{"_id":"674851d2f70303134a09b974","slug":"religious-program-bhavanagar-kinnaur-reckong-peo-bhavanagar-rampur-hp-news-c-178-1-ssml1034-125553-2024-11-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rampur Bushahar News: देवता साहिब का आदेश, एक दिन और चलेगा अनुष्ठान, रोकी देवताओं की विदाई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rampur Bushahar News: देवता साहिब का आदेश, एक दिन और चलेगा अनुष्ठान, रोकी देवताओं की विदाई
विज्ञापन
किन्नौर जिले के बरी गांव में काली नाग जी के मंदिर प्राण प्रतिष्ठा में नृत्य करते लोग। जागरूक प
अब आज दोपहर बाद भोज के बाद होगी देवी-देवताओं और जाइयां की विदाई
पारंपरिक परिधानों में सजधज कर ढोल नगाड़ों की थाप पर झूमे लोग
संवाद न्यूज एजेंसी
भावानगर (किन्नौर)। देवी-देवता अपने देवलुओं के साथ और जाइयां मंदिर से वीरवार को दोपहर बाद जैसे ही जाने की तैयारियां कर रहे थे, अचानक बरी के इष्ट देवता साहिब श्री काली नाग ने एक दिन और धार्मिक अनुष्ठान चलाने का आदेश दिया। उनके आदेश के बाद धार्मिक अनुष्ठान एक दिन और बढ़ गया है। मंदिर में दिनभर पारंपरिक परिधानों में सजधज कर ग्रामीणों ने ढोल-नगाड़ों की थाप नाटियों का खूब दौर चलाया। गौर हो कि करोड़ों की लागत से बने नवनिर्मित मंदिर बरी की प्राण प्रतिष्ठा में मां दुर्गा तरांडा, लक्ष्मी नारायण देवता साहिब किन्नू और दूर-दूर से जाइयां पहुंची हैं। स्थानीय देवता श्री काली नाग के सानिध्य में धार्मिक अनुष्ठान का आयोजन किया गया। प्राण प्रतिष्ठा में जिले भर के हजारों लोग शामिल हुए। वीरवार को दाेपहर बाद जैसी ही मंदिर से देवी-देवता, देवलू और जाइयां अपने-अपने गंतव्यों की ओर जाने लगी तो श्री काली नाग देवता साहिब बरी ने उन्हें रोक लिया। उसके बाद शाम तक मंदिर परिसर में किन्नौरी कायंग (नाटी) का खूब दौर चला। तीन देवी-देवता श्री काली नाग बरी, मां दुर्गा तरांडा और लक्ष्मी नारायण किन्नू देवता साहिब की मौजूदगी में देवलू और ग्रामीणों ने दिनभर नाटियों का दौर चलाया। वहीं, करोड़ों की लागत से नव निर्मित मंदिर के कार्य में जुटे कारीगर और उनकी पत्नियों को फूलमालाओं और वस्त्र देकर देवता साहिब की ओर से सम्मानित किया गया। साथ ही कमेटी के सदस्यों को भी इस दौरान सम्मानित किया गया। देवता श्री काली नाग के शुचारी नरेंद्र चारस और मोतमीन चंद्र लाल जिंटू और पूर्व प्रधान बरी पंचायत योग राज ने कहा कि श्री काली नाग देवता के आदेशानुसार विदाई नहीं हो पाई। उनके आदेश के अनुसार देवलू और जाइयां के लिए मंदिर में ही उचित प्रबंध किया गया है। आज दोपहर बाद भोज के बाद ही देवी देवताओं, देवलुओं और जाइयां की विदाई होगी।
देर रात तक चला सांस्कृतिक कार्यक्रम
वीरवार को सांस्कृतिक संध्या का भी आयोजन किया गया, जिसमें लोक गायक बीरबल किन्नौरी ने अपनी प्रस्तुतियों से धमाल मचाया। उन्होंने पारंपरिक गीत गाकर भी खूब वाहवाही बटोरी और लोगों को झूमने पर मजबूर किया। रात 10 बजे से 2:00 बजे तक मंदिर में सांस्कृतिक संध्या का आयोजन किया गया। रातभर मंदिर में हजारों लोग खूब थिरके।
विज्ञापन
पारंपरिक परिधानों में सजधज कर ढोल नगाड़ों की थाप पर झूमे लोग
संवाद न्यूज एजेंसी
भावानगर (किन्नौर)। देवी-देवता अपने देवलुओं के साथ और जाइयां मंदिर से वीरवार को दोपहर बाद जैसे ही जाने की तैयारियां कर रहे थे, अचानक बरी के इष्ट देवता साहिब श्री काली नाग ने एक दिन और धार्मिक अनुष्ठान चलाने का आदेश दिया। उनके आदेश के बाद धार्मिक अनुष्ठान एक दिन और बढ़ गया है। मंदिर में दिनभर पारंपरिक परिधानों में सजधज कर ग्रामीणों ने ढोल-नगाड़ों की थाप नाटियों का खूब दौर चलाया। गौर हो कि करोड़ों की लागत से बने नवनिर्मित मंदिर बरी की प्राण प्रतिष्ठा में मां दुर्गा तरांडा, लक्ष्मी नारायण देवता साहिब किन्नू और दूर-दूर से जाइयां पहुंची हैं। स्थानीय देवता श्री काली नाग के सानिध्य में धार्मिक अनुष्ठान का आयोजन किया गया। प्राण प्रतिष्ठा में जिले भर के हजारों लोग शामिल हुए। वीरवार को दाेपहर बाद जैसी ही मंदिर से देवी-देवता, देवलू और जाइयां अपने-अपने गंतव्यों की ओर जाने लगी तो श्री काली नाग देवता साहिब बरी ने उन्हें रोक लिया। उसके बाद शाम तक मंदिर परिसर में किन्नौरी कायंग (नाटी) का खूब दौर चला। तीन देवी-देवता श्री काली नाग बरी, मां दुर्गा तरांडा और लक्ष्मी नारायण किन्नू देवता साहिब की मौजूदगी में देवलू और ग्रामीणों ने दिनभर नाटियों का दौर चलाया। वहीं, करोड़ों की लागत से नव निर्मित मंदिर के कार्य में जुटे कारीगर और उनकी पत्नियों को फूलमालाओं और वस्त्र देकर देवता साहिब की ओर से सम्मानित किया गया। साथ ही कमेटी के सदस्यों को भी इस दौरान सम्मानित किया गया। देवता श्री काली नाग के शुचारी नरेंद्र चारस और मोतमीन चंद्र लाल जिंटू और पूर्व प्रधान बरी पंचायत योग राज ने कहा कि श्री काली नाग देवता के आदेशानुसार विदाई नहीं हो पाई। उनके आदेश के अनुसार देवलू और जाइयां के लिए मंदिर में ही उचित प्रबंध किया गया है। आज दोपहर बाद भोज के बाद ही देवी देवताओं, देवलुओं और जाइयां की विदाई होगी।
देर रात तक चला सांस्कृतिक कार्यक्रम
वीरवार को सांस्कृतिक संध्या का भी आयोजन किया गया, जिसमें लोक गायक बीरबल किन्नौरी ने अपनी प्रस्तुतियों से धमाल मचाया। उन्होंने पारंपरिक गीत गाकर भी खूब वाहवाही बटोरी और लोगों को झूमने पर मजबूर किया। रात 10 बजे से 2:00 बजे तक मंदिर में सांस्कृतिक संध्या का आयोजन किया गया। रातभर मंदिर में हजारों लोग खूब थिरके।
विज्ञापन