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Rampur Bushahar News: उपस्वास्थ्य केंद्र ब्रुआ में तीन वर्ष से लटका ताला, स्वास्थ्य सुविधा से वंचित ग्रामीण
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प्राथमिक उपचार के लिए 16 से 30 किलोमीटर का सफर करने को मजबूर ग्रामीण
प्रतिनियुक्ति के सहारे चल रहा स्वास्थ्य उपकेंद्र, अधिकांश समय रहता है बंद
संवाद न्यूज एजेंसी
सांगला (किन्नौर)। प्रदेश के कठिनतम और दुर्गम क्षेत्रों में खोले गए स्वास्थ्य केंद्रों में स्टाफ की कमी के कारण हजारों लोग दुश्वारियां झेल रहे हैं। प्राथमिक उपचार तक की सुविधा नहीं मिलने से ग्रामीणों को कई किलोमीटर दूर जाने को मजबूर हैं। किन्नौर जिले की ब्रुआ पंचायत का भी कुछ ऐसा ही हाल है। यहां स्थित स्वास्थ्य उपकेंद्र में बीते तीन वर्ष से ताला लटका है। हालत यह है कि प्रतिनियुक्ति के सहारे ग्रामीणों को स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया करवाई जा रही है, जो हजारों की आबादी के लिए नाकाफी है। करीब 1600 की आबादी स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए भटकने को मजबूर है। सर्दियों के मौसम में जब भारी बर्फबारी होती है, तो ग्रामीणों को स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध नहीं हो पाती है। सबसे अधिक परेशानियां बुजुर्गों और बच्चों को झेलनी पड़ रही हैं। लोगों ने बताया कि स्वास्थ्य सुविधाएं नहीं मिलने से उन्हें छोटी सी बीमारी का उपचार करवाने के लिए 16 किलोमीटर दूर छोल्तू, 23 किलोमीटर दूर सांगला या फिर 30 किलोमीटर दूर जिला मुख्यालय रिकांगपिओ जाना पड़ रहा है। स्वास्थ्य केंद्र में प्रतिनियुक्ति पर भेजकर ग्रामीणों को स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया करवाई जा रही हैं, जबकि अधिकांश समय केंद्र में ताला लटका रहता है। ग्रामीणों ने यहां जल्द ही पुरूष और महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता तैनात करने की मांग उठाई है। भाजपा बूथ अध्यक्ष ब्रुआ मनोज नेगी, उपाध्यक्ष छोटू राम नेगी, सचिव खुशहाल नेगी, विरेंद्र नेगी, अरूण कुमार नेगी, रामराज नेगी और धनराज नेगी सहित अन्य ग्रामीणों ने कहा कि सर्दियों में जब बर्फबारी होती है, तो ग्रामीण खासा परेशान होते है। उन्होंने प्रदेश सरकार, जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग से स्वास्थ्य उपकेंद्र में जल्द स्टाफ की स्थायी तैनाती करने की मांग की है। बीएमओ सांगला डॉ. वेंकट नेगी ने बताया कि ग्रामीणों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए प्रतिनियुक्ति पर स्टाफ भेजा जा रहा है। स्वास्थ्य केंद्र में जल्द स्टाफ की स्थायी नियुक्ति की जाएगी।
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प्रतिनियुक्ति के सहारे चल रहा स्वास्थ्य उपकेंद्र, अधिकांश समय रहता है बंद
संवाद न्यूज एजेंसी
सांगला (किन्नौर)। प्रदेश के कठिनतम और दुर्गम क्षेत्रों में खोले गए स्वास्थ्य केंद्रों में स्टाफ की कमी के कारण हजारों लोग दुश्वारियां झेल रहे हैं। प्राथमिक उपचार तक की सुविधा नहीं मिलने से ग्रामीणों को कई किलोमीटर दूर जाने को मजबूर हैं। किन्नौर जिले की ब्रुआ पंचायत का भी कुछ ऐसा ही हाल है। यहां स्थित स्वास्थ्य उपकेंद्र में बीते तीन वर्ष से ताला लटका है। हालत यह है कि प्रतिनियुक्ति के सहारे ग्रामीणों को स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया करवाई जा रही है, जो हजारों की आबादी के लिए नाकाफी है। करीब 1600 की आबादी स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए भटकने को मजबूर है। सर्दियों के मौसम में जब भारी बर्फबारी होती है, तो ग्रामीणों को स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध नहीं हो पाती है। सबसे अधिक परेशानियां बुजुर्गों और बच्चों को झेलनी पड़ रही हैं। लोगों ने बताया कि स्वास्थ्य सुविधाएं नहीं मिलने से उन्हें छोटी सी बीमारी का उपचार करवाने के लिए 16 किलोमीटर दूर छोल्तू, 23 किलोमीटर दूर सांगला या फिर 30 किलोमीटर दूर जिला मुख्यालय रिकांगपिओ जाना पड़ रहा है। स्वास्थ्य केंद्र में प्रतिनियुक्ति पर भेजकर ग्रामीणों को स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया करवाई जा रही हैं, जबकि अधिकांश समय केंद्र में ताला लटका रहता है। ग्रामीणों ने यहां जल्द ही पुरूष और महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता तैनात करने की मांग उठाई है। भाजपा बूथ अध्यक्ष ब्रुआ मनोज नेगी, उपाध्यक्ष छोटू राम नेगी, सचिव खुशहाल नेगी, विरेंद्र नेगी, अरूण कुमार नेगी, रामराज नेगी और धनराज नेगी सहित अन्य ग्रामीणों ने कहा कि सर्दियों में जब बर्फबारी होती है, तो ग्रामीण खासा परेशान होते है। उन्होंने प्रदेश सरकार, जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग से स्वास्थ्य उपकेंद्र में जल्द स्टाफ की स्थायी तैनाती करने की मांग की है। बीएमओ सांगला डॉ. वेंकट नेगी ने बताया कि ग्रामीणों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए प्रतिनियुक्ति पर स्टाफ भेजा जा रहा है। स्वास्थ्य केंद्र में जल्द स्टाफ की स्थायी नियुक्ति की जाएगी।