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सैकड़ों ट्रकों के पहिए जाम, करोड़ों का नुकसान
Updated Fri, 20 Jul 2018 11:15 PM IST
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- फोटो : amarujala
पांवटा/ कालाअंब/ सतौन (सिरमौर)। ट्रक ऑपरेटरों की राष्ट्रव्यापी हड़ताल के चलते शुक्रवार को सिरमौर में ट्रकों के पहिये जाम रहे। इससे करोड़ों रुपये की चपत लगी है। सैकड़ों ट्रक कालाअंब, पांवटा साहिब और सतौन इलाके में खड़े हो गए हैं। इससे उद्योगों और ट्रक ऑपरेटरों को 15 से 20 करोड़ रुपये का नुकसान उठाना पड़ रहा है। उद्योगों में तैयार माल की सप्लाई ठप हो गई है। जबकि कच्चे माल की सप्लाई भी दोपहर बाद बंद हो गई। जबकि चूना पत्थर से लदे ट्रक भी जिले से बाहर नहीं जा पा रहे हैं।
हड़ताल से सिरमौर ट्रक यूनियन को भी प्रतिदिन करीब 30 लाख का नुकसान उठाना पड़ेगा है। पांवटा तरूवाला यूनियन में करीब 1300 ट्रक, ट्राले व टेंपो यूनियन की करीब 450 गाड़ियां, सतौन कमरऊ सोसायटी की 350 व खोड़ोवाला-गिरिपार की 350 ट्रक हड़ताल में शामिल हैं। कालाअंब की करीब 150 गाड़ियां भी खड़ी हो गई हैं। पांवटा से रोज करीब 200 ट्रक विभिन्न इकाइयों से देश के अन्य राज्यों को निकलते हैं।
शुक्रवार को यूनियन का पुकार कार्यालय भी बंद रहा।
उधर, सतौन स्थित चूना पत्थर मंडी में भी हड़ताल का असर देखने को मिला। यहां पर बाहरी राज्यों के लिए चूना पत्थर और पाउडर के ट्रक भरे गए। लेकिन, जिले से बाहर नहीं जा सके। सिरमौर ट्रक ऑपरेटर यूनियन प्रधान बलजीत सिंह नागरा ने कहा कि मांगों को लेकर राष्ट्रीय व प्रदेश यूनियनों के आह्वान पर जिले की ट्रक यूनियनें अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं। डीजल की कीमतों में कमी, त्रैमासिक संशोधन, राष्ट्रीय स्तर पर समान मूल्य, तृतीय पक्ष बीमा प्रीमियम में जीएसटी से छूट, एजेंट की कमीशन समाप्त करने व बढ़ाया प्रीमियम वापस लेना, आयकर अधिनियम की धारा 44-ई को तर्कसंगत करने, टीडीएस को समाप्त करने जैसी मांगें उठाई गई हैं। इसके अलावा कमर्शियल वाहनों पर टोल टैक्स समाप्त करने की मांग भी प्रमुख है। सिरमौर ट्रक ऑपरेटर शमशेर अली ने कहा कि फिलहाल हड़ताल में रोजमर्रा की जरूरतों के सामान की आवाजाही पर कोई रोक नहीं है। लेकिन, हड़ताल लंबी खिंचने पर इन माल ढुलाई वाहनों पर भी रोक लग सकती है। चैंबर ऑफ कॉमर्स यूनियन पांवटा के अध्यक्ष सतीश गोयल का कहना है कि हड़ताल से सिरमौर की सैकड़ों औद्योगिक इकाइयों को रोजाना 15 से 20 करोड़ का नुकसान होगा।
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हड़ताल से सिरमौर ट्रक यूनियन को भी प्रतिदिन करीब 30 लाख का नुकसान उठाना पड़ेगा है। पांवटा तरूवाला यूनियन में करीब 1300 ट्रक, ट्राले व टेंपो यूनियन की करीब 450 गाड़ियां, सतौन कमरऊ सोसायटी की 350 व खोड़ोवाला-गिरिपार की 350 ट्रक हड़ताल में शामिल हैं। कालाअंब की करीब 150 गाड़ियां भी खड़ी हो गई हैं। पांवटा से रोज करीब 200 ट्रक विभिन्न इकाइयों से देश के अन्य राज्यों को निकलते हैं।
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शुक्रवार को यूनियन का पुकार कार्यालय भी बंद रहा।
उधर, सतौन स्थित चूना पत्थर मंडी में भी हड़ताल का असर देखने को मिला। यहां पर बाहरी राज्यों के लिए चूना पत्थर और पाउडर के ट्रक भरे गए। लेकिन, जिले से बाहर नहीं जा सके। सिरमौर ट्रक ऑपरेटर यूनियन प्रधान बलजीत सिंह नागरा ने कहा कि मांगों को लेकर राष्ट्रीय व प्रदेश यूनियनों के आह्वान पर जिले की ट्रक यूनियनें अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं। डीजल की कीमतों में कमी, त्रैमासिक संशोधन, राष्ट्रीय स्तर पर समान मूल्य, तृतीय पक्ष बीमा प्रीमियम में जीएसटी से छूट, एजेंट की कमीशन समाप्त करने व बढ़ाया प्रीमियम वापस लेना, आयकर अधिनियम की धारा 44-ई को तर्कसंगत करने, टीडीएस को समाप्त करने जैसी मांगें उठाई गई हैं। इसके अलावा कमर्शियल वाहनों पर टोल टैक्स समाप्त करने की मांग भी प्रमुख है। सिरमौर ट्रक ऑपरेटर शमशेर अली ने कहा कि फिलहाल हड़ताल में रोजमर्रा की जरूरतों के सामान की आवाजाही पर कोई रोक नहीं है। लेकिन, हड़ताल लंबी खिंचने पर इन माल ढुलाई वाहनों पर भी रोक लग सकती है। चैंबर ऑफ कॉमर्स यूनियन पांवटा के अध्यक्ष सतीश गोयल का कहना है कि हड़ताल से सिरमौर की सैकड़ों औद्योगिक इकाइयों को रोजाना 15 से 20 करोड़ का नुकसान होगा।
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