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Rampur Bushahar News: उप स्वास्थ्य केंद्र युला में तीन माह से लटका ताला
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प्राथमिक उपचार के लिए भी भटकने को मजबूर मरीज, कार्यप्रणाली पर जताया रोष
लोगों ने चेताया, जल्द स्टाफ की तैनाती नहीं की तो करेंगे आंदोलन
संवाद न्यूज एजेंसी
सांगला (किन्नौर)। जिला किन्नौर के स्वास्थ्य उपकेंद्र युला में बीते तीन माह से ताला लटका है। स्टाफ नहीं होने से स्वास्थ्य उपकेंद्र ग्रामीणों के लिए शोपीस बनकर रह गया। मरीजों को छोटी सी बीमारी के उपचार के लिए भी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में लोगों ने चेताया है कि अगर जल्द स्टाफ की तैनाती नहीं गई तो वे सड़क पर उतरकर आंदोलन करने को ग्रामीण मजबूर होंगे। गौर हो कि स्वास्थ्य उपकेंद्र युला से युला पंचायत के हजारों ग्रामीण लाभान्वित होते हैं लेकिन यहां पर तीन माह से स्टाफ की कमी के कारण ताला लटका है। स्वास्थ्य संस्थान बंद होने से मरीजों को प्राथमिक उपचार के लिए यहां से करीब पांच किलोमीटर दूर पीएचसी उरनी और 20 किलोमीटर दूर पीएचसी छोल्तू टापरी जाना पड़ रहा है। उप्रधान युला अंजु कुमारी नेगी, महिला मंडल अध्यक्षा युला चंद्र प्रभा नेगी, सूरज देवी नेगी, बंसती देवी नेगी, कुंदन लाल नेगी, जय सिंह नेगी, अश्वन देव नेगी, दिनेश नेगी, भजन सिंह नेगी और जयसिंह नेगी ने कहा कि एक अक्तूबर से स्वास्थ्य उपकेंद्र युला बंद है। ग्रामीणों को प्राथमिक उपचार तक की सुविधा नहीं मिल रही है। उन्होंने प्रदेश सरकार, जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग से जल्द स्टाफ की तैनाती की मांग उठाई है, जिससे मरीजों को राहत मिल सके। बीएमओ भावानगर डॉ. कविराज नेगी ने कहा कि खाली पदों का मामला सरकार के ध्यान में है। रिक्त पदों को लेकर समय-समय पर सरकार को पत्राचार किया जा रहा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि जल्द सरकार रिक्त पदों को भरेगी।
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लोगों ने चेताया, जल्द स्टाफ की तैनाती नहीं की तो करेंगे आंदोलन
संवाद न्यूज एजेंसी
सांगला (किन्नौर)। जिला किन्नौर के स्वास्थ्य उपकेंद्र युला में बीते तीन माह से ताला लटका है। स्टाफ नहीं होने से स्वास्थ्य उपकेंद्र ग्रामीणों के लिए शोपीस बनकर रह गया। मरीजों को छोटी सी बीमारी के उपचार के लिए भी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में लोगों ने चेताया है कि अगर जल्द स्टाफ की तैनाती नहीं गई तो वे सड़क पर उतरकर आंदोलन करने को ग्रामीण मजबूर होंगे। गौर हो कि स्वास्थ्य उपकेंद्र युला से युला पंचायत के हजारों ग्रामीण लाभान्वित होते हैं लेकिन यहां पर तीन माह से स्टाफ की कमी के कारण ताला लटका है। स्वास्थ्य संस्थान बंद होने से मरीजों को प्राथमिक उपचार के लिए यहां से करीब पांच किलोमीटर दूर पीएचसी उरनी और 20 किलोमीटर दूर पीएचसी छोल्तू टापरी जाना पड़ रहा है। उप्रधान युला अंजु कुमारी नेगी, महिला मंडल अध्यक्षा युला चंद्र प्रभा नेगी, सूरज देवी नेगी, बंसती देवी नेगी, कुंदन लाल नेगी, जय सिंह नेगी, अश्वन देव नेगी, दिनेश नेगी, भजन सिंह नेगी और जयसिंह नेगी ने कहा कि एक अक्तूबर से स्वास्थ्य उपकेंद्र युला बंद है। ग्रामीणों को प्राथमिक उपचार तक की सुविधा नहीं मिल रही है। उन्होंने प्रदेश सरकार, जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग से जल्द स्टाफ की तैनाती की मांग उठाई है, जिससे मरीजों को राहत मिल सके। बीएमओ भावानगर डॉ. कविराज नेगी ने कहा कि खाली पदों का मामला सरकार के ध्यान में है। रिक्त पदों को लेकर समय-समय पर सरकार को पत्राचार किया जा रहा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि जल्द सरकार रिक्त पदों को भरेगी।