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Rampur Bushahar News: 12/20 घाटी में गहराया खाद्य सामग्री और रसोई गैस सिंलिडर का संकट

Fri, 10 Oct 2025 11:02 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Fri, 10 Oct 2025 11:02 PM IST
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The Seripul road has been closed for two months.
सेरीपुल में बाधित सड़क को बहाल करने में जुटी मशीन और मजदूर। संवाद
दो महीने से सेरीपुल सड़क पर वाहनों की आवाजाही बंद
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चार पंचायतों का कटा संपर्क, ग्रामीणों की दुश्वारियां बरकरार

संवाद न्यूज एजेंसी

डंसा (रामपुर बुशहर)। रामपुर-मझाली वाया तकलेच सड़क सेरीपुल में दो माह से बंद पड़ी हुई है। वाहनों की आवाजाही ठप होने से देवठी, कूहल, मुनिश और काशापाट चार पंचायतों के ग्रामीण परेशान हैं। सड़क पर 5 अगस्त से अभी तक वाहनों के पहिये थमे हुए हैं। 12/20 घाटी में खाद्य सामग्री और रसोई गैम सिलिंडर का संकट गहरा गया है। मरीजों को रामपुर या तकलेच अस्पताल पहुंचने के लिए भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। चारों पंचायतों में कृषि, बागवानी और पशुपालन के कार्य बुरी तरह प्रभावित हो गए हैं। खाना बनाने के लिए रसोई गैस सिलिंडर की आपूर्ति मुहैया नहीं हो पा रही है। मुनिश पंचायत की थड़ा सड़क भी वाहनों की आवाजाही के लिए बंद है। वहीं, सेरीपुल सड़क बंद होने के कारण कूहल पंचायत के बागवानों को सेब की पेटियां वाया बाहलीधार-लालसा होकर देश-प्रदेश की मंडियों को भेजनी पड़ रही हैं। इससे बागवानों को भारी दिक्कतें आ रही हैं। उधर, लोक निर्माण विभाग तकलेच के सहायक अभियंता गोवर्धन शर्मा ने बताया कि सेरीपुल के साथ सड़क पर युद्ध स्तर पर काम जारी है। सड़क की सुरक्षा के मद्देनजर मशीनों से कटिंग के साथ डंगे लगाने के लिए मजदूर लगाए गए हैँं। सोमवार तक छोटे वाहनों की आवाजाही शुरू करने के लिए विभाग प्रयासरत है। बड़े वाहनों के लिए सड़क को बहाल करने में अभी लंबा समय लग सकता है।


वैकल्पिक मार्गों के निर्माण की योजना बन रही


लोक निर्माण विभाग दो वैकल्पिक मार्गों के निर्माण की योजना तैयार कर रहा है, लेकिन इस योजना को सिरे चढ़ाने में लंबा समय लग सकता है। मुनीश पंचायत के प्रधान भजन दास, काशापाट पंचायत की प्रधान पुष्पा सनाटू और देवठी पंचायत के प्रधान संजीव कायथ का कहना है कि सेरीपुल से उरमण तक हर साल बरसात और सर्दियों के मौसम में भूस्खलन के चलते सड़क बाधित हो जाती है। इससे क्षेत्र के लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में लोक निर्माण विभाग को काफी पहले से ही विकल्प के तौर पर योजना पर विचार किया जाना चाहिए था। सेरीपुल में करोड़ों की राशि खर्च करवाने से बेहतर है कि नई सड़क बना दी जाए। लंबे समय से सड़क बंद होने से लोगों के रोजमर्रा के काम बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं।
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