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Rampur Bushahar News: सांप के काटने के लक्षण और बचाव तरीके बताए
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संवाद न्यूज एजेंसी
भावानगर (किन्नौर)। छोल्तू में सुरक्षा पखवाड़ा कार्यक्रम के तहत कड़छम वांगतू परियोजना में कर्मचारियों को सुरक्षा प्रमुख एवं बांध सुरक्षा अधिकारी नितिन गुप्ता और लेफ्टिनेंट कर्नल रिटायर्ड डॉक्टर शशि कांत ने जागरूक किया। उन्होंने कर्मचारियों को सांप के काटने के लक्षणों और बचाव की जानकारी दी। इस दौरान सुरक्षा को लेकर मॉक ड्रिल का आयोजन भी किया गया। नितिन गुप्ता ने कहा कि भारत में हर वर्ष लगभग 46,000 व्यक्तियों की मृत्यु सर्पदंश से होती है। इनमें 15 प्रतिशत लोगों की मृत्यु विषैले सांप से और 85 प्रतिशत लोगों की मृत्यु विषहीन सांप के काटने से होती है। उन्होंने कहा कि जानकारी के अभाव में 85 प्रतिशत लोगों की मृत्यु हो जाती है। विषैले सांप के काटने के लक्षणों को जानने पर उसका प्राथमिक उपचार कर इलाज के लिए अस्पताल ले जाकर व्यक्ति को बचाया जा सकता है। उन्होंने बताया कि अगर सांप ने काटा है तो व्यक्ति के शरीर पर दो दांत के निशान होंगे, कटे हुए जगह पर दर्द, नींद आना, मुंह से झाग आना, निगलने में परेशानी, जी मचलना, पेट में दर्द और काटे गए स्थान पर जलन होती है। इससे बचाव के लिए काटे गए स्थान को साबुन के पानी से धोएं और दांत के निशान की जांच करें। अगर दो दांत के निशान होंगे, तो यह विषैले सांप के काटने की पहचान है, जिस पर सर्पदंश वाले अंग को चिन्हित करके घायल को तुरंत अस्पताल ले जाएं। इस दौरान उन्होंने सुरक्षा पखवाड़ा के दौरान कर्मचारियों को सुरक्षा जागरूकता अभियान में शामिल होने की अपील की। उन्होंने कहा कि इन मॉक रिहर्सल और अभ्यास से हम प्रतिक्रिया का समय पर मूल्यांकन कर सकते हैं। इसे आगे भी जारी रखा जाएगा। इस अवसर पर परियोजना प्रमुख कौशिक मौलिक, जनरल मैनेजर अजय नाथ, चीफ इंजीनियर सुनील कुमार, राहुल पांडेय और अमित कंबोज सहित कई अन्य मौजूद रहे।
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भावानगर (किन्नौर)। छोल्तू में सुरक्षा पखवाड़ा कार्यक्रम के तहत कड़छम वांगतू परियोजना में कर्मचारियों को सुरक्षा प्रमुख एवं बांध सुरक्षा अधिकारी नितिन गुप्ता और लेफ्टिनेंट कर्नल रिटायर्ड डॉक्टर शशि कांत ने जागरूक किया। उन्होंने कर्मचारियों को सांप के काटने के लक्षणों और बचाव की जानकारी दी। इस दौरान सुरक्षा को लेकर मॉक ड्रिल का आयोजन भी किया गया। नितिन गुप्ता ने कहा कि भारत में हर वर्ष लगभग 46,000 व्यक्तियों की मृत्यु सर्पदंश से होती है। इनमें 15 प्रतिशत लोगों की मृत्यु विषैले सांप से और 85 प्रतिशत लोगों की मृत्यु विषहीन सांप के काटने से होती है। उन्होंने कहा कि जानकारी के अभाव में 85 प्रतिशत लोगों की मृत्यु हो जाती है। विषैले सांप के काटने के लक्षणों को जानने पर उसका प्राथमिक उपचार कर इलाज के लिए अस्पताल ले जाकर व्यक्ति को बचाया जा सकता है। उन्होंने बताया कि अगर सांप ने काटा है तो व्यक्ति के शरीर पर दो दांत के निशान होंगे, कटे हुए जगह पर दर्द, नींद आना, मुंह से झाग आना, निगलने में परेशानी, जी मचलना, पेट में दर्द और काटे गए स्थान पर जलन होती है। इससे बचाव के लिए काटे गए स्थान को साबुन के पानी से धोएं और दांत के निशान की जांच करें। अगर दो दांत के निशान होंगे, तो यह विषैले सांप के काटने की पहचान है, जिस पर सर्पदंश वाले अंग को चिन्हित करके घायल को तुरंत अस्पताल ले जाएं। इस दौरान उन्होंने सुरक्षा पखवाड़ा के दौरान कर्मचारियों को सुरक्षा जागरूकता अभियान में शामिल होने की अपील की। उन्होंने कहा कि इन मॉक रिहर्सल और अभ्यास से हम प्रतिक्रिया का समय पर मूल्यांकन कर सकते हैं। इसे आगे भी जारी रखा जाएगा। इस अवसर पर परियोजना प्रमुख कौशिक मौलिक, जनरल मैनेजर अजय नाथ, चीफ इंजीनियर सुनील कुमार, राहुल पांडेय और अमित कंबोज सहित कई अन्य मौजूद रहे।