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Rampur Bushahar News: दो माह से वेतन को तरस रहे 120 गृहरक्षक
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पुलिस थानों, चौकियों, मंदिरों और अस्पतालों में सेवाएं दे रहे हैं जवान
वेतन की अदायगी न होने से परिवार का पालन-पोषण का संकट हुआ खड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी
सांगला (किन्नौर)। जनजातीय जिला किन्नौर में बीते दो माह से 120 गृहरक्षकों को वेतन नहीं मिला है। इससे जवानों को अपने परिवार के भरण-पोषण की चिंता सता रही है। वहीं उन्हें आर्थिक और मानसिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। गौर हो कि किन्नौर जिले के चौरा से लेकर सुमरा तक देव मंदिरों, चौकियों, पुलिस थानों, ट्रैफिक ड्यूटी और अस्पतालों में गृहरक्षक सेवाएं दे रहे हैं लेकिन बीते दो माह से उन्हें वेतन की अदायगी नहीं हो पाई है। ऐसे में जवानों को मंहगाई के दौर में आर्थिक और मानसिक परेशानियों के दौर से गुजरना पड़ रहा है। पूर्व प्रदेश वन विकास निगम के उपाध्यक्ष सूरत नेगी ने कहा कि प्रदेश में व्यवस्था परिवर्तन करने वाली कांग्रेस सरकार जिलेभर के करीब 120 जवानों को वेतन देने में पूरी तरह से असफल है। उन्होंने राजस्व, बागवानी एवं जनजातीय विकास मंत्री जगत सिह नेगी से कहा कि किन्नौर में दिन-रात कठिन विकट भौगोलिक परिस्थितियों में रहकर सेवाएं देने वाले सभी जवानों को शीघ्र वेतन दिया जाए। अन्यथा वे सड़क पर उतरकर आंदोलन किया जाएगा। वहीं, जिला मुख्यालय रिकांगपिओ में तैनात होमगार्ड के कमांडेंट सुरेश कुमार चौहान ने कहा कि होमगार्ड के तहत आने वाले सारे जवानों को वेतन दे दिया गया है। पुलिस थानों, चौकियों, बैरियरों, मंदिर, यातायात और अस्पतालों में सेवाएं देने वाले सभी जवानों को पुलिस प्रशासन द्वारा वेतन दिया जाता है। शायद बजट की दिक्कत के कारण नहीं समस्या आ रही है। इसके लिए पुलिस प्रशासन से बात की गई है। एसपी किन्नौर विवेक चहल ने माना कि बजट के अभाव के चलते कुछ जवानों को समय पर वेतन नहीं मिला है। जैसे ही बजट आएगा, वेतन की अदायगी कर दी जाएगी।
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वेतन की अदायगी न होने से परिवार का पालन-पोषण का संकट हुआ खड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी
सांगला (किन्नौर)। जनजातीय जिला किन्नौर में बीते दो माह से 120 गृहरक्षकों को वेतन नहीं मिला है। इससे जवानों को अपने परिवार के भरण-पोषण की चिंता सता रही है। वहीं उन्हें आर्थिक और मानसिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। गौर हो कि किन्नौर जिले के चौरा से लेकर सुमरा तक देव मंदिरों, चौकियों, पुलिस थानों, ट्रैफिक ड्यूटी और अस्पतालों में गृहरक्षक सेवाएं दे रहे हैं लेकिन बीते दो माह से उन्हें वेतन की अदायगी नहीं हो पाई है। ऐसे में जवानों को मंहगाई के दौर में आर्थिक और मानसिक परेशानियों के दौर से गुजरना पड़ रहा है। पूर्व प्रदेश वन विकास निगम के उपाध्यक्ष सूरत नेगी ने कहा कि प्रदेश में व्यवस्था परिवर्तन करने वाली कांग्रेस सरकार जिलेभर के करीब 120 जवानों को वेतन देने में पूरी तरह से असफल है। उन्होंने राजस्व, बागवानी एवं जनजातीय विकास मंत्री जगत सिह नेगी से कहा कि किन्नौर में दिन-रात कठिन विकट भौगोलिक परिस्थितियों में रहकर सेवाएं देने वाले सभी जवानों को शीघ्र वेतन दिया जाए। अन्यथा वे सड़क पर उतरकर आंदोलन किया जाएगा। वहीं, जिला मुख्यालय रिकांगपिओ में तैनात होमगार्ड के कमांडेंट सुरेश कुमार चौहान ने कहा कि होमगार्ड के तहत आने वाले सारे जवानों को वेतन दे दिया गया है। पुलिस थानों, चौकियों, बैरियरों, मंदिर, यातायात और अस्पतालों में सेवाएं देने वाले सभी जवानों को पुलिस प्रशासन द्वारा वेतन दिया जाता है। शायद बजट की दिक्कत के कारण नहीं समस्या आ रही है। इसके लिए पुलिस प्रशासन से बात की गई है। एसपी किन्नौर विवेक चहल ने माना कि बजट के अभाव के चलते कुछ जवानों को समय पर वेतन नहीं मिला है। जैसे ही बजट आएगा, वेतन की अदायगी कर दी जाएगी।