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Rampur Bushahar News: अनशन पर बैठे एसएमसी अध्यापकों के समर्थन में उतरा स्कूल प्रवक्ता संघ
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एसएमसी अध्यापकों के लिए स्थायी नीति बनाने की उठाई मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
रोहड़ू। हिमाचल प्रदेश स्कूल प्रवक्ता संघ जिला शिमला इकाई ने स्कूल प्रबंधन समिति के माध्यम से नियुक्त अध्यापकों के लिए नियमितीकरण नीति बनाने की मांग की है। संघ ने एसएमसी अध्यापकों द्वारा शिमला में किए जा रहे क्रमिक अनशन का समर्थन किया है। संघ के जिला अध्यक्ष अजय नेगी, महासचिव आकाशदीप शर्मा, केदार रांटा, प्रेमपाल दुल्टा, विकेश जनार्था, दुर्गा मेहता सहित अन्य पदाधिकारियों ने संयुक्त बयान में कहा कि प्रदेश के दूरदराज विद्यालयों में स्कूल प्रबंधन समिति के माध्यम से नियुक्त अध्यापकों के लिए नियमितीकरण की नीति बनाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में करीब 2,555 एसएमसी अध्यापक पिछले 12 वर्षों से प्रदेश के दुर्गम एवं अति दुर्गम क्षेत्रों में कम वेतन पर सेवाएं दे रहे हैं। लेकिन सरकार ने उनके लिए कोई भी स्थायी नीति का प्रारूप तैयार नहीं किया है। इससे इनका मानसिक और आर्थिक शोषण हो रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री और शिक्षामंत्री से मांग की कि वह एसएमसी शिक्षकों के शिमला में चल रहे क्रमिक अनशन को समाप्त करने हेतु शिक्षा विभाग को निर्देश दे। एसएमसी शिक्षकों की मांगों को पूरा किया जाए।
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संवाद न्यूज एजेंसी
रोहड़ू। हिमाचल प्रदेश स्कूल प्रवक्ता संघ जिला शिमला इकाई ने स्कूल प्रबंधन समिति के माध्यम से नियुक्त अध्यापकों के लिए नियमितीकरण नीति बनाने की मांग की है। संघ ने एसएमसी अध्यापकों द्वारा शिमला में किए जा रहे क्रमिक अनशन का समर्थन किया है। संघ के जिला अध्यक्ष अजय नेगी, महासचिव आकाशदीप शर्मा, केदार रांटा, प्रेमपाल दुल्टा, विकेश जनार्था, दुर्गा मेहता सहित अन्य पदाधिकारियों ने संयुक्त बयान में कहा कि प्रदेश के दूरदराज विद्यालयों में स्कूल प्रबंधन समिति के माध्यम से नियुक्त अध्यापकों के लिए नियमितीकरण की नीति बनाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में करीब 2,555 एसएमसी अध्यापक पिछले 12 वर्षों से प्रदेश के दुर्गम एवं अति दुर्गम क्षेत्रों में कम वेतन पर सेवाएं दे रहे हैं। लेकिन सरकार ने उनके लिए कोई भी स्थायी नीति का प्रारूप तैयार नहीं किया है। इससे इनका मानसिक और आर्थिक शोषण हो रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री और शिक्षामंत्री से मांग की कि वह एसएमसी शिक्षकों के शिमला में चल रहे क्रमिक अनशन को समाप्त करने हेतु शिक्षा विभाग को निर्देश दे। एसएमसी शिक्षकों की मांगों को पूरा किया जाए।