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Rampur Bushahar News: पीपीपी मोड पर मिलने वाली दुकानों की बाट जोह रहे शहर के लोग
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सात वर्ष बाद भी रामपुर मुख्य शहर में नहीं बनीं दुकानें
नगर परिषद के पास जमा की राशि लोगों ने मांगी वापस
नप ने राशि जमा करने वाले लोगों से मांगा 15 दिन का वक्त
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। रामपुर शहर में व्यापार करने की आस लगाए लोगों को सात वर्ष बाद भी निराशा ही हाथ लगी है। सात वर्ष पूर्व पीपीपी मोड के तहत रामपुर मुख्य बाजार में दुकानों के निर्माण के एवज में नगर परिषद ने लोगों से धनराशि तो वसूली, लेकिन लंबा अरसा बीतने के बाद भी न दुकानों का निर्माण हो पाया है और न ही नगर परिषद के पास जमा राशि लोगों को वापस की गई है। इसे लेकर अब नप के पास धनराशि जमा करवाने वाले लोग मुखर हो गए हैं। इन लोगों का कहना है कि यदि दुकानों का निर्माण नहीं किया जाना है, तो उनके पैसे ब्याज समेत वापस किए जाएं। इन लोगों ने नप के कार्यकारी अधिकारी से मुलाकात कर जल्द उचित निर्णय लेने की मांग की है।
गौर हो कि शहर में लोगों को रोजगार मुहैया करवाने के उद्देश्य से साल 2018 में नगर परिषद ने पीपीपी मोड के तहत रामपुर मुख्य बाजार में 15 दुकानें बनाने का निर्णय लिया था। पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) के तहत बहुमंजिला भवन का निर्माण कर 15 लोगों को रोजगार देने की योजना तैयार की थी। आधा दर्जन से अधिक लोगों ने नप को दुकानों के निर्माण के लिए प्रति दुकान सवा तीन लाख रुपये की राशि भी जमा करवाई थी, लेकिन लोगों से धनराशि वसूलने के बाद नगर परिषद ने दुकानों का निर्माण नहीं किया और वर्षों से अब दुकानों के निर्माण का का मामला ठंडे बस्ते में है। लोगों ने व्यापार कर अपने परिवार का भरण पोषण करने के इरादे से नगर परिषद को धनराशि जमा तो करवा दी, लेकिन अब दुकानों के निर्माण होगा या नहीं इस बारे में कुछ कहना मुश्किल है। मुख्य बाजार में शिशु पार्क के साथ दुकानों के निर्माण के लिए सात व्यापारियों ने वर्ष 2018 में नगर परिषद को तीन लाख दस हजार रुपये प्रति दुकान दिए थे, लेकिन इन लोगों को अब तक न दुकान मिली और न ही नगर परिषद के पास जमा करवाई गई धनराशि ये लोग अपने आप को ठगा सा महसूस कर रहे हैं।
लोगों ने कहा- ब्याज समेत राशि वापस दे नगर परिषद
शहर के हुकुम चंद, देवी दयाल, नरेश शर्मा सहित अन्य ने कहा कि नगर परिषद ने उनसे एक वर्ष के भीतर दुकान बनाने का वादा किया था, लेकिन सात वर्ष बीतने के बाद भी दुकानें नहीं मिल पाई है। उन्होंने नगर परिषद से मांग की है कि या तो नगर परिषद समय निर्धारित कर दुकानें उपलब्ध करवाए या फिर लोगों का पैसा ब्याज समेत वापस किया जाए।
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नप व्यापारियों के हित में ही निर्णय लेगा, ताकि व्यापारियों की सालों की समस्या का हल हो सके। 15 दिन में इन लोगों के साथ बैठक कर उचित निर्णय लिया जाएगा।-- बीआर नेगी, कार्यकारी अधिकारी, नगर परिषद
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नगर परिषद के पास जमा की राशि लोगों ने मांगी वापस
नप ने राशि जमा करने वाले लोगों से मांगा 15 दिन का वक्त
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। रामपुर शहर में व्यापार करने की आस लगाए लोगों को सात वर्ष बाद भी निराशा ही हाथ लगी है। सात वर्ष पूर्व पीपीपी मोड के तहत रामपुर मुख्य बाजार में दुकानों के निर्माण के एवज में नगर परिषद ने लोगों से धनराशि तो वसूली, लेकिन लंबा अरसा बीतने के बाद भी न दुकानों का निर्माण हो पाया है और न ही नगर परिषद के पास जमा राशि लोगों को वापस की गई है। इसे लेकर अब नप के पास धनराशि जमा करवाने वाले लोग मुखर हो गए हैं। इन लोगों का कहना है कि यदि दुकानों का निर्माण नहीं किया जाना है, तो उनके पैसे ब्याज समेत वापस किए जाएं। इन लोगों ने नप के कार्यकारी अधिकारी से मुलाकात कर जल्द उचित निर्णय लेने की मांग की है।
गौर हो कि शहर में लोगों को रोजगार मुहैया करवाने के उद्देश्य से साल 2018 में नगर परिषद ने पीपीपी मोड के तहत रामपुर मुख्य बाजार में 15 दुकानें बनाने का निर्णय लिया था। पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) के तहत बहुमंजिला भवन का निर्माण कर 15 लोगों को रोजगार देने की योजना तैयार की थी। आधा दर्जन से अधिक लोगों ने नप को दुकानों के निर्माण के लिए प्रति दुकान सवा तीन लाख रुपये की राशि भी जमा करवाई थी, लेकिन लोगों से धनराशि वसूलने के बाद नगर परिषद ने दुकानों का निर्माण नहीं किया और वर्षों से अब दुकानों के निर्माण का का मामला ठंडे बस्ते में है। लोगों ने व्यापार कर अपने परिवार का भरण पोषण करने के इरादे से नगर परिषद को धनराशि जमा तो करवा दी, लेकिन अब दुकानों के निर्माण होगा या नहीं इस बारे में कुछ कहना मुश्किल है। मुख्य बाजार में शिशु पार्क के साथ दुकानों के निर्माण के लिए सात व्यापारियों ने वर्ष 2018 में नगर परिषद को तीन लाख दस हजार रुपये प्रति दुकान दिए थे, लेकिन इन लोगों को अब तक न दुकान मिली और न ही नगर परिषद के पास जमा करवाई गई धनराशि ये लोग अपने आप को ठगा सा महसूस कर रहे हैं।
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लोगों ने कहा- ब्याज समेत राशि वापस दे नगर परिषद
शहर के हुकुम चंद, देवी दयाल, नरेश शर्मा सहित अन्य ने कहा कि नगर परिषद ने उनसे एक वर्ष के भीतर दुकान बनाने का वादा किया था, लेकिन सात वर्ष बीतने के बाद भी दुकानें नहीं मिल पाई है। उन्होंने नगर परिषद से मांग की है कि या तो नगर परिषद समय निर्धारित कर दुकानें उपलब्ध करवाए या फिर लोगों का पैसा ब्याज समेत वापस किया जाए।
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नप व्यापारियों के हित में ही निर्णय लेगा, ताकि व्यापारियों की सालों की समस्या का हल हो सके। 15 दिन में इन लोगों के साथ बैठक कर उचित निर्णय लिया जाएगा।