थर के टुकड़े डाल कर उनको बालू की परत से ढक दिया जाता है। इसके बाद इसे नाली की ओर से पानी बहने के स्थान से जोड़ दिया जाता है। ऊपर से ढक दिया जाता है। शोटपिट बन जाने से ऐसे स्थलों पर राहत मिल सकेगी, जहां पर गलियों से बाहर जल निकासी के लिए बेहतर व्यवस्था ही नहीं है।
नगर परिषद की अध्यक्ष निर्मल कौर ने बताया कि जलभराव वाले वार्डों में जल निकासी नालियों की ब्लॉकेज ठीक करवाने का कार्य प्रगति पर है। जिन स्थलों पर जल निकासी नालियां नहीं होने से दिक्कतें हैं उन स्थलों पर शहर के विभिन्न वार्डों में करीब 30 सोकपिट तैयार होंगे जिससे जलभराव समस्या को दूर किया जा सकेगा।
संवाद
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जल निकासी नहीं होने वाले 30 स्थलों पर सोकपिट बनाने की तैयारी
शहरी क्षेत्र में जलभराव से निपटने की योजना पर 60 लाख खर्च होगा
जलभराव वाले वार्डों में जल निकासी नालियों की सफाई : निर्मल कौर
सुरेश तोमर
पांवटा साहिब(सिरमौर)। पिछले दो दशकों से पांवटा शहरी क्षेत्र में जलभराव जैसी समस्या से निपटने के लिए मास्टर प्लान तैयार करने की मांग उठती रही है क्योंकि हर बरसात में कुछ वार्डों में जलभराव समस्या विकराल रूप धारण कर लेती है। शहरी क्षेत्र में जलभराव समस्या से निपटने के लिए नगर परिषद ने करीब 30 स्थलों पर सोकपिट तैयार करने की योजना बनाई गई है जिससे जल निकासी नहीं होने वाले स्थलों पर पानी भूमिगत हो सके।
बता दें कि शहरी क्षेत्र के वार्ड-एक, दो, तीन, चार, छह, सात, आठ, दस व 13 वार्ड की कुछ गलियों में जलभराव समस्या हर बरसात में आती रही है। प्री-मानसून में ही समस्या हो गई। ‘अमर उजाला’ ने मूसलाधार बारिश होने पर फिर से विकराल हुई जलभराव की समस्या खबर से जलभराव मुद्दा प्राथमिकता से उठाया है। इसके बाद अब नगर परिषद ने जेसीबी मशीन से भगवान परशुराम चौक बाइपास के समीप बंद पड़ी जल निकासी नाली की सफाई शुरू कर दी है।
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शहर के वार्ड-दो, छह, सात व 13 में जल निकासी नालियों की ब्लॉकेज दूर करने का कार्य प्रगति पर है। कुछ वार्डों की गलियों ने सुचारू रूप से जल निकासी नालियां नहीं हैं। ऐसे स्थलों पर सोकपिट बनाए जाएंगे।
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पांवटा के शहरी क्षेत्र के जलभराव वाले करीब 30 स्थलों पर सोकपिट तैयार करने की योजना पर शीघ्र कार्य शुरू होगा। इस योजना पर करीब 60 लाख से अधिक बजट खर्च किया जाएगा। सोकपिट के लिए जमीन में एक पांच-छह ए फीट गहरा चौकोर गड्ढ़ा खोदा जाना है। इस गड्ढ़े की तली पर ईंट व पत्थर के टुकड़े डाल कर उनको बालू की परत से ढक दिया जाता है। इसके बाद इसे नाली की ओर से पानी बहने के स्थान से जोड़ दिया जाता है। ऊपर से ढक दिया जाता है। शोटपिट बन जाने से ऐसे स्थलों पर राहत मिल सकेगी, जहां पर गलियों से बाहर जल निकासी के लिए बेहतर व्यवस्था ही नहीं है।
नगर परिषद की अध्यक्ष निर्मल कौर ने बताया कि जलभराव वाले वार्डों में जल निकासी नालियों की ब्लॉकेज ठीक करवाने का कार्य प्रगति पर है। जिन स्थलों पर जल निकासी नालियां नहीं होने से दिक्कतें हैं उन स्थलों पर शहर के विभिन्न वार्डों में करीब 30 सोकपिट तैयार होंगे जिससे जलभराव समस्या को दूर किया जा सकेगा।
संवाद
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पांवटा शहरी क्षेत्र में जलभराव समस्या बारे प्रकाशित खबरें: संवाद

पांवटा शहरी क्षेत्र में जलभराव समस्या बारे प्रकाशित खबरें: संवाद