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Rampur Bushahar News: गर्मी और सूखे की मार, झड़ने लगी सेब की फसल
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रोहड़ू। सेब के पौधों से फलों की लगातार हो रही फलों के झड़ने ने बागवानों की नींद उड़ा दी है। गर्मी बढ़ने के साथ लगातार बढ़ रही ड्रापिंग के बाद पौधों में सेब की फसल आधी रह गई है। ऐसे में अच्छी पैदावार को लेकर लग रहे अनुमान फलों के झड़ने के बाद घटने लगे हैं। सेब के बगीचों में बीते एक सप्ताह से गर्मी बढ़ने के बाद लगातार फल झड़ने की प्रकिया चल रही है। चिंता की बात यह है कि ओला प्रभावित बगीचों में फल झड़ने से भारी नुकसान हो रहा है। क्षेत्र के बागवानों का कहना है कि निचले क्षेत्र के बगीचों में भारी मात्रा में सेब के फल झड़ रहे हैं। इससे इस साल सामान्य पैदावार का अनुमान फल झड़ने से बदल गया है।
लगातार गर्मी से बगीचों में सामान्य से कम फसल ही रह गई है। अभी कुछ दिन और फल झड़ने की प्रकिया जारी रही तो उत्पादन पर इसका खासा असर पड़ेगा। पूर्व उद्यान विकास अधिकारी आगर दास का कहना है कि बगीचों में इस महीने फल झड़ना एक सामान्य प्रक्रिया है। कम फसल से अच्छी गुणवत्ता का फल तैयार होगा। इससे बागवानों को बाजार में अच्छे दाम मिलेंगे। ओला प्रभावित क्षेत्र में अधिक फल झड़ रहे हैं। बागवानी विशेषज्ञ डाॅ. नरेंद्र कायथ ने बताया कि पौधे में क्षमता से अधिक फल लगने के कारण फलों की टहनियों से पर्याप्त हारमोन नहीं मिलते हैं। इसके कारण और सही परागण न होने से मई व जून में सेब के फल गिरने की प्रक्रिया चलती है। गर्मी के कारण आजकल फलों का झड़ना सामान्य प्रक्रिया है।
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लगातार गर्मी से बगीचों में सामान्य से कम फसल ही रह गई है। अभी कुछ दिन और फल झड़ने की प्रकिया जारी रही तो उत्पादन पर इसका खासा असर पड़ेगा। पूर्व उद्यान विकास अधिकारी आगर दास का कहना है कि बगीचों में इस महीने फल झड़ना एक सामान्य प्रक्रिया है। कम फसल से अच्छी गुणवत्ता का फल तैयार होगा। इससे बागवानों को बाजार में अच्छे दाम मिलेंगे। ओला प्रभावित क्षेत्र में अधिक फल झड़ रहे हैं। बागवानी विशेषज्ञ डाॅ. नरेंद्र कायथ ने बताया कि पौधे में क्षमता से अधिक फल लगने के कारण फलों की टहनियों से पर्याप्त हारमोन नहीं मिलते हैं। इसके कारण और सही परागण न होने से मई व जून में सेब के फल गिरने की प्रक्रिया चलती है। गर्मी के कारण आजकल फलों का झड़ना सामान्य प्रक्रिया है।
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