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शराब ठेका के विरोध में चक्का जाम, नहीं पहुंचा कोई अधिकारी
Updated Fri, 16 Jun 2017 11:05 PM IST
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ददाहू (सिरमौर)। धारटीधार क्षेत्र की बिरला पंचायत के मंधाराघाट में शराब ठेका खोलने के विरोध में महिलाओं ने नाहन-भरोग बनेड़ी सड़क पर चक्का जाम कर दिया। हैरत की बात है कि सुबह से लेकर शाम तक महिलाएं सड़क पर डटी रही जिसमें बसों सहित दर्जनों वाहन इस सड़क पर फंस रहे, लेकिन प्रशासन की ओर से कोई भी अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। इससे गुस्साए चक्का महिलाओं ने देर शाम ठेके में रखी शराब खुद ही ठेकेदार की गाड़ी में दी और ठेका चलाने के लिए बनाया गया ढारा उखाड़ दिया। इस दौरान महिलाओं ने जिला प्रशासन व आबकारी एवं कराधान विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
आरोप है कि रातोरात मंधाराघाट में ठेका खोल दिया गया। जैसे ही महिलाओं को भनक लगी अन्य ग्रामीणों के साथ मौके पर पहुंच कर चक्का जाम कर दिया। इस दौरान न तो प्रशासन और न ही आबकारी एवं कराधान विभाग के किसी अधिकारी ने मौके पर पहुंचने की जहमत उठाई। इससे गुस्साए चक्का महिलाओं ने देर शाम ठेके में रखी शराब खुद ही ठेकेदार की गाड़ी में दी और ठेका चलाने के लिए बनाया गया ढारा उखाड़ दिया।
इस दौरान महिलाओं ने जिला प्रशासन व आबकारी एवं कराधान विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। बताया जा रहा है कि उपायुक्त के आश्वासन के बाद भी मंधाराघाट में खोले गए ठेके में शराब की खेप वीरवार रात पहुंच गई थी। इसकी भनक लगते ही शुक्रवार को कांडो कांसर पंचायत की प्रधान रीता देवी की अगुवाई में महिला मंडल स्वाडा नड़ासी, डाबरिया, बिरला, साधनिया, पलगानी व मंधारा की महिलाओं ने मुख्य मार्ग पर ठेके के सामने चक्का जाम कर दिया। इसमें सैकड़ों ग्रामीण भी महिलाओं के साथ प्रदर्शन करते रहे। महिलाओं ने शराब के ठेके को कई घंटों तक घेरे रखा और शराब की बिक्री नहीं होने दी। महिलाओं के इस प्रदर्शन के बाद नाहन से पुलिस बल मौके पर भेजा। इसके बावजूद लोग सड़क पर डटे रहे। इससे आधा दर्जन बसें व बड़े वाहन नाहन-भरोग बनेड़ी मार्ग पर ही फंसे रहे। इससे रेणुका-पांवटा व नाहन-भरोग बनेड़ी मार्ग पर बड़े वाहनों की आवाजाही पूरी तरह ठप रही। कांडो कांसर पंचायत की प्रधान रीता देवी ने बताया कि करीब तीन दिन पहले शराब ठेके को यहां न खोलने के लिए उपायुक्त से महिलाओं ने भेंट की थी। आश्वासन के बाद भी वीरवार रात को ठेका खोल दिया गया। प्रदर्शन को लेकर केयर संस्था ने भी सरकार व विभाग से तुरंत ठेके को हटाए जाने को लेकर अपनी आवाज बुलंद की। इस मौके पर विद्या देवी, राधा देवी, सत्या, बिमला देवी, रक्षा, किरण, कृष्णा, सरला, लज्जा, अनीता, ऊषा, रेशमा, चंदा देवी, बिमला देवी, चमेली व रोशनी देवी समेत कई ग्रामीण, वार्ड सदस्य व महिला मंडलों के पदाधिकारी व सदस्य उपपस्थित रहे। उधर, एसडीएम कृतिका कुल्हारी ने बताया कि इसकी सूचना उन्हें मिली थी, लेकिन जिला उपायुक्त के साथ महत्वपूर्ण बैठक के कारण वह नहीं जा सकी। पुलिस को इस बारे में निर्देश दिए गए थे। पुलिस ने मौके पर जाम खुलवाया।
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आरोप है कि रातोरात मंधाराघाट में ठेका खोल दिया गया। जैसे ही महिलाओं को भनक लगी अन्य ग्रामीणों के साथ मौके पर पहुंच कर चक्का जाम कर दिया। इस दौरान न तो प्रशासन और न ही आबकारी एवं कराधान विभाग के किसी अधिकारी ने मौके पर पहुंचने की जहमत उठाई। इससे गुस्साए चक्का महिलाओं ने देर शाम ठेके में रखी शराब खुद ही ठेकेदार की गाड़ी में दी और ठेका चलाने के लिए बनाया गया ढारा उखाड़ दिया।
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इस दौरान महिलाओं ने जिला प्रशासन व आबकारी एवं कराधान विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। बताया जा रहा है कि उपायुक्त के आश्वासन के बाद भी मंधाराघाट में खोले गए ठेके में शराब की खेप वीरवार रात पहुंच गई थी। इसकी भनक लगते ही शुक्रवार को कांडो कांसर पंचायत की प्रधान रीता देवी की अगुवाई में महिला मंडल स्वाडा नड़ासी, डाबरिया, बिरला, साधनिया, पलगानी व मंधारा की महिलाओं ने मुख्य मार्ग पर ठेके के सामने चक्का जाम कर दिया। इसमें सैकड़ों ग्रामीण भी महिलाओं के साथ प्रदर्शन करते रहे। महिलाओं ने शराब के ठेके को कई घंटों तक घेरे रखा और शराब की बिक्री नहीं होने दी। महिलाओं के इस प्रदर्शन के बाद नाहन से पुलिस बल मौके पर भेजा। इसके बावजूद लोग सड़क पर डटे रहे। इससे आधा दर्जन बसें व बड़े वाहन नाहन-भरोग बनेड़ी मार्ग पर ही फंसे रहे। इससे रेणुका-पांवटा व नाहन-भरोग बनेड़ी मार्ग पर बड़े वाहनों की आवाजाही पूरी तरह ठप रही। कांडो कांसर पंचायत की प्रधान रीता देवी ने बताया कि करीब तीन दिन पहले शराब ठेके को यहां न खोलने के लिए उपायुक्त से महिलाओं ने भेंट की थी। आश्वासन के बाद भी वीरवार रात को ठेका खोल दिया गया। प्रदर्शन को लेकर केयर संस्था ने भी सरकार व विभाग से तुरंत ठेके को हटाए जाने को लेकर अपनी आवाज बुलंद की। इस मौके पर विद्या देवी, राधा देवी, सत्या, बिमला देवी, रक्षा, किरण, कृष्णा, सरला, लज्जा, अनीता, ऊषा, रेशमा, चंदा देवी, बिमला देवी, चमेली व रोशनी देवी समेत कई ग्रामीण, वार्ड सदस्य व महिला मंडलों के पदाधिकारी व सदस्य उपपस्थित रहे। उधर, एसडीएम कृतिका कुल्हारी ने बताया कि इसकी सूचना उन्हें मिली थी, लेकिन जिला उपायुक्त के साथ महत्वपूर्ण बैठक के कारण वह नहीं जा सकी। पुलिस को इस बारे में निर्देश दिए गए थे। पुलिस ने मौके पर जाम खुलवाया।
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