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बूढ़ा महादेव मंदिर नित्थर में सजा बारह भादो का मेला
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देवता साहब चम्भू लोगों को आशीर्वाद देते हुए
- फोटो : RAMPUR-HP
नित्थर (कुल्लू)। बूढ़ा महादेव मंदिर नित्थर के प्रांगण में शुक्रवार को बारह भादो का मेला मनाया गया। सैकड़ों वर्षों से मनाया जाने वाला यह मेला बूढ़ा महादेव की रथ यात्रा से शुरू हुआ।
बूढ़ा महादेव अपने देवलुओं के साथ वाद्य यंत्रों की धुनों के साथ रथ यात्रा पर निकलते हैं। क्षेत्र के भक्त उनकी रथ यात्रा के साथ कूपर दढ़ निकलते हैं, जहां बूढ़ा महादेव का दूसरा छोटा मंदिर बना है। महादेव यहां देवलुओं के साथ तीन दिन तक ठहराव करते हैं। उसके बाद बारह भादों के दिन वापस अपने मंदिर लौटते हैं। स्थानीय गांव, घरोली, नित्थर और देहरा की महिलाएं रास्ते में अनाज और धूप से महादेव की पूजा-अर्चना करती हैं और अपने परिवार के लिए आशीर्वाद मांगती है। मंदिर के कारदार कर्मचंद ठाकुर और पुजारी सदानंद शर्मा ने कहा कि सैकड़ों वर्षों से यह मेला मनाया जाता है और नित्थर क्षेत्र के सभी लोग मेले में बढ़चढ़ कर भाग लेते हैं।
वहीं निरमंड के ऊर्टू में भी देवता साहिब चंभू का ऐतिहासिक बारह भादो मेला धूमधाम से मनाया गया। यह इस क्षेत्र का राई जाच मेले के बाद दूसरा सबसे बड़ा और प्राचीन मेला है। दूरदराज क्षेत्रों के लोगों ने भी मेले में बढ़चढ़ कर भाग लिया। मेले में पारंपरिक वेशभूषा में ग्रामीण खूब झूमे। देवता चंभू ऊर्टू के कारदार राम दास ने कहा कि मेले में लोगों ने कोरोना नियमों का पालन भी किया। मेले के बाद देवता चंभू क्षेत्र दौरे के बाद अपने सभी गांव में दस्तक देंगे। कारदार रामदास ने बताया कि कोरोना महामारी के कारण देवता साहिब इस बार 4 साल के बाद क्षेत्र दौरे पर जाएंगे। वहीं स्थानीय निवासी अभिषेक ठाकुर सहित अन्य ग्रामीणों ने कहा कि मेले में देवता साहिब का आशीर्वाद पाकर काफी खुश हैं।
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बूढ़ा महादेव अपने देवलुओं के साथ वाद्य यंत्रों की धुनों के साथ रथ यात्रा पर निकलते हैं। क्षेत्र के भक्त उनकी रथ यात्रा के साथ कूपर दढ़ निकलते हैं, जहां बूढ़ा महादेव का दूसरा छोटा मंदिर बना है। महादेव यहां देवलुओं के साथ तीन दिन तक ठहराव करते हैं। उसके बाद बारह भादों के दिन वापस अपने मंदिर लौटते हैं। स्थानीय गांव, घरोली, नित्थर और देहरा की महिलाएं रास्ते में अनाज और धूप से महादेव की पूजा-अर्चना करती हैं और अपने परिवार के लिए आशीर्वाद मांगती है। मंदिर के कारदार कर्मचंद ठाकुर और पुजारी सदानंद शर्मा ने कहा कि सैकड़ों वर्षों से यह मेला मनाया जाता है और नित्थर क्षेत्र के सभी लोग मेले में बढ़चढ़ कर भाग लेते हैं।
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वहीं निरमंड के ऊर्टू में भी देवता साहिब चंभू का ऐतिहासिक बारह भादो मेला धूमधाम से मनाया गया। यह इस क्षेत्र का राई जाच मेले के बाद दूसरा सबसे बड़ा और प्राचीन मेला है। दूरदराज क्षेत्रों के लोगों ने भी मेले में बढ़चढ़ कर भाग लिया। मेले में पारंपरिक वेशभूषा में ग्रामीण खूब झूमे। देवता चंभू ऊर्टू के कारदार राम दास ने कहा कि मेले में लोगों ने कोरोना नियमों का पालन भी किया। मेले के बाद देवता चंभू क्षेत्र दौरे के बाद अपने सभी गांव में दस्तक देंगे। कारदार रामदास ने बताया कि कोरोना महामारी के कारण देवता साहिब इस बार 4 साल के बाद क्षेत्र दौरे पर जाएंगे। वहीं स्थानीय निवासी अभिषेक ठाकुर सहित अन्य ग्रामीणों ने कहा कि मेले में देवता साहिब का आशीर्वाद पाकर काफी खुश हैं।
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