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Rampur Bushahar News: मल्टी टास्क वर्करों ने मांगा सालभर का मानदेय
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पार्टटाइम मल्टी टास्क वर्कर संघ ने सीपीएस से मिलकर उठाई मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
रोहड़ू। पार्टटाइम मल्टी टास्क वर्कर यूनियन छौहारा, रोहड़ू, रणसार ओर डोडरा क्वार के पदाधिकारियों ने रविवार को मुख्य संसदीय सचिव और क्षेत्र के विधायक मोहन लाल ब्राक्टा से मुलाकात की। यूनियन की अध्यक्ष रचाना की उपस्थिति में उन्होंने सीपीएस को बताया कि शिक्षा विभाग में 6,717 मल्टी टास्क वर्कर्स सेवाएं दे रहे हैं। वहीं रोहड़ू विधानसभा क्षेत्र में 190 मल्टी टास्क वर्कर्स काम कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि उनसे काम सुबह 8:30 बजे से शाम 11:30 बजे तक लिया जा रहा है लेकिन मानदेय के तौर पर मात्र 5,625 रुपये मिलते हैं। उनको सेवाएं देने के लिए एग्रीमेंट स्कूल प्रबंधन समिति के साथ करवाया जाता है। वहीं सेवाएं शिक्षा विभाग में ली जा रही है। उन्होंने कहा कि उनको अपने भविष्य की चिंता सता रही है। इसमें अधिकांश विधवा, विकलांग, अनाथ और एकल अत्यंत गरीब परिवार से जुडे़ लोग हैं। कई पचास वर्ष से अधिक उम्र के हैं। रचना ने सरकार से मांग की कि दस महीने की जगह उनको 12 महीने का वेतन दिया जाए। इसके अलावा साल की जितनी भी छुट्टियां और जनवरी और फरवरी में रहती है, उनको मिलाकर दो महीने का वेतन नहीं दिया जाता है। उन्होंने मांग की कि उनको पूरे साल का मानदेय दिया जाए। साथ ही उनका एग्रीमेंट शिक्षा विभाग के साथ करवाया जाए।
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संवाद न्यूज एजेंसी
रोहड़ू। पार्टटाइम मल्टी टास्क वर्कर यूनियन छौहारा, रोहड़ू, रणसार ओर डोडरा क्वार के पदाधिकारियों ने रविवार को मुख्य संसदीय सचिव और क्षेत्र के विधायक मोहन लाल ब्राक्टा से मुलाकात की। यूनियन की अध्यक्ष रचाना की उपस्थिति में उन्होंने सीपीएस को बताया कि शिक्षा विभाग में 6,717 मल्टी टास्क वर्कर्स सेवाएं दे रहे हैं। वहीं रोहड़ू विधानसभा क्षेत्र में 190 मल्टी टास्क वर्कर्स काम कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि उनसे काम सुबह 8:30 बजे से शाम 11:30 बजे तक लिया जा रहा है लेकिन मानदेय के तौर पर मात्र 5,625 रुपये मिलते हैं। उनको सेवाएं देने के लिए एग्रीमेंट स्कूल प्रबंधन समिति के साथ करवाया जाता है। वहीं सेवाएं शिक्षा विभाग में ली जा रही है। उन्होंने कहा कि उनको अपने भविष्य की चिंता सता रही है। इसमें अधिकांश विधवा, विकलांग, अनाथ और एकल अत्यंत गरीब परिवार से जुडे़ लोग हैं। कई पचास वर्ष से अधिक उम्र के हैं। रचना ने सरकार से मांग की कि दस महीने की जगह उनको 12 महीने का वेतन दिया जाए। इसके अलावा साल की जितनी भी छुट्टियां और जनवरी और फरवरी में रहती है, उनको मिलाकर दो महीने का वेतन नहीं दिया जाता है। उन्होंने मांग की कि उनको पूरे साल का मानदेय दिया जाए। साथ ही उनका एग्रीमेंट शिक्षा विभाग के साथ करवाया जाए।