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Rampur Bushahar News: बर्फबारी का दौर जारी, दो नेशनल हाईवे समेत दर्जन रूटों अवरुद्ध
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पांच दिन से जिला कुल्लू और रामपुर से रोहड़ू का कटा संपर्क, ननखड़ी-रामपुर की दो दर्जन से अधिक ग्रामीण सड़कें ठप
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। हिमाचल में बर्फबारी और बारिश का दौर शनिवार रात से फिर शुरू हो गया है। बर्फबारी का सबसे अधिक प्रभाव यातायात व्यवस्था पर पड़ा है। पांच दिन से नेशनल हाईवे पांच नारकंडा और एनएच 305 जलोड़ी जोत में बर्फबारी के कारण बाधित हैं। वहीं रामपुर ननखड़ी की दो दर्जन से अधिक ग्रामीण सड़कों पर वाहनों की रफ्तार पूरी तरह से थम गई है। ऐसे में हजारों लोगों को आवाजाही करने में परेशानियां झेलनी पड़ रही हैं। मंगलवार रात से बाधित नेशनल हाईवे पांच नारकंडा में यातायात के लिए बहाल नहीं हो पाया है। ऐसे में किन्नौर, रामपुर से शिमला की ओर वाया बसंतपुर होकर वाहनों की आवाजाही हो रही है। वहीं आउटर सराज क्षेत्र के जलोड़ी जोत भारी बर्फबारी से एनएच-305 बाधित है। इसे बहाल होने में अभी कई दिनों का समय लग सकता है। इस वजह से आनी और निरमंड उपमंडल के हजारों लोगों का जिला मुख्यालय कुल्लू से संपर्क कट गया है। लोग वाया मंडी होकर कुल्लू जाने को मजबूर हैं। रामपुर उपमंडल के अधिकतर इलाकों में यातायात ठप है। उपमंडल की 30 से अधिक ग्रामीण सड़कें बर्फबारी से बाधित हैं, जबकि ननखड़ी क्षेत्र की लाइफलाइन टिक्कर-खमाडी मार्ग भी कई दिनों से बंद है। ननखड़ी जाने वाली बसों को बड़ाच और नागाधार तक ही भेजा जा रहा है। भारी बर्फबारी के कारण दुर्गम क्षेत्रों में निगम की छह बसें फंसी हुई हैं। लगातार हो रही बर्फबारी के कारण लोक निर्माण विभाग के लिए बाधित सड़कों को बहाल करना मुश्किल हो गया है। विभाग की डेढ़ दर्जन मशीनें और दर्जनों मजदूर मार्गों को बहाल करने में जुटे हुए हैं। लोक निर्माण विभाग रामपुर के अधिशासी अभियंता रजनीश बहल ने बताया कि बर्फबारी से यातायात बहाल करना चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। सड़कों को बहाल करने में 20 मशीनें और दर्जनों मजदूर युद्धस्तर पर जुटे हैं। वहीं परिवहन निगम रामपुर डिपो के अड्डा प्रभारी स्वरूप दिवान ने कहा कि नारकंडा में रविवार को भी एनएच बाधित रहने से शिमला की ओर वाया बसंतपुर होकर बसों को भेजा गया।
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संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। हिमाचल में बर्फबारी और बारिश का दौर शनिवार रात से फिर शुरू हो गया है। बर्फबारी का सबसे अधिक प्रभाव यातायात व्यवस्था पर पड़ा है। पांच दिन से नेशनल हाईवे पांच नारकंडा और एनएच 305 जलोड़ी जोत में बर्फबारी के कारण बाधित हैं। वहीं रामपुर ननखड़ी की दो दर्जन से अधिक ग्रामीण सड़कों पर वाहनों की रफ्तार पूरी तरह से थम गई है। ऐसे में हजारों लोगों को आवाजाही करने में परेशानियां झेलनी पड़ रही हैं। मंगलवार रात से बाधित नेशनल हाईवे पांच नारकंडा में यातायात के लिए बहाल नहीं हो पाया है। ऐसे में किन्नौर, रामपुर से शिमला की ओर वाया बसंतपुर होकर वाहनों की आवाजाही हो रही है। वहीं आउटर सराज क्षेत्र के जलोड़ी जोत भारी बर्फबारी से एनएच-305 बाधित है। इसे बहाल होने में अभी कई दिनों का समय लग सकता है। इस वजह से आनी और निरमंड उपमंडल के हजारों लोगों का जिला मुख्यालय कुल्लू से संपर्क कट गया है। लोग वाया मंडी होकर कुल्लू जाने को मजबूर हैं। रामपुर उपमंडल के अधिकतर इलाकों में यातायात ठप है। उपमंडल की 30 से अधिक ग्रामीण सड़कें बर्फबारी से बाधित हैं, जबकि ननखड़ी क्षेत्र की लाइफलाइन टिक्कर-खमाडी मार्ग भी कई दिनों से बंद है। ननखड़ी जाने वाली बसों को बड़ाच और नागाधार तक ही भेजा जा रहा है। भारी बर्फबारी के कारण दुर्गम क्षेत्रों में निगम की छह बसें फंसी हुई हैं। लगातार हो रही बर्फबारी के कारण लोक निर्माण विभाग के लिए बाधित सड़कों को बहाल करना मुश्किल हो गया है। विभाग की डेढ़ दर्जन मशीनें और दर्जनों मजदूर मार्गों को बहाल करने में जुटे हुए हैं। लोक निर्माण विभाग रामपुर के अधिशासी अभियंता रजनीश बहल ने बताया कि बर्फबारी से यातायात बहाल करना चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। सड़कों को बहाल करने में 20 मशीनें और दर्जनों मजदूर युद्धस्तर पर जुटे हैं। वहीं परिवहन निगम रामपुर डिपो के अड्डा प्रभारी स्वरूप दिवान ने कहा कि नारकंडा में रविवार को भी एनएच बाधित रहने से शिमला की ओर वाया बसंतपुर होकर बसों को भेजा गया।