फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   sensational truth about Kalka - Shimla track

कालका-शिमला ट्रैक के बारे में एक सनसनीखेज सच

Fri, 20 Sep 2013 02:29 AM IST
सोलन/सोमदत्त शर्मा
सोलन/सोमदत्त शर्मा Updated Fri, 20 Sep 2013 02:29 AM IST
विज्ञापन
sensational truth about Kalka - Shimla track

विश्व धरोहर शिमला-कालका ट्रैक में अब शायद ही ऐतिहासिक स्टीम इंजन दौड़ सके। 1903 में बने इस इंजन को ट्रैक पर दौड़ाने की रेलवे विभाग की प्रस्तावना को वन विभाग ने ठुकरा दिया है। तर्क दिया गया है कि कोयले के इंजन से जंगलों में आग का खतरा है।

विज्ञापन


वन विभाग का मानना है 1998-99 में कंडाघाट के समीप कनोह स्टेशन के पास जंगलों में लगी आग कोयला इंजन से लगी थी। करीब दो लाख का मुआवजा उन्हें अभी तक नहीं मिला है।
विज्ञापन


उधर, रेलवे विभाग ने इस योजना के तहत सालाना 25 बार स्पेशल बुकिंग पर भाप इंजन चलाने की तैयारी कर रखी है। बाकायदा रेलवे विभाग ने 4 अक्तूबर की बुकिंग तक कर डाली है। वन विभाग की मनाही के बाद इस बुकिंग को रद किया जाना तय है।
विज्ञापन
विज्ञापन


हेरिटेज ट्रैक का अधिकांश हिस्सा वन क्षेत्र से होकर गुजरता है। वन विभाग सोलन के डीएफओ प्रेम महाजन ने प्रस्ताव खारिज करने की पुष्टि की है।

कालका रेलवे स्टेशन के सहायक मेकेनिकल इंजीनियर जितेंद्र सिंह ने कहा कि वन विभाग का आरोप निराधार है। आग स्टीम इंजन से नहीं लगी थी। प्रस्ताव के लिए मनाही की सूचना है।


बुकिंग पर दौड़ता है इंजन
विंटेज केसी 520 नाम का यह इंजन अंग्रेजों के समय से ट्रैकपर दौड़ता था। वर्तमान में यह इंजन देश विदेश के पर्यटकों के लिए डिमांड पर चलाया जाता है।

1903 में रेलवे ट्रैक पर पहली बार भाप इंजन दौड़ा था। पांच इंजन को विशेष तौर पर इंग्लैंड से मंगवाया गया। इन्हें मिनी स्टीम भी कहा जाता है। के-1, के-2, के-3, के-4 और के-5 सीरिज के इंजन में महज के-5 बचा हुआ है।

एक से दूसरे डिब्बे में जाने की सुविधा
कालका-शिमला ट्रैक पर यह पहली ट्रेन है जो एक दूसरे के साथ इस तरह अटैच है कि इसमें व्यक्ति एक डिब्बे से दूसरे डिब्बे में जा सकता है।

इस इंजन के साथ तीन डिब्बे जुडे़ हैं, जोकि पूरी तरह से वीआईपी है। इसमें 40 सीटें रखी गई हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed