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पेड़ लगाने का दो प्रमाण, वरना धरोहर राशि जब्त

Fri, 07 Jul 2017 11:59 PM IST
Updated Fri, 07 Jul 2017 11:59 PM IST
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पेड़ लगाने का दो प्रमाण, वरना धरोहर राशि जब्त

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वेद प्रकाश ठाकुर
राजगढ़ (सिरमौर)। वन विभाग के ठेकेदारों द्वारा पेड़ लगाने की एवज में जमा की गई धरोहर राशि पिछले कई सालों से विभाग के पास जमा है जिसे वन विभाग अब वापस करने जा रहा है लेकिन इसके लिए ठेकेदार को यह प्रमाण भी विभाग के पास प्रस्तुत करना होगा कि उन्होंने एक पेड़ काटने की एवज में तीन पेड़ लगाए हैं। विभाग के पास ठेकेदारों के लगभग 60 लाख रुपये धरोहर राशि के रूप में रुके हुए हैं। यदि पेड़ नहीं लगाए तो यह राशि विभाग जब्त कर विभाग के खाते में ट्रांसफर कर देगा।
वन विभाग निजी भूमि पर लगे पेड़ों को काटने की स्वीकृति इस शर्त पर देता है कि एक पेड़ को काटने की एवज में संबंधित ठेकेदार द्वारा तीन पेड़ लगाए जाएंगे। इसके लिए विभाग ठेकेदार से जमानत राशि एफडीआर के रूप में लेता है जिससे ठेकेदार द्वारा पेड़ न लगाने की स्थिति में विभाग स्वयं पौधरोपण कर सके।
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वन मंडल राजगढ़ में इस प्रकार की जमानत राशि पिछले बीस वर्षों से पड़ी हुई है। वन मंडलाधिकारी मृत्युंजय माधव ने करीब साठ लाख रुपये की इस जमानत राशि को जारी करने के लिए ठेकेदारों को अंतिम नोटिस देकर स्थिति स्पष्ट करने को कहा है। दो माह के भीतर ऐसा न करने पर इस जमानत राशि को विभाग के खाते में डालने के निर्देश भी उन्होंने दिए हैं।
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वन विभाग दस वर्षीय पेड़ कटान योजना के तहत लोगों की मलकीयत भूमि पर लगे पेड़ों को काटने की स्वीकृति ठेकेदारों को देती है जिसमें एक पेड़ काटने पर तीन पेड़ लगाने की शर्त होती है। विभाग ठेकेदार से चीड़ इत्यादि पेड़ों को लगाने के लिए नौ रुपये प्रति पौधे के हिसाब से सिक्योरिटी लेता है। न्यूनतम जमानत राशि दो हजार रुपये हैं। जबकि खैर इत्यादि पेड़ों के लिए यह पांच हजार रुपये हैं। ठेकेदार यदि एक-तीन के अनुपात में पौध रोपण करता है तो वह फील्ड स्टाफ व संबंधित वन परिक्षेत्राधिकारी से ऐसा करने का प्रमाण पत्र लाकर अपनी जमा धनराशि वापस ले सकता है लेकिन वर्ष 1997-98 से अभी तक वन मंडल राजगढ़ में लगभग 60 लाख रुपये की यह जमानत राशि संबंधित ठेकेदार तथा वन विभाग के नाम से संयुक्त एफडीआर पड़ी है।

वन मंडलाधिकारी मृत्युंजय माधव ने कहा कि विभाग ने करीब 205 ठेकेदारों को अंतिम नोटिस देकर कहा है कि वह पेड़ लगाने के प्रमाण प्रस्तुत करें। अन्यथा उनकी जमाराशि विभाग के नाम हो जाएगी। दो माह के भीतर यदि उन्होंने कोई संतोषजनक उतर नहीं दिया तो यह सारा पैसा विभाग के नाम हो जाएगा। विभाग इस पैसे से पौध रोपण करेगा।
-पेड़ लगाने का दो प्रमाण, वरना धरोहर राशि जब्त
--वन विभाग के 205 ठेकेदारों को जारी हुए नोटिस
-ठेकेदारों के लगभग 60 लाख रुपये है विभाग के पास
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